पटना के जेपी गंगा पथ के किनारे जल्द ही आधुनिक डिजाइन की प्री फैब्रिकेटेड दुकानें दिखाई देंगी। गंगा पथ पर लगे 4 प्रस्तावित डिजाइनों में से 2 डिजाइनों को फाइनल कर लिया गया है। पटना स्मार्ट सिटी के नई परियोजना के तहत अब 50 दुकानों का निर्माण किया जाएगा। इन्हें दो महीने के अंदर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। दुकानों के निर्माण और स्थापना के लिए एजेंसी चयन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। नई दुकानों को तैयार करने में करीब 7.18 करोड़ रुपये खर्च होंगे। 50 प्रीफैब दुकानें बनाई जाएंगी परियोजना के मुताबिक, कुल 50 प्रीफैब दुकानें बनाई जाएंगी। इनमें से 45 दुकानें 16 फुट लंबी, 10 फुट चौड़ी और 9 फुट ऊंची होंगी। इसके अलावा पांच दुकानें 20 फुट लंबी, 10 फुट चौड़ी और 9 फुट ऊंची बनाई जाएंगी। सभी दुकानों का डिजाइन एक समान आधुनिक लुक में होगा, ताकि पूरा क्षेत्र व्यवस्थित और आकर्षक दिखाई दे। प्रीफैब्रिकेटेड तकनीक से बनने के कारण दुकानों को कम समय में तैयार कर स्थापित किया जा सकेगा। दो महीने के भीतर तैयार करने का लक्ष्य पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक यशपाल मीणा ने बताया कि, ‘एजेंसी चयन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और जल्द ही कार्यादेश जारी किया जाएगा। नई दुकानों को दो महीने के भीतर तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इसे आधुनिक तकनीक से तैयार की जाएंगी, ताकि गंगा पथ पर सुव्यवस्थित और सुंदर व्यावसायिक क्षेत्र विकसित हो सके। तीन साल तक नयी दुकानों के रखरखाव की जिम्मेदारी एजेंसी की होगी।’ 10-10 के पांच समूहों में लगाई जाएगी दुकानें जेपी गंगा पथ पर दुकानों को 10-10 के पांच समूहों में लगाया जाएगा। हर समूह में 16 फुट आकार की 9 दुकानें और 20 फुट आकार की एक दुकान होगी। इस तरह का लेआउट रखने से जगह का बेहतर उपयोग होगा और देखने में भी क्षेत्र संतुलित लगेगा। दुकानों में बिजली, ड्रेनेज, प्लंबिंग, एलइडी लाइटिंग, ऊर्जा बचत वाले उपकरण और ब्रांडिंग की सुविधा रहेगी। सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा। जीविका दीदीयों को सौंपी जाएगी पुरानी प्री-फैब्रिकेटेड दुकानें जेपी गंगा पथ से हटाई गई प्री-फैब्रिकेटेड दुकानें अब जीविका को सौंप दी जाएगी। इन दुकानों का उपयोग ग्रामीण महिलाओं के लिए किया जाएगा, ताकि वे इससे अपने व्यवसाय को शुरू कर सकें। जीविका दीदी इन दुकानों की तय राशि का भुगतान अगले पांच वर्षों में किस्तों में करेगी। इससे दुकानें बर्बाद होने से भी बच जाएगी। जीविका ने जनवरी 2026 में स्मार्टसिटी को करीब 200 प्री-फैब्रिकेटेड दुकानों के उन्हें देने की मांग की थी। गंगा पथ पर करीब 15.45 करोड़ रुपये से 500 दुकानें वेंडिंग जोन विकसित करने के लिए लगायी जा रही थी। पटना के जेपी गंगा पथ के किनारे जल्द ही आधुनिक डिजाइन की प्री फैब्रिकेटेड दुकानें दिखाई देंगी। गंगा पथ पर लगे 4 प्रस्तावित डिजाइनों में से 2 डिजाइनों को फाइनल कर लिया गया है। पटना स्मार्ट सिटी के नई परियोजना के तहत अब 50 दुकानों का निर्माण किया जाएगा। इन्हें दो महीने के अंदर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। दुकानों के निर्माण और स्थापना के लिए एजेंसी चयन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। नई दुकानों को तैयार करने में करीब 7.18 करोड़ रुपये खर्च होंगे। 50 प्रीफैब दुकानें बनाई जाएंगी परियोजना के मुताबिक, कुल 50 प्रीफैब दुकानें बनाई जाएंगी। इनमें से 45 दुकानें 16 फुट लंबी, 10 फुट चौड़ी और 9 फुट ऊंची होंगी। इसके अलावा पांच दुकानें 20 फुट लंबी, 10 फुट चौड़ी और 9 फुट ऊंची बनाई जाएंगी। सभी दुकानों का डिजाइन एक समान आधुनिक लुक में होगा, ताकि पूरा क्षेत्र व्यवस्थित और आकर्षक दिखाई दे। प्रीफैब्रिकेटेड तकनीक से बनने के कारण दुकानों को कम समय में तैयार कर स्थापित किया जा सकेगा। दो महीने के भीतर तैयार करने का लक्ष्य पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक यशपाल मीणा ने बताया कि, ‘एजेंसी चयन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और जल्द ही कार्यादेश जारी किया जाएगा। नई दुकानों को दो महीने के भीतर तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इसे आधुनिक तकनीक से तैयार की जाएंगी, ताकि गंगा पथ पर सुव्यवस्थित और सुंदर व्यावसायिक क्षेत्र विकसित हो सके। तीन साल तक नयी दुकानों के रखरखाव की जिम्मेदारी एजेंसी की होगी।’ 10-10 के पांच समूहों में लगाई जाएगी दुकानें जेपी गंगा पथ पर दुकानों को 10-10 के पांच समूहों में लगाया जाएगा। हर समूह में 16 फुट आकार की 9 दुकानें और 20 फुट आकार की एक दुकान होगी। इस तरह का लेआउट रखने से जगह का बेहतर उपयोग होगा और देखने में भी क्षेत्र संतुलित लगेगा। दुकानों में बिजली, ड्रेनेज, प्लंबिंग, एलइडी लाइटिंग, ऊर्जा बचत वाले उपकरण और ब्रांडिंग की सुविधा रहेगी। सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा। जीविका दीदीयों को सौंपी जाएगी पुरानी प्री-फैब्रिकेटेड दुकानें जेपी गंगा पथ से हटाई गई प्री-फैब्रिकेटेड दुकानें अब जीविका को सौंप दी जाएगी। इन दुकानों का उपयोग ग्रामीण महिलाओं के लिए किया जाएगा, ताकि वे इससे अपने व्यवसाय को शुरू कर सकें। जीविका दीदी इन दुकानों की तय राशि का भुगतान अगले पांच वर्षों में किस्तों में करेगी। इससे दुकानें बर्बाद होने से भी बच जाएगी। जीविका ने जनवरी 2026 में स्मार्टसिटी को करीब 200 प्री-फैब्रिकेटेड दुकानों के उन्हें देने की मांग की थी। गंगा पथ पर करीब 15.45 करोड़ रुपये से 500 दुकानें वेंडिंग जोन विकसित करने के लिए लगायी जा रही थी।


