लखनऊ में गैस सिलेंडर का संकट:सुबह से शाम तक लाइन में लगे, डीएम ने एजेंसियों का किया निरीक्षण, इंडक्शन की बढ़ी मांग

लखनऊ में गैस सिलेंडर का संकट:सुबह से शाम तक लाइन में लगे, डीएम ने एजेंसियों का किया निरीक्षण, इंडक्शन की बढ़ी मांग

लखनऊ में घरेलू गैस सिलेंडर की किल्लत के बीच प्रशासन सक्रिय हो गया है। शहर के कई इलाकों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें और हंगामे की खबरों के बीच जिलाधिकारी विशाख जी ने कानपुर रोड स्थित ममता गैस एजेंसी का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आपूर्ति और वितरण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को उपभोक्ताओं तक समय से सिलेंडर पहुंचाने के निर्देश दिए। उधर गैस की कमी का असर बाजार पर भी दिख रहा है, जहां इंडक्शन चूल्हों और इलेक्ट्रिक किचन उपकरणों की मांग तेजी से बढ़ गई है।

शहर में सिलेंडर के लिए लगी लंबी कतारें
लखनऊ में घरेलू गैस सिलेंडर की किल्लत ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। शहर के कई इलाकों में सुबह से ही गैस एजेंसियों के बाहर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। आलमबाग, राजाजीपुरम, गोमतीनगर, अलीगंज और कमांडर रोड समेत कई क्षेत्रों में लोग अपने खाली सिलेंडर लेकर घंटों इंतजार करते नजर आए।
कई स्थानों पर उपभोक्ता रात में ही सिलेंडर रखकर अपनी बारी सुरक्षित करने की कोशिश करते दिखे। एजेंसियों के बाहर सैकड़ों लोगों की भीड़ लगने से कई जगह सड़क तक जाम जैसी स्थिति बन गई। सुबह से लाइन में लगे कई उपभोक्ताओं को दोपहर तक भी सिलेंडर नहीं मिल सका, जिससे लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली।

कई जगह उपभोक्ताओं ने जताया विरोध
सिलेंडर की सीमित आपूर्ति के कारण कुछ गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं का गुस्सा भी फूट पड़ा। राजाजीपुरम और कमांडर रोड जैसे इलाकों में लोगों ने एजेंसी संचालकों से जवाब मांगते हुए हंगामा किया।
उपभोक्ताओं का कहना था कि कई दिनों पहले बुकिंग कराने के बावजूद उन्हें गैस की डिलीवरी नहीं मिल रही है। इस कारण लोगों को बार-बार एजेंसियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। नाराज उपभोक्ताओं ने प्रशासन से वितरण व्यवस्था में सुधार करने की मांग की।

कुछ एजेंसियों पर स्टॉक खत्म, वितरण प्रभावित
गैस की आपूर्ति सीमित होने के कारण कुछ एजेंसियों पर वितरण अस्थायी रूप से प्रभावित हो गया। कर्मचारियों ने बताया कि स्टॉक खत्म होने की वजह से वे उपभोक्ताओं को तुरंत सिलेंडर उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं।
उपभोक्ताओं का कहना था कि अगर एजेंसियां पहले ही स्टॉक की स्थिति की जानकारी दे दें तो लोगों को घंटों लाइन में खड़े होकर इंतजार नहीं करना पड़ेगा। कई लोगों ने वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता की कमी का भी आरोप लगाया।
डीएम ने किया गैस एजेंसी का निरीक्षण
गैस संकट की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी विशाख जी ने कानपुर रोड स्थित बीपीसीएल की ममता गैस एजेंसी का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने एजेंसी संचालकों से प्रतिदिन की आपूर्ति, बुकिंग की संख्या और वितरण प्रणाली के बारे में विस्तृत जानकारी ली।
एजेंसी प्रबंधन ने बताया कि वर्तमान में प्रतिदिन करीब 700 से 800 गैस बुकिंग प्राप्त हो रही हैं। इन बुकिंग को प्राथमिकता के आधार पर उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने वहां मौजूद ग्राहकों से भी बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं।

