संभल में अलविदा जुमा और ईद के त्योहार को लेकर आयोजित पीस कमेटी की बैठक के दौरान दिए गए बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। बैठक में मौजूद सीओ कुलदीप कुमार का एक वीडियो सामने आया है। जिस पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी शुरू हो गई है। सपा के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए प्रशासन की भाषा और मानसिकता पर सवाल उठाए हैं। इस मामले में जियाउर्रहमान बर्क ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम, फेसबुक और ‘X’ पर पोस्ट करते हुए सीओ के बयान को “बेहद शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण” बताया। सांसद ने कहा कि किसी अधिकारी को किसी धर्म या समुदाय के प्रति अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने का अधिकार नहीं है। अधिकारी को कानून और संविधान की बात करनी चाहिए सांसद बर्क ने कहा कि पुलिस का काम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, न कि धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल कर डर का माहौल बनाना। उन्होंने कहा कि एक अधिकारी को कानून और संविधान की बात करनी चाहिए, न कि धमकी और अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि भारत संविधान से चलता है, किसी अधिकारी की धमकी से नहीं। देश में अमन और भाईचारा बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है। सांसद ने कहा कि संविधान हर नागरिक को अपनी भावनाएं और राय रखने का अधिकार देता है और यदि कोई कानून तोड़ता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई कानून के तहत होनी चाहिए। नारेबाजी कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश पीस कमेटी की बैठक के दौरान सीओ कुलदीप कुमार ने कहा था कि यदि किसी ने अंतरराष्ट्रीय मुद्दों को लेकर स्थानीय स्तर पर नारेबाजी कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि सड़क पर नमाज पढ़ने या किसी अन्य देश के समर्थन में नारेबाजी करने पर पुलिस कार्रवाई करेगी। सीओ कुलदीप ने कहा कि भारत में सभी को शांति और कानून व्यवस्था का पालन करते हुए रहना चाहिए और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों को लेकर स्थानीय स्तर पर माहौल खराब करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सांसद बर्क ने प्रशासन से इस मामले का संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं इस बयान को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस भी शुरू हो गई है।


