सीतापुर के मिश्रिख हरदोई सड़क मार्ग पर स्थित रामकोट कस्बे की मुख्य सड़क इन दिनों लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण कार्य की धीमी गति और लापरवाही के चलते सड़क पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो चुकी है, जिससे आए दिन वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शायद ही कोई ऐसा दिन गुजरता हो जब इस मार्ग पर कोई वाहन हादसे का शिकार न होता हो। गड्ढों से भरी सड़क पर खासकर ऑटो रिक्शा आए दिन पलट जाते हैं, जिससे यात्रियों को चोटें भी लगती हैं। कई बार राहगीरों को भी गिरकर चोटिल होना पड़ता है। दरअसल बिलरायां–पनवारी राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कार्य काफी समय से चल रहा है, लेकिन इसकी प्रगति बेहद धीमी है। रामकोट कस्बे के भीतर सड़क की हालत कई वर्षों से खराब बनी हुई है। इसी मार्ग से हरदोई, मिश्रिख समेत कई कस्बों के लोग आवागमन करते हैं, लेकिन जर्जर सड़क के कारण उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कस्बे में जवाहरपुर चीनी मिल जाने वाली ओवरलोड ट्रकों की आवाजाही भी बड़ी समस्या बन गई है। भारी ट्रकों के गड्ढों में फंस जाने से अक्सर लंबा जाम लग जाता है, जिससे आम लोगों की परेशानी और बढ़ जाती है। इसी मार्ग से विश्व विख्यात मिश्रिख प्रांतीय मेले में जाने वाले श्रद्धालु भी गुजरते हैं, लेकिन खराब सड़क के कारण उन्हें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कई श्रद्धालुओं के वाहन रास्ते में ही खराब हो गए, जिसके चलते वे मेले में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों तक समय से नहीं पहुंच सके। इस मामले में एनएचआई के सहायक अभियंता अब्दुल सत्तार का कहना है कि सड़क निर्माण कार्य प्रगति पर है और जल्द ही इसे पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि करीब दो माह के भीतर सड़क की स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।


