राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलह से निपटे मामले:राजस्व वाद, बिजली-पानी के विवाद निपटाए, जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अध्यक्षता में संवाद

राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलह से निपटे मामले:राजस्व वाद, बिजली-पानी के विवाद निपटाए, जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अध्यक्षता में संवाद

खगड़िया में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार, खगड़िया के तत्वावधान में सिविल कोर्ट खगड़िया और सिविल कोर्ट गोगरी में यह अदालत लगी। इसका उद्देश्य विभिन्न प्रकार के मामलों का त्वरित, सुलभ और नि:शुल्क निपटारा करना था। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) के अध्यक्ष राजेश कुमार बच्चन ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने लोक अदालत में उपस्थित आमजनों से सीधा संवाद किया। उन्होंने लोगों की समस्याओं को सुना और मामलों के त्वरित तथा सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। न्यायाधीश बच्चन ने बताया कि लोक अदालत न्याय व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इसके जरिए लोगों को कम समय में और बिना अतिरिक्त खर्च के न्याय प्राप्त करने का अवसर मिलता है। राष्ट्रीय लोक अदालत में आपराधिक शमनीय वाद, बैंक ऋण वसूली, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT) से जुड़े मामले, वैवाहिक वाद (तलाक को छोड़कर), श्रम विवाद और भूमि अधिग्रहण से संबंधित मामलों का निपटारा किया गया। इसके अतिरिक्त, राजस्व वाद, बिजली एवं पानी बिल विवाद, सेवा वाद और भरण-पोषण से जुड़े मामलों सहित कई अन्य प्रकार के विवादों को भी सुलह-समझौते के आधार पर निपटाया गया। जिलाधिकारी सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के उपाध्यक्ष नवीन कुमार के मार्गदर्शन में लोक अदालत के सफल संचालन के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। अधिकारियों ने बताया कि लोक अदालत से न केवल न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम होता है, बल्कि आम लोगों को भी शीघ्र न्याय प्राप्त करने में सहायता मिलती है। इस अवसर पर न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं, न्यायालय कर्मियों और जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई। लोक अदालत में बड़ी संख्या में पक्षकार उपस्थित रहे, जिससे कई मामलों का आपसी सहमति से निष्पादन कर लोगों को त्वरित न्याय उपलब्ध कराया गया।
अधिकारियों ने आम लोगों से अपील की कि वे लोक अदालत की व्यवस्था का लाभ उठाकर अपने विवादों का शांतिपूर्ण और आपसी सहमति से समाधान कराएं, ताकि समय और धन दोनों की बचत के साथ न्याय प्राप्त किया जा सके। खगड़िया में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार, खगड़िया के तत्वावधान में सिविल कोर्ट खगड़िया और सिविल कोर्ट गोगरी में यह अदालत लगी। इसका उद्देश्य विभिन्न प्रकार के मामलों का त्वरित, सुलभ और नि:शुल्क निपटारा करना था। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) के अध्यक्ष राजेश कुमार बच्चन ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने लोक अदालत में उपस्थित आमजनों से सीधा संवाद किया। उन्होंने लोगों की समस्याओं को सुना और मामलों के त्वरित तथा सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। न्यायाधीश बच्चन ने बताया कि लोक अदालत न्याय व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इसके जरिए लोगों को कम समय में और बिना अतिरिक्त खर्च के न्याय प्राप्त करने का अवसर मिलता है। राष्ट्रीय लोक अदालत में आपराधिक शमनीय वाद, बैंक ऋण वसूली, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT) से जुड़े मामले, वैवाहिक वाद (तलाक को छोड़कर), श्रम विवाद और भूमि अधिग्रहण से संबंधित मामलों का निपटारा किया गया। इसके अतिरिक्त, राजस्व वाद, बिजली एवं पानी बिल विवाद, सेवा वाद और भरण-पोषण से जुड़े मामलों सहित कई अन्य प्रकार के विवादों को भी सुलह-समझौते के आधार पर निपटाया गया। जिलाधिकारी सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के उपाध्यक्ष नवीन कुमार के मार्गदर्शन में लोक अदालत के सफल संचालन के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। अधिकारियों ने बताया कि लोक अदालत से न केवल न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम होता है, बल्कि आम लोगों को भी शीघ्र न्याय प्राप्त करने में सहायता मिलती है। इस अवसर पर न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं, न्यायालय कर्मियों और जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई। लोक अदालत में बड़ी संख्या में पक्षकार उपस्थित रहे, जिससे कई मामलों का आपसी सहमति से निष्पादन कर लोगों को त्वरित न्याय उपलब्ध कराया गया।
अधिकारियों ने आम लोगों से अपील की कि वे लोक अदालत की व्यवस्था का लाभ उठाकर अपने विवादों का शांतिपूर्ण और आपसी सहमति से समाधान कराएं, ताकि समय और धन दोनों की बचत के साथ न्याय प्राप्त किया जा सके।  

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