संगीत ऐसी भाषा, जिसे समझने के लिए शब्दों की आवश्यकता नहीं

संगीत ऐसी भाषा, जिसे समझने के लिए शब्दों की आवश्यकता नहीं

चन्द्र प्रकाश जोशी

अजमेर (Ajmer news). संगीत एक ऐसी भाषा है जिसे समझने के लिए शब्दों की आवश्यकता नहीं होती। यह सीधे दिल से निकल कर दिल तक पहुंचती है। चाहे कोई भी देश, भाषा या संस्कृति हो संगीत सबको जोड़ने की शक्ति रखता है। जब सुर सही लगते हैं तो ऐसा लगता है जैसे आत्मा को शांति मिली रही हो। यह कहना है अजमेर के जाने-माने संगीतज्ञ और इलेक्ट्रिक हवाइयन गिटार वाद्यवादक गोप मीरानी का। मीरानी का नाम अजमेर ही नहीं संगीत की दुनिया से जुड़े तमाम कलाकार सम्मान के साथ लेते हैं। मीरानी इलेक्ट्रिक हवाइयन गिटार में पारंगत तो हैं ही, कइयों के प्रेरणा स्त्रोत भी हैं।

कॉलेज के प्रोग्राम से शुरुआत

करीब अस्सी की उम्र पार कर चुके मीरानी बताते हैं कि वे कई वर्षों से इलेक्ट्रिक हवायन गिटार बजाते हैं। अपने कॉलेज के दिनों में (1960-66) उन्होंने दो एक परफॉर्मेंस दिए थे। शुरू में स्व. राजेन्द्र सिंह ने गिटार बजाना सिखाया था बाद में स्व. डी. एस. रेड्डी के नेतृत्व में कई प्रोग्राम किए। गिटार बजाना उनका शौक था और वे भारतीय स्टेट बैंक में काम करते थे।

बचपन से ही संगीत में रुचि रही

फैमिली बड़ी होने की वजह से रियाज़ नहीं कर पाते थे। उन्होंने वर्ष1990 के बाद भाई साहब के बड़े उद्योग को ज्वाइन कर लिया था। करीब 35 साल तक रियाज़ ही नहीं कर पाए। फिर वे 2009 में सप्तक संगीत संस्था से जुड़े और तब से इनके सान्निध्य में कई प्रोग्राम दे चुके हैं। बचपन से ही संगीत में रुचि रही और अब पूर्ण रूप से समर्पण रहता है।

संगीत केवल मनोरंजन नहीं

मीरानी बताते हैं कि संगीत केवल मनोरंजन नहीं है बल्कि यह मन को सुकून देने और आत्मा को ऊंचाई देने का माध्यम है। संगीत केवल कला नहीं बल्कि साधना है। इसमें निरंतर अभ्यास धैर्य और समर्पण की आवश्यकता होती है। वाद्य संगीत विशेषकर गिटार या हवाइयन गिटार जैसे वाद्य बिना शब्दों के भी भावनाओं को व्यक्त कर सकते हैं। कई बार एक मधुर धुन वह कह देती है जो हज़ारों शब्द भी नहीं कह पाते।

संगीत ईश्वर का आशीर्वाद

वे बताते हैं कि उनके लिए संगीत केवल एक शौक नहीं बल्कि ईश्वर का आशीर्वाद है। रियाज़ के बाद जब गिटार के सुर छेड़ता हूं तो ऐसा लगता है जैसे ईश्वर से संवाद हो रहा है। यही संगीत की सबसे बड़ी सुंदरता है।

एस. हजारा की गिटार मिली गिफ्ट

देश के जाने माने हवाइयन गिटाररिस्ट एस. हजारा सिंह के बेटे ठाकुर सिंह ने हजारा सिंह जी की हवाइयन गिटार मीरानी को गिफ्ट की है। आज भी वे इसी गिटार से प्रस्तुति देते हैं।

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