लखनऊ में दलित वोट साधने के लिए राहुल गांधी 35 मिनट तक बोले। मुद्दा कांशीराम जयंती का था, लेकिन राहुल के टारगेट पर मोदी सरकार थी। दलितों के सामने राहुल ने कांशीराम से ज्यादा नरेंद्र मोदी का नाम लिया। कहा- नरेंद्र मोदी देश के संविधान की विचारधारा को नहीं मानते। कभी अपोलो जाना, वहां डॉक्टर की नेम प्लेट देखना, कहीं पर 85% (दलित, पिछड़े) नहीं दिखेंगे। बड़ी कंपनियों के CEO में दलित, पिछड़े नहीं मिलेंगे। राहुल आगे कहते हैं- कोर्ट, ब्यूरोक्रेसी, कॉरपोरेट में सिर्फ 15% एलीट क्लास के लोग दिखेंगे। मनरेगा की लिस्ट में 85% दलित, पिछड़े हैं। यही बात कांशीराम अपने पेन मॉडल में कहते थे। कांशीराम कहते थे- वन मैन वर वोट, जितनी आबादी उतनी भागीदारी… लेकिन हकीकत क्या है? देश के संसाधन पर 15% का कब्जा है। कांशीराम इसी तस्वीर को बदलने की लड़ाई लड़ रहे थे, अब ये लड़ाई कांग्रेस लड़ रही है। राहुल गांधी ने कांशी राम जयंती से 2 दिन पहले लखनऊ में सामाजिक परिवर्तन दिवस मनाया। 4 हजार लोगों से सीधी बात की। राहुल का मैसेज उनके नेताओं तक कितना पहुंचा, ये भास्कर ने उन्हीं से जाना… सांसद बोले- राहुल ने 3 पॉइंट में क्लियर विजन दिया
सीतापुर से कांग्रेस सांसद राकेश राठौर कहते हैं- राहुल गांधी ने आज क्लियर विजन दिया है, कांग्रेस का फोकस 3 पॉइंट पर है। पहला- जातिगत जनगणना। दूसरा- संविधान की रक्षा। तीसरा- मनरेगा। यही 3 फैक्टर यूपी में निर्णायक साबित होने जा रहे हैं। मनरेगा की वजह से 80% दलित, पिछड़ों को सम्मान मिल पा रहा था। कांग्रेस प्रवक्ता सचिन रावत कहते हैं- राहुल गांधी कह रहे हैं- जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी भागीदारी। यही बाबा साहेब और कांशीराम का सपना था। अब यूपी में कांग्रेस की दलित, पिछड़ों की आवाज बनेगी। दलित और पिछड़े समाज के नेता और कार्यकर्ता कांग्रेस में आगे बढ़ेंगे। वही सरकार में भी जगह पाएंगे। अब प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण का दांव
कांग्रेस के उपाध्यक्ष विश्वविजय सिंह ने कहा- कांशीराम सियासत को जिस तरह से करते थे, उसको कांग्रेस भी फॉलो करती है। संगठन और सरकार में दलित, पिछड़ों की भागीदारी देने की तैयारी है। साथ ही, बड़े संस्थानों और प्राइवेट सेक्टर में भी दलित-पिछड़ों को जगह दिलाएंगे। जनता को बताएंगे, कैसे कृषि अधिकार सरेंडर हुए
कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव धीरज गुर्जर इसे और विस्तार से समझाते हैं। कहते हैं- राहुल गांधी ने कृषि सेक्टर का जिक्र किया। आज भी हमारे देश की 70% आबादी खेती करती है। इनमें सबसे ज्यादा दलित, पिछड़े और अति पिछड़े होते हैं। हम लोगों के बीच जाएंगे। बताएंगे कि कैसे भाजपा की केंद्र सरकार ने कृषि अधिकार को अमेरिका के सामने सरेंडर कर दिया। ये सवाल देश की जनता के सामने रखेंगे कि कैसे एनर्जी सेक्टर पर हम सरेंडर कर चुके है। महिला नेता का दावा- 2027 में पब्लिक कांग्रेस के साथ
