US-Israel-Iran War: ईरान और अमेरिका इजरायल के बीच जारी युद्ध अब वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी चिंता बनता जा रहा है। लगातार बढ़ते सैन्य हमलों और तेल आपूर्ति पर खतरे के कारण दुनिया भर के बाजारों में अनिश्चितता बनी हुई है। इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रुप ऑफ सेवन (G7) नेताओं के साथ वर्चुअल मीटिंग में दावा किया कि ईरान सरेंडर करने के करीब है। हालांकि ईरान की ओर से अभी तक ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है और वहां के नेतृत्व ने युद्ध जारी रखने का ऐलान किया है। इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस और तेज हो गई है।
ईरान की स्थिति कमजोर हुई – ट्रंप
ट्रंप ने वर्चुअल बैठक में सहयोगी देशों के नेताओं को बताया कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान की स्थिति कमजोर हो चुकी है। उन्होंने विशेष रूप से ऑपरेशन एपिक फ्यूरी का जिक्र करते हुए कहा कि इस अभियान ने ईरान की सैन्य और रणनीतिक क्षमता को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। ट्रंप ने कथित रूप से कहा कि उन्होंने एक ऐसा खतरा खत्म कर दिया जो सभी के लिए कैंसर जैसा बन रहा था। रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने यह भी कहा कि तेहरान में अब ऐसा कोई प्रभावी नेता नहीं बचा है जो आधिकारिक रूप से सरेंडर की घोषणा कर सके। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और व्हाइट हाउस (White House) ने इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी देने से इनकार किया है।
G7 नेताओं को युद्ध के आर्थिक प्रभाव की चिंता
ग्रुप ऑफ सेवन (G7) देशों के नेताओं ने इस युद्ध के आर्थिक प्रभाव को लेकर गंभीर चिंता जताई। रिपोर्ट के अनुसार बैठक में कई नेताओं ने ट्रंप से अपील की कि युद्ध को जल्द समाप्त करने के लिए कूटनीतिक रास्ता तलाशा जाए। उनका मानना है कि यदि संघर्ष लंबा चला तो वैश्विक तेल आपूर्ति, व्यापार मार्ग और अंतरराष्ट्रीय बाजार पर गहरा असर पड़ सकता है। विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर चिंता सामने आई, क्योंकि यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है। अधिकारियों के अनुसार ट्रंप ने नेताओं को भरोसा दिलाया कि इस क्षेत्र की स्थिति धीरे धीरे सुधर रही है और जल्द ही वाणिज्यिक जहाजों का सामान्य संचालन फिर शुरू हो सकता है।
ईरान के सर्वोच्च नेता ने कहा संघर्ष जारी रखेगा
दूसरी ओर ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा अली खामेनेई ने राज्य टीवी पर प्रसारित संदेश में स्पष्ट किया कि उनका देश संघर्ष जारी रखेगा। उन्होंने अमेरिका और इजरायल पर हमलों और हत्याओं का आरोप लगाते हुए बदला लेने की बात कही। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद रखना एक रणनीतिक दबाव का तरीका हो सकता है। इससे वैश्विक तेल बाजार में और तनाव पैदा हो सकता है। फरवरी से शुरू हुए इस युद्ध के चौदहवें दिन तक भी ईरान की ओर से सरेंडर का कोई संकेत नहीं मिला है। विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों पक्षों के बयानों के बीच वास्तविक स्थिति काफी जटिल हो सकती है और आने वाले दिनों में कूटनीतिक प्रयास बेहद महत्वपूर्ण होंगे।




President Trump tells G7 leaders Iran is “about to surrender.”