वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है और इस सप्ताह की चाल यह संकेत दे रही है कि कीमती धातु लगातार दूसरे सप्ताह गिरावट के साथ बंद हो सकती है। मौजूद जानकारी के अनुसार शुक्रवार को सोने की कीमतों में हल्की बढ़त जरूर दर्ज की गई, लेकिन पूरे सप्ताह का रुख कमजोर ही बना हुआ है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मध्य पूर्व में जारी संघर्ष और ऊर्जा कीमतों में तेजी के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था में महंगाई बढ़ने की आशंका ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है।
शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की तत्काल कीमत में हल्की बढ़त दर्ज की गई और यह मामूली बढ़त के साथ लगभग पांच हजार पचासी डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंची है। वहीं सोने के वायदा सौदों में कुछ गिरावट देखी गई और यह थोड़ा नीचे के स्तर पर कारोबार करता नजर आया है।
गौरतलब है कि पूरे सप्ताह के दौरान सोने की कीमतों में लगभग दो प्रतिशत तक गिरावट का अनुमान जताया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार सोने को आम तौर पर संकट के समय सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन इस बार मजबूत डॉलर ने इसकी चमक कुछ कम कर दी है।
मौजूद जानकारी के अनुसार मध्य पूर्व में जारी युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार भी प्रभावित हुआ है। फारस की खाड़ी के महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से बड़ी मात्रा में तेल और गैस का परिवहन होता है, जिनका इस्तेमाल उर्वरक, प्लास्टिक और अन्य औद्योगिक उत्पादों में किया जाता है।
यदि इन ऊर्जा संसाधनों की कीमतें तेजी से बढ़ती हैं तो इसका असर दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं पर महंगाई के रूप में पड़ सकता है। यही वजह है कि निवेशक अब केंद्रीय बैंकों की अगली नीतिगत घोषणाओं पर भी नजर बनाए हुए हैं।
गौरतलब है कि यदि महंगाई बढ़ने का दबाव बना रहता है तो कई देशों के केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कटौती के फैसले को टाल सकते हैं। ऊंची ब्याज दरें आम तौर पर सोने की कीमतों के लिए नकारात्मक मानी जाती हैं, क्योंकि ऐसे समय निवेशक ब्याज देने वाली परिसंपत्तियों की ओर अधिक आकर्षित होते हैं।
मौजूद जानकारी के अनुसार अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा महंगाई के एक प्रमुख सूचकांक पर जारी ताजा आंकड़ों में भी कीमतों में वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले बारह महीनों के दौरान महंगाई की दर तीन प्रतिशत से थोड़ा अधिक रही है, जो बाजार के अनुमान के करीब बताई जा रही है।
हालांकि समग्र महंगाई दर थोड़ी कम दर्ज की गई है, लेकिन खाद्य पदार्थ और ऊर्जा जैसी अस्थिर वस्तुओं को हटाकर देखे गए आंकड़े अपेक्षाकृत मजबूत बने हुए हैं।
इसी बीच विश्लेषकों का कहना है कि भले ही कुछ समय में सोने की कीमतों पर दबाव बना हुआ है, लेकिन अनिश्चित वैश्विक माहौल में यह निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण सुरक्षा साधन बना रहेगा।
सोने के अलावा अन्य कीमती धातुओं में भी हल्की बढ़त दर्ज की गई है। चांदी और प्लेटिनम की कीमतों में शुक्रवार को कुछ सुधार देखा गया, हालांकि पूरे सप्ताह का प्रदर्शन अपेक्षाकृत सीमित ही रहा है।


