राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत ने मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित सेंट्रल ऑर्डिनेंस डिपो से AK-47 राइफल चोरी, तस्करी और बरामदगी मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने पांच आरोपियों को दोषी करार दिया है, जबकि नौ लोगों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। सजा के बिंदु पर सुनवाई आज पटना में NIA की विशेष अदालत में होगी। NIA के विशेष न्यायाधीश मधुकर सिंह ने सुनवाई के बाद आरोपित पूर्व फौजी पूर्व फौजी सुरेश ठाकुर, पुरुषोत्तम लाल रजक, नियाजुल रहमान, मोहम्मद इमरान आलम और शमशेर आलम को दोषी ठहराया है। वहीं,. शिवेंद्र रजक उर्फ शैलेंद्र रजक, चंद्रावती देवी, राजीव सिंह उर्फ चुन्नू सिंह, रिजवाना बेगम, मोहम्मद इरफान आलम, मनोज सिंह उर्फ मांजी, मंजर आलम, बजरंग शंकर और मोहम्मद मुर्शीद उर्फ सुरमा को पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने के कारण बरी कर दिया गया। 2012 में आयुध डिपो से गायब हुई थीं 70 AK-47 यह पूरा मामला वर्ष 2012 का है। 2012 में मध्यप्रदेश के जबलपुर स्थित सेंट्रल ऑर्डिनेंस डिपो COD से लगभग 70 अत्याधुनिक AK 47 राइफल चोरी हुई थी। चोरी किए गए हथियारों को बिहार के मुंगेर जिले के हथियार तस्करों ने अपराधियों और नक्सलियों तक पहुंचाया था। इसका खुलासा 29 अगस्त को तब हुआ, जब जमालपुर के जुबली वेल चौक से पुलिस ने तीन AK 47 राइफल बरामद कर हथियार तस्कर मोहम्मद इमरान को गिरफ्तार किया था। इसके बाद STF और जिला पुलिस ने छापेमारी कर शमशेर आलम उर्फ वीरू और रिजवाना बेगम को गिरफ्तार किया। इन लोगों की गिरफ्तारी के बाद कई हथियार बरामद किया गया। आयुध फैक्ट्री से चोरी कर तस्करों को बेचते थे हथियार जांच में सामने आया कि आयुध फैक्ट्री से जुड़े सुरेश ठाकुर और पुरुषोत्तम रजक हथियार चोरी कर तस्करों को बेचते थे। इसके बाद पुरुषोत्तम अपने परिवार के साथ मिलकर इन हथियारों को शमशेर आलम और मोहम्मद इमरान जैसे तस्करों को बेच देता था। ये तस्कर एजेंटों के माध्यम से हथियारों की सप्लाई अलग-अलग जिलों और राज्यों में करते थे। पुलिस जांच के अनुसार 2012 से अब तक करीब 60 AK-47 राइफल मुंगेर लाई गई थीं, जिनमें से कुछ नक्सलियों और बाकी अपराधियों को बेची गई थीं। अब तक 20 राइफल बरामद NIA ने जांच के दौरान अब तक लगभग 20 AK 47 राइफल बरामद की जा चुकी हैं। इनमें से 12 राइफल मुंगेर के बारदाह गांव से बरामद हुई थीं। इस मामले में जमालपुर के मोफस्सिल थाना में 29 सितंबर 2018 को IPC और UAP ACT की विभिन्न धाराओं के तहत कांड संख्या 334/2018 दर्ज किया गया था। अब अदालत द्वारा दोषी करार दिए गए पांचों आरोपियों को शुक्रवार को सजा सुनाई जाएगी। इस केस में अब तक करीब 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें से पांच को NIA की स्पेशल कोर्ट ने दोषी करार दिया है। जबकि नौ को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है। दोषी करार दिए गए सभी पाँच अभियुक्तों के विरुद्ध शुक्रवार को NIA की स्पेशल कोर्ट के न्यायाधीश मधुकर सिंह सजा सुनायेंगे। