नालंदा जिले में रसोई गैस (LPG), पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। अफवाहों के बीच जिला प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। जिला पदाधिकारी ने तेल विपणन कंपनियों के सेल्स प्रबंधकों और जिला आपूर्ति पदाधिकारी के साथ समीक्षा बैठक की है। जिसमें यह बात सामने आई कि जिले में ईंधन का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह सामान्य है। अफवाह फैलाने वालों पर प्रशासन की पैनी नजर जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने बताया कि मध्य-पूर्व (मिडल ईस्ट) में जारी युद्ध की आड़ लेकर कुछ असामाजिक तत्व गैस की कमी की झूठी अफवाह फैला रहे हैं। ऐसी आशंका जताई गई है कि इन अफवाहों के माध्यम से गैस का अवैध भंडारण और कालाबाजारी करने की कोशिश की जा सकती है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी अनुमंडल पदाधिकारियों और प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को कड़ा निर्देश दिया है। सभी अधिकारी अपने क्षेत्रों में स्थित गैस एजेंसियों के स्टॉक और वितरण की सतत निगरानी और निरीक्षण करें। कड़ी कार्रवाई की चेतावनी डीएम ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर कहीं भी अवैध भंडारण, कालाबाजारी या अफवाह फैलाने का मामला संज्ञान में आता है, तो संबंधित दोषियों के खिलाफ पेट्रोलियम अधिनियम और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के कड़े प्रावधानों के तहत त्वरित और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। आपूर्ति सामान्य, घबराने की जरूरत नहीं तेल कंपनियों के प्रबंधकों ने प्रशासन को आश्वस्त किया है कि सभी गैस एजेंसियों के पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और प्रतिदिन होने वाली बिक्री के अनुपात में रिफिलिंग की आपूर्ति लगातार जारी है। पेट्रोल और डीजल की आवक भी जिले में खपत के अनुरूप सुचारू रूप से बनी हुई है। नालंदा जिले में रसोई गैस (LPG), पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। अफवाहों के बीच जिला प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। जिला पदाधिकारी ने तेल विपणन कंपनियों के सेल्स प्रबंधकों और जिला आपूर्ति पदाधिकारी के साथ समीक्षा बैठक की है। जिसमें यह बात सामने आई कि जिले में ईंधन का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह सामान्य है। अफवाह फैलाने वालों पर प्रशासन की पैनी नजर जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने बताया कि मध्य-पूर्व (मिडल ईस्ट) में जारी युद्ध की आड़ लेकर कुछ असामाजिक तत्व गैस की कमी की झूठी अफवाह फैला रहे हैं। ऐसी आशंका जताई गई है कि इन अफवाहों के माध्यम से गैस का अवैध भंडारण और कालाबाजारी करने की कोशिश की जा सकती है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी अनुमंडल पदाधिकारियों और प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को कड़ा निर्देश दिया है। सभी अधिकारी अपने क्षेत्रों में स्थित गैस एजेंसियों के स्टॉक और वितरण की सतत निगरानी और निरीक्षण करें। कड़ी कार्रवाई की चेतावनी डीएम ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर कहीं भी अवैध भंडारण, कालाबाजारी या अफवाह फैलाने का मामला संज्ञान में आता है, तो संबंधित दोषियों के खिलाफ पेट्रोलियम अधिनियम और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के कड़े प्रावधानों के तहत त्वरित और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। आपूर्ति सामान्य, घबराने की जरूरत नहीं तेल कंपनियों के प्रबंधकों ने प्रशासन को आश्वस्त किया है कि सभी गैस एजेंसियों के पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और प्रतिदिन होने वाली बिक्री के अनुपात में रिफिलिंग की आपूर्ति लगातार जारी है। पेट्रोल और डीजल की आवक भी जिले में खपत के अनुरूप सुचारू रूप से बनी हुई है।


