मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने भोपाल में पदस्थ टीएंडसीपी के ज्वाइंट डायरेक्टर और प्रभारी सिटी प्लानर नीरज आनंद लिखार के जाति प्रमाण पत्र की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने उच्च स्तरीय जाति जांच समिति को 90 दिन के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट पेश करने को कहा है। नरसिंहपुर निवासी आदित्य ठाकुर ने याचिका दायर कर नीरज आनंद के जाति प्रमाण पत्र को चुनौती दी है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता कपिल शर्मा ने दलील दी कि नीरज के सगे भाई अजय लिखार का जाति प्रमाण पत्र उच्च स्तरीय जाति जांच समिति द्वारा उचित सत्यापन के बाद पहले ही रद्द किया जा चुका है। इस निर्णय को हाई कोर्ट ने भी बरकरार रखा था। याचिका में कहा गया कि दोनों भाई एक ही वंश, पूर्वज और जन्म स्थान से जातिगत दर्जा प्राप्त करते हैं। उनके जाति प्रमाण पत्र भी एक ही प्राधिकरण द्वारा लगभग एक ही अवधि में और समान तथ्यों के आधार पर जारी किए गए थे। इसके बावजूद नीरज आनंद उसी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर अनुसूचित जनजाति कोटा के तहत नियुक्ति, पदोन्नति और अन्य सेवा लाभ ले रहे हैं।
याचिकाकर्ता का कहना है कि जब सगे भाई का जाति प्रमाण पत्र पहले ही रद्द किया जा चुका है, तो नीरज आनंद को भी उस प्रमाण पत्र का लाभ नहीं मिलना चाहिए था।