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत ने मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित सेंट्रल ऑर्डिनेंस डिपो से AK-47 राइफल चोरी, तस्करी और बरामदगी मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने पांच आरोपियों को दोषी करार दिया है, जबकि नौ लोगों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। सजा के बिंदु पर सुनवाई आज पटना में NIA की विशेष अदालत में होगी। NIA के विशेष न्यायाधीश मधुकर सिंह ने सुनवाई के बाद आरोपित पूर्व फौजी पूर्व फौजी सुरेश ठाकुर, पुरुषोत्तम लाल रजक, नियाजुल रहमान, मोहम्मद इमरान आलम और शमशेर आलम को दोषी ठहराया है। वहीं,. शिवेंद्र रजक उर्फ शैलेंद्र रजक, चंद्रावती देवी, राजीव सिंह उर्फ चुन्नू सिंह, रिजवाना बेगम, मोहम्मद इरफान आलम, मनोज सिंह उर्फ मांजी, मंजर आलम, बजरंग शंकर और मोहम्मद मुर्शीद उर्फ सुरमा को पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने के कारण बरी कर दिया गया। 2012 में आयुध डिपो से गायब हुई थीं 70 AK-47 यह पूरा मामला वर्ष 2012 का है। 2012 में मध्यप्रदेश के जबलपुर स्थित सेंट्रल ऑर्डिनेंस डिपो COD से लगभग 70 अत्याधुनिक AK 47 राइफल चोरी हुई थी। चोरी किए गए हथियारों को बिहार के मुंगेर जिले के हथियार तस्करों ने अपराधियों और नक्सलियों तक पहुंचाया था। इसका खुलासा 29 अगस्त को तब हुआ, जब जमालपुर के जुबली वेल चौक से पुलिस ने तीन AK 47 राइफल बरामद कर हथियार तस्कर मोहम्मद इमरान को गिरफ्तार किया था। इसके बाद STF और जिला पुलिस ने छापेमारी कर शमशेर आलम उर्फ वीरू और रिजवाना बेगम को गिरफ्तार किया। इन लोगों की गिरफ्तारी के बाद कई हथियार बरामद किया गया। आयुध फैक्ट्री से चोरी कर तस्करों को बेचते थे हथियार जांच में सामने आया कि आयुध फैक्ट्री से जुड़े सुरेश ठाकुर और पुरुषोत्तम रजक हथियार चोरी कर तस्करों को बेचते थे। इसके बाद पुरुषोत्तम अपने परिवार के साथ मिलकर इन हथियारों को शमशेर आलम और मोहम्मद इमरान जैसे तस्करों को बेच देता था। ये तस्कर एजेंटों के माध्यम से हथियारों की सप्लाई अलग-अलग जिलों और राज्यों में करते थे। पुलिस जांच के अनुसार 2012 से अब तक करीब 60 AK-47 राइफल मुंगेर लाई गई थीं, जिनमें से कुछ नक्सलियों और बाकी अपराधियों को बेची गई थीं। अब तक 20 राइफल बरामद NIA ने जांच के दौरान अब तक लगभग 20 AK 47 राइफल बरामद की जा चुकी हैं। इनमें से 12 राइफल मुंगेर के बारदाह गांव से बरामद हुई थीं। इस मामले में जमालपुर के मोफस्सिल थाना में 29 सितंबर 2018 को IPC और UAP ACT की विभिन्न धाराओं के तहत कांड संख्या 334/2018 दर्ज किया गया था। अब अदालत द्वारा दोषी करार दिए गए पांचों आरोपियों को शुक्रवार को सजा सुनाई जाएगी। इस केस में अब तक करीब 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें से पांच को NIA की स्पेशल कोर्ट ने दोषी करार दिया है। जबकि नौ को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है। दोषी करार दिए गए सभी पाँच अभियुक्तों के विरुद्ध शुक्रवार को NIA की स्पेशल कोर्ट के न्यायाधीश मधुकर सिंह सजा सुनायेंगे।