डीएम बोले-पैनिक होने की जरूरत नहीं
जिलाधिकारी ने उपभोक्ताओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि घरेलू गैस सिलेंडर की सप्लाई चेन सामान्य रूप से जारी रहेगी और किसी भी तरह से घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि कंपनियों की गाइडलाइन के अनुसार घरेलू गैस सिलेंडरों की बुकिंग और डिलीवरी 25 दिन के अंतराल पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत जारी रहेगी।
उन्होंने एजेंसी संचालकों को निर्देश दिए कि उपभोक्ताओं को समय से सिलेंडर उपलब्ध कराया जाए और यदि कहीं भी कृत्रिम कमी या अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

शहर की कई एजेंसियों का किया गया निरीक्षण
जिलाधिकारी के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी (नागरिक आपूर्ति) ज्योति गौतम के पर्यवेक्षण में संयुक्त टीमों का गठन किया गया। इन टीमों में अपर नगर मजिस्ट्रेट, क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी, पूर्ति निरीक्षक और ऑयल कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हैं।
इन टीमों ने शहर की कई गैस एजेंसियों का निरीक्षण किया। इनमें कपसेठिया इंडेन गैस, डोमेस्टिक इंडेन गैस, लालबाग इंडेन गैस, सहकारी गैस एजेंसी, स्मृति गैस एजेंसी, गीता गैस एजेंसी, तेलीबाग गैस एजेंसी, रुक्मणि गैस एजेंसी और किरण गैस एजेंसी शामिल हैं। निरीक्षण के दौरान वितरण व्यवस्था और उपभोक्ताओं की शिकायतों की समीक्षा की गई।

गुरुद्वारों में लंगर व्यवस्था पर भी पड़ा असर
गैस की किल्लत का असर धार्मिक स्थलों की रसोई व्यवस्था पर भी पड़ने लगा है। शहर के कई गुरुद्वारों में रोजाना लंगर तैयार करने के लिए बड़ी मात्रा में गैस सिलेंडर की आवश्यकता होती है।
कुछ गुरुद्वारों के प्रबंधन का कहना है कि गैस की अनियमित आपूर्ति के कारण उन्हें वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार करना पड़ रहा है। कई जगह सोलर सिस्टम और इलेक्ट्रिक उपकरणों का सहारा लेकर लंगर की व्यवस्था जारी रखने की कोशिश की जा रही है।

बाजार में इंडक्शन चूल्हों की मांग बढ़ी
गैस की कमी का असर लखनऊ के बाजारों में भी साफ नजर आ रहा है। कई घरों में गैस खत्म होने के बाद लोग इंडक्शन चूल्हा, इलेक्ट्रिक हीटर और ओवन खरीदने के लिए दुकानों का रुख कर रहे हैं।
हजरतगंज, इंदिरानगर, अलीगंज और गोमतीनगर के इलेक्ट्रॉनिक बाजारों में दुकानदारों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में इंडक्शन चूल्हों की बिक्री तेजी से बढ़ गई है। पहले जहां एक दिन में कुछ ही इंडक्शन बिकते थे, वहीं अब कई दुकानों पर दर्जनों यूनिट की बिक्री हो रही है।

बढ़ी मांग से कीमतों में भी आया उछाल
मांग बढ़ने के कारण इंडक्शन चूल्हों और अन्य इलेक्ट्रिक किचन उपकरणों की कीमतों में भी बदलाव देखने को मिला है। दुकानदारों के अनुसार पहले जो इंडक्शन चूल्हा 1500 से 2000 रुपये तक में मिल जाता था, उसकी कीमत अब बढ़कर करीब 2000 से 2500 रुपये तक पहुंच गई है।

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