कैमूर में रसोई गैस की किल्लत और डिलीवरी में अनियमितताओं के कारण उपभोक्ता परेशान हैं। सिंचाई विभाग के जूनियर इंजीनियर अभिषेक तिवारी ने बताया कि तीन दिनों पहले गैस खत्म हो गई थी। गैस सिलेंडर बुक करने के बाद मोबाइल पर डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) तो आ गया, लेकिन गैस मिलने से पहले ही ‘सफलतापूर्वक डिलीवरी’ का मैसेज आ गया। जब उन्होंने गैस एजेंसी से संपर्क किया, तो उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। यह समस्या सैकड़ों उपभोक्ताओं की है। कई लोग सुबह 5 बजे से ही गैस एजेंसियों के बाहर कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए मोहनिया के एसडीएम ने गैस एजेंसी मालिकों से बात की। एजेंसी संचालकों ने इस समस्या को ‘तकनीकी खराबी’ बताया है। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि जिन उपभोक्ताओं को बिना गैस मिले डिलीवरी का मैसेज मिला है, वे एजेंसी से लिखित पर्ची प्राप्त कर गैस ले सकते हैं। प्रशासन ने कालाबाजारी की शिकायतों के लिए दो हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। एसडीएम ने जनता से अपील की है कि जिले में गैस की आपूर्ति सामान्य है। कैमूर में रसोई गैस की किल्लत और डिलीवरी में अनियमितताओं के कारण उपभोक्ता परेशान हैं। सिंचाई विभाग के जूनियर इंजीनियर अभिषेक तिवारी ने बताया कि तीन दिनों पहले गैस खत्म हो गई थी। गैस सिलेंडर बुक करने के बाद मोबाइल पर डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) तो आ गया, लेकिन गैस मिलने से पहले ही ‘सफलतापूर्वक डिलीवरी’ का मैसेज आ गया। जब उन्होंने गैस एजेंसी से संपर्क किया, तो उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। यह समस्या सैकड़ों उपभोक्ताओं की है। कई लोग सुबह 5 बजे से ही गैस एजेंसियों के बाहर कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए मोहनिया के एसडीएम ने गैस एजेंसी मालिकों से बात की। एजेंसी संचालकों ने इस समस्या को ‘तकनीकी खराबी’ बताया है। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि जिन उपभोक्ताओं को बिना गैस मिले डिलीवरी का मैसेज मिला है, वे एजेंसी से लिखित पर्ची प्राप्त कर गैस ले सकते हैं। प्रशासन ने कालाबाजारी की शिकायतों के लिए दो हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। एसडीएम ने जनता से अपील की है कि जिले में गैस की आपूर्ति सामान्य है।