बुंदेलखंड जोन की महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष करिश्मा ठाकुर तो दावे से कहती हैं- यूपी में 2027 के चुनाव में कांग्रेस की सरकार बनेगी। आज के समय में सिर्फ राहुल गांधी ही ऐसे नेता हैं, जो बेबाकी से बोल रहे हैं। हमारे पीएम पूरी तरीके से अमेरिका के दबाव में निर्णय ले रहे हैं। क्या अब हमें ट्रम्प बताएंगे कि हमें किस देश से तेल खरीदना है, इसलिए आने वाले चुनाव में पब्लिक चौंकाने वाले नतीजे देगी। राहुल गांधी को सुनने आए सोहन लाल कृषि विभाग से रिटायर्ड हैं। वह कहते हैं- सचिवालय में 90% पदों पर 10% वाले लोगों का कब्जा है। हलुआ बंटता है तो ये 10% लोग 85% वालों का हिस्सा अकेले खा रहे हैं। राहुल गांधी इसी पर चोट कर रहे हैं। इसी विचारधारा को लेकर हम जनता के बीच जाएंगे। आज दलित, पिछड़ों की आवाज और लड़ाई सिर्फ कांग्रेस लड़ रही है। अब राहुल के पेन मॉडल का सियासी मैसेज समझिए
राहुल ने कांशीराम के पेन-मॉडल का जिक्र करके दलितों, अति पिछड़ों और अल्पसंख्यकों को साधने की कोशिश की। कहा- जब कांशीराम दलितों के उत्थान और राजनीतिक भागीदारी दिलाने के संघर्ष में यूपी में घूमते थे, तब एक पेन अपने साथ रखते थे। वो बताते थे कि पेन का ढक्कन, 15% अगड़ी जातियां हैं, जो पेन को संचालित करती हैं। होना तो यह चाहिए था कि फायदा 85% को मिलना चाहिए। भाजपा जब से सत्ता में आई, उसने एक नया सिस्टम बना दिया। पेन और ढक्कन को ही अलग कर दिया है। वह सिर्फ 15% (अगड़ी जातियां) को लेकर घूम रही है। 85% को फेंक दिया। एक्सपर्ट व्यू. सुरेश बहादुर सिंह, सीनियर जर्नलिस्ट सवाल : क्या राहुल मोदी को कमजोर पीएम साबित करने की कोशिश कर रहे हैं?
जवाब : राहुल गांधी के भाषण को सुनेंगे तो साफतौर पर लगेगा कि उनकी कोशिश नरेंद्र मोदी को कमजोर पीएम साबित करने की है। यही कारण रहा कि वह लगातार पीएम पर अमेरिका के दबाव में कंप्रोमाइज होने का दावा करते रहे। इसके लिए उन्हाेंने अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील का जिक्र भी किया। ये समझाने की कोशिश करते हैं कि वो कोई बात हवा में नहीं बोल रहे हैं। इस ट्रेड डील में सारे फायदे अमेरिका को दिए गए, जबकि भविष्य में हमारे किसानों को इसका सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ेगा। 9 लाख करोड़ के कृषि उत्पाद अमेरिका के किसान हमारे देश में बेचेंगे। देश में तेल और गैस क्राइसिस का सवाल उठाते हुए राहुल गांधी ने कहा- गैस की कम सप्लाई से लोग परेशान हो रहे हैं। फिर एपिस्टीन फाइल का जिक्र कर उन्होंने पीएम की व्यक्तिगत छवि पर भी हमला किया। राहुल गांधी ने खुलकर आरोप लगाए कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की एनर्जी सिक्योरिटी से समझौता कर लिया है। यही कारण है कि अब अमेरिका तय कर रहा है कि हम तेल कहां से लेंगे? पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी और उनकी बेटी की कंपनी का जिक्र करते हुए एपस्टीन फाइल्स और जॉर्ज सोरोस का नाम लिया। मतलब साफ है कि भाजपा अपने जिस पीएम के बलबूते और चेहरे पर राज्यों के चुनावों को जीतती है, उसी पर हमला करके राहुल अपने लिए रास्ता बना रहे हैं। राहुल गांधी ने अपने भाषण में साफ तौर पर कहा कि “पीएम मोदी के सरेंडर करने का कारण केवल दो हैं। एक एपस्टीन और दूसरा अडानी का अमेरिका में चल रहा केस। अडानी केस में खुद मोदी भी संलिप्त हैं इसी वजह से वह पूरी तरह से सरेंडर हो गए हैं। मोदीजी साइकोलॉजिकल रूप से हार गए हैं और जब व्यक्ति मन से हारता है तो फिर उसको हारना ही होता है। अब राहुल गांधी के बयान की 3 बड़ी बातें: नरेंद्र मोदी संविधान की विचारधारा नहीं मानते: संविधान में जितने भी दलित महापुरुष हुए, उनकी आवाज इसमें है। सावरकर, नाथूराम गोडसे की आवाज इस संविधान में नहीं है। नरेंद्र मोदी कुछ भी कह लें, इस संविधान की विचारधारा को नहीं मानते हैं। सारा माल अमेरिका का आएगा: पीएम ने कहा है कि 9 लाख करोड़ का माल अमेरिका से खरीदेंगे। मैं पूछना चाहता हूं, हमारे बिजनेस क्या करेंगे। कपास, सोया, फल, बादाम, अखरोट अब अमेरिका के किसान यहां बेचेंगे। अमेरिका में बड़े- बड़े खेत हैं। सारा माल उनका आ जाएगा, सब खत्म कर देंगे। यूपी में कांग्रेस को मर मिटने वाले 100 लोग चाहिए: अब हमारे पास बड़ा मौका है। हिंदुस्तान की राजनीति बदलें। कांग्रेस को सिर्फ यूपी में 100 लोग ऐसे मिल जाएं जो कह दें कि मर जाएंगे, पीछे नहीं हटेंगे। हमारे लक्ष्य को नहीं छोड़ेंगे। काम हो जाएगा हमारा। कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग उठाएगी कांग्रेस
कांग्रेस ने कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग का प्रस्ताव पास किया है। तय हुआ है कि राहुल गांधी के माध्यम से संसद में यह मांग उठाई जाएगी। यह पहली बार था, जब राहुल गांधी कांशीराम जयंती से 2 दिन पहले कोई बड़ा इवेंट लखनऊ में करने आए थे। कार्यक्रम में करीब 4 हजार लोग शामिल हुए। दलित वोटर्स की सियासत में कांग्रेस का यह बड़ा कदम माना जा रहा है। यूपी में कांग्रेस-सपा का गठबंधन
लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का सपा के साथ गठबंधन था, तब यूपी में NDA की सीटों की संख्या 36 पर सिमट गई थी। महागठबंधन 43 सीटों पर जीतने में कामयाब रहा। महागठबंधन इसी सफलता को 2027 के विधानसभा चुनाव में भी दोहराना चाहता है। सपा भी कांशीराम जयंती को PDA दिवस के रूप में मनाने का ऐलान कर चुकी है। 15 मार्च को यूपी के 75 जिलों में पार्टी के जिला मुख्यालयों पर कार्यक्रम होंगे। अब 2 स्लाइड में यूपी के दलित वोटर का गणित समझिए:
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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को कहा- नरेंद्र मोदी साइकोलॉजिकली खत्म हो गए हैं। मोदी अब भारत के प्रधानमंत्री नहीं रहे, वह अमेरिका के लिए काम कर रहे हैं और नरेंदर ने सरेंडर कर दिया है। जब मैं यह बात संसद में बोलने जा रहा था तो नरेंद्र मोदी जी भाग कर निकल गए। पढ़िए पूरी खबर…


