राष्ट्रीय लोक अदालत में 745 मामलों का निपटारा:1.62 करोड़ से अधिक का समझौता, प्रधान जिला जज ने किया उद्घाटन

राष्ट्रीय लोक अदालत में 745 मामलों का निपटारा:1.62 करोड़ से अधिक का समझौता, प्रधान जिला जज ने किया उद्घाटन

शेखपुरा में वर्ष की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 745 मामलों का निपटारा किया गया। इस दौरान 1 करोड़ 62 लाख रुपए से अधिक का समझौता हुआ, जिसमें से 1 करोड़ 11 लाख रुपए से अधिक की राशि मौके पर ही वसूल की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सुशील प्रसाद ने बताया कि निपटाए गए मामलों में बिजली बिल से संबंधित 344 मामले, ट्रैफिक और टेलीफोन के 269 मामले शामिल थे। इसके अतिरिक्त, विभिन्न बैंकों से संबंधित 309 मामलों और न्यायालय में लंबित 126 मामलों का भी आपसी समझौते के आधार पर निपटारा किया गया। इस राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन परिवार न्यायालय परिसर भवन में किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष और प्रधान जिला जज संतोष कुमार तिवारी ने दीप जलाकर इसका विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर स्थाई लोक अदालत के अध्यक्ष कुमुद रंजन सिंह, परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश सर्वेंद्र प्रताप सिंह, एडीजे मधु अग्रवाल, राकेश कुमार रजक, रविंद्र कुमार सहित जिला विधिज्ञ संघ के अध्यक्ष विनोद कुमार सिंह, महासचिव विपिन कुमार और कई न्यायिक पदाधिकारी तथा बैंक प्रबंधक उपस्थित थे। अपने मुकदमों के समाप्ति के लिए आए बड़ी संख्या में महिला और पुरुष उपस्थित रहे। उद्घाटन अवसर पर लोगों को संबोधित करते हुए प्रधान जिला जज संतोष कुमार तिवारी ने सभी लोगों को आगे जाकर लोक अदालत से लाभान्वित होने की अपील की। उन्होंने बताया कि लोक अदालत आपसी विवादों के निपटारा का सबसे सुगम और सरल मंच है। यहां समय के साथ-साथ रूपए के भी बचत होती है। वैसे नियमित न्यायालय में मामलों के निष्पादन में लंबा समय लग जाता है। जहां एक पक्ष की हार और दूसरे की जीत होती है। लेकिन लोक अदालत में दोनों पक्ष की जीत होती है। विवाद समाप्त होने के साथ-साथ उन सभी में सौहार्द भी काम हो जाता है। उन्होंने उद्घाटन अवसर पर बैंक प्रबंधकों को उदारता के साथ लोगों के मामलों का निष्पादन करने की सलाह दी। इस अवसर पर स्थाई लोक अदालत के अध्यक्ष कुमुद रंजन सिंह ने बताया कि लोक अदालत की सफलता पर सभी जिलों में स्थाई लोक अदालत का भी गठन कर दिया गया है। 3 माह पर लगने वाले इस विशेष राष्ट्रीय लोक अदालत के साथ-साथ प्रतिदिन भी लोग अपने जिले के लोक अदालत कार्यालय में जाकर मामलों का निपटारा कर सकते हैं। राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा न्यायिक अधिकारियों की सात पीठ बनाई गई थी। सभी पीठ में अधिवक्ताओं को भी शामिल किया गया था । नजिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सुशील प्रसाद ने लोक अदालत में आशा के अनुरूप मामलों के निष्पादन पर सभी संबंधित पक्षों को धन्यवाद दिया। शेखपुरा में वर्ष की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 745 मामलों का निपटारा किया गया। इस दौरान 1 करोड़ 62 लाख रुपए से अधिक का समझौता हुआ, जिसमें से 1 करोड़ 11 लाख रुपए से अधिक की राशि मौके पर ही वसूल की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सुशील प्रसाद ने बताया कि निपटाए गए मामलों में बिजली बिल से संबंधित 344 मामले, ट्रैफिक और टेलीफोन के 269 मामले शामिल थे। इसके अतिरिक्त, विभिन्न बैंकों से संबंधित 309 मामलों और न्यायालय में लंबित 126 मामलों का भी आपसी समझौते के आधार पर निपटारा किया गया। इस राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन परिवार न्यायालय परिसर भवन में किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष और प्रधान जिला जज संतोष कुमार तिवारी ने दीप जलाकर इसका विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर स्थाई लोक अदालत के अध्यक्ष कुमुद रंजन सिंह, परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश सर्वेंद्र प्रताप सिंह, एडीजे मधु अग्रवाल, राकेश कुमार रजक, रविंद्र कुमार सहित जिला विधिज्ञ संघ के अध्यक्ष विनोद कुमार सिंह, महासचिव विपिन कुमार और कई न्यायिक पदाधिकारी तथा बैंक प्रबंधक उपस्थित थे। अपने मुकदमों के समाप्ति के लिए आए बड़ी संख्या में महिला और पुरुष उपस्थित रहे। उद्घाटन अवसर पर लोगों को संबोधित करते हुए प्रधान जिला जज संतोष कुमार तिवारी ने सभी लोगों को आगे जाकर लोक अदालत से लाभान्वित होने की अपील की। उन्होंने बताया कि लोक अदालत आपसी विवादों के निपटारा का सबसे सुगम और सरल मंच है। यहां समय के साथ-साथ रूपए के भी बचत होती है। वैसे नियमित न्यायालय में मामलों के निष्पादन में लंबा समय लग जाता है। जहां एक पक्ष की हार और दूसरे की जीत होती है। लेकिन लोक अदालत में दोनों पक्ष की जीत होती है। विवाद समाप्त होने के साथ-साथ उन सभी में सौहार्द भी काम हो जाता है। उन्होंने उद्घाटन अवसर पर बैंक प्रबंधकों को उदारता के साथ लोगों के मामलों का निष्पादन करने की सलाह दी। इस अवसर पर स्थाई लोक अदालत के अध्यक्ष कुमुद रंजन सिंह ने बताया कि लोक अदालत की सफलता पर सभी जिलों में स्थाई लोक अदालत का भी गठन कर दिया गया है। 3 माह पर लगने वाले इस विशेष राष्ट्रीय लोक अदालत के साथ-साथ प्रतिदिन भी लोग अपने जिले के लोक अदालत कार्यालय में जाकर मामलों का निपटारा कर सकते हैं। राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा न्यायिक अधिकारियों की सात पीठ बनाई गई थी। सभी पीठ में अधिवक्ताओं को भी शामिल किया गया था । नजिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सुशील प्रसाद ने लोक अदालत में आशा के अनुरूप मामलों के निष्पादन पर सभी संबंधित पक्षों को धन्यवाद दिया।  

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