चतरा-सिमरिया मेन रोड में अपराधियों ने एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी। युवक कोर्ट में हाजिरी लगाकर मोटरसाइकिल से घर लौट रहा था, तभी धमधम्मा गांव के पास घात लगाए अपराधियों ने उसे निशाना बनाया। जानकारी के अनुसार, जैसे ही युवक जवाहर नवोदय विद्यालय के समीप पहुंचा। एक सफेद बोलेरो ने उसे ओवरटेक कर रोक लिया। बोलेरो में सवार अपराधियों ने खिड़की से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। अपराधियों ने करीब चार राउंड गोलियां चलाईं। गोली युवक की छाती और पैर में लगी, जिससे उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। फायरिंग इतनी नजदीक से की गई कि कुछ गोलियां उसकी बाइक की टंकी को भी चीरती हुई निकल गईं। हजारीबाग के सलगा गांव का था मृतक युवक मृतक की पहचान हजारीबाग जिले के केरेडारी थाना क्षेत्र स्थित सलगा गांव निवासी 25 वर्षीय करमजीत कुमार उर्फ विकास कुमार के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण सदर अस्पताल चतरा पहुंचने लगे। थोड़ी ही देर में अस्पताल परिसर में परिजनों की भीड़ उमड़ पड़ी। मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। पूरे अस्पताल परिसर में गमगीन माहौल बन गया। परिजनों के चित्कार से अस्पताल का वातावरण देर तक शोकाकुल बना रहा। बताया जा रहा है कि विकास शुक्रवार को कोर्ट में अपने एक पुराने मामले की तारीख पर पेश होने आया था। वहां से वापस लौटते समय रास्ते में उसकी हत्या कर दी गई। दो साल पहले हुई शादी को लेकर था विवाद मृतक के मामा अरविंद साव और अरुण साव ने इस घटना को सोची-समझी साजिश बताया है। उन्होंने पुलिस को बताया कि विकास की दो साल पहले हुई शादी को लेकर विवाद चल रहा था। परिजनों का आरोप है कि ‘मोहन जी’ नामक एक व्यक्ति टीएसपीसी नक्सली के नाम पर विकास को लगातार जान से मारने की धमकी देता था। परिजनों ने लीला देवी, आदित साव और दुर्गा कुमार पर हत्या की साजिश रचने का शक जताया है। अरुण साव ने बताया कि जब वे विकास के साथ कोर्ट जाते थे, तब भी उन्हें धमकियां मिलती थीं। उनके मुताबिक, एक बार कोर्ट परिसर में ही उन्हें जज के सामने धमकाया गया था, जिसके बाद उन्होंने सुरक्षा कारणों से विकास के साथ कोर्ट जाना छोड़ दिया था। पुलिस ने शुरू की छापेमारी मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया। एसडीपीओ संदीप सुमन और सदर थाना प्रभारी अवधेश सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। पुलिस ने जिले की सीमाओं को सील कर संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है। एसडीपीओ संदीप सुमन ने बताया कि अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। साथ ही उन मोबाइल नंबरों की भी जांच की जा रही है, जिनसे मृतक और उसके परिजनों को पहले धमकियां मिली थीं। चतरा-सिमरिया मेन रोड में अपराधियों ने एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी। युवक कोर्ट में हाजिरी लगाकर मोटरसाइकिल से घर लौट रहा था, तभी धमधम्मा गांव के पास घात लगाए अपराधियों ने उसे निशाना बनाया। जानकारी के अनुसार, जैसे ही युवक जवाहर नवोदय विद्यालय के समीप पहुंचा। एक सफेद बोलेरो ने उसे ओवरटेक कर रोक लिया। बोलेरो में सवार अपराधियों ने खिड़की से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। अपराधियों ने करीब चार राउंड गोलियां चलाईं। गोली युवक की छाती और पैर में लगी, जिससे उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। फायरिंग इतनी नजदीक से की गई कि कुछ गोलियां उसकी बाइक की टंकी को भी चीरती हुई निकल गईं। हजारीबाग के सलगा गांव का था मृतक युवक मृतक की पहचान हजारीबाग जिले के केरेडारी थाना क्षेत्र स्थित सलगा गांव निवासी 25 वर्षीय करमजीत कुमार उर्फ विकास कुमार के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण सदर अस्पताल चतरा पहुंचने लगे। थोड़ी ही देर में अस्पताल परिसर में परिजनों की भीड़ उमड़ पड़ी। मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। पूरे अस्पताल परिसर में गमगीन माहौल बन गया। परिजनों के चित्कार से अस्पताल का वातावरण देर तक शोकाकुल बना रहा। बताया जा रहा है कि विकास शुक्रवार को कोर्ट में अपने एक पुराने मामले की तारीख पर पेश होने आया था। वहां से वापस लौटते समय रास्ते में उसकी हत्या कर दी गई। दो साल पहले हुई शादी को लेकर था विवाद मृतक के मामा अरविंद साव और अरुण साव ने इस घटना को सोची-समझी साजिश बताया है। उन्होंने पुलिस को बताया कि विकास की दो साल पहले हुई शादी को लेकर विवाद चल रहा था। परिजनों का आरोप है कि ‘मोहन जी’ नामक एक व्यक्ति टीएसपीसी नक्सली के नाम पर विकास को लगातार जान से मारने की धमकी देता था। परिजनों ने लीला देवी, आदित साव और दुर्गा कुमार पर हत्या की साजिश रचने का शक जताया है। अरुण साव ने बताया कि जब वे विकास के साथ कोर्ट जाते थे, तब भी उन्हें धमकियां मिलती थीं। उनके मुताबिक, एक बार कोर्ट परिसर में ही उन्हें जज के सामने धमकाया गया था, जिसके बाद उन्होंने सुरक्षा कारणों से विकास के साथ कोर्ट जाना छोड़ दिया था। पुलिस ने शुरू की छापेमारी मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया। एसडीपीओ संदीप सुमन और सदर थाना प्रभारी अवधेश सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। पुलिस ने जिले की सीमाओं को सील कर संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है। एसडीपीओ संदीप सुमन ने बताया कि अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। साथ ही उन मोबाइल नंबरों की भी जांच की जा रही है, जिनसे मृतक और उसके परिजनों को पहले धमकियां मिली थीं।


