कानपुर। विदेश जाने के लिए कागजों में हेरफेर कर दो अलग-अलग पासपोर्ट बनवाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया और रावतपुर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि युवक ने आधार कार्ड, वोटर आईडी समेत अन्य दस्तावेजों में बदलाव कर अलग-अलग विवरण के आधार पर दो पासपोर्ट बनवा लिए थे।
पासपोर्ट कार्यालय की जांच में खुला बड़ा राज
जानकारी के मुताबिक क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय लखनऊ की जांच में यह मामला उजागर हुआ। कार्यालय की ओर से पुलिस आयुक्त कार्यालय कानपुर नगर को भेजे गए पत्र में बताया गया कि रावतपुर गांव के रोशन नगर निवासी सुनील ने कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर दो पासपोर्ट बनवा लिए।पहला पासपोर्ट 17 अप्रैल 2009 को जारी हुआ था, जिसकी वैधता 16 अप्रैल 2019 तक थी। इस पासपोर्ट में आवेदक की जन्मतिथि 20 दिसंबर 1985 दर्ज कराई गई थी, जबकि पिता का नाम विश्वनाथ यादव और माता का नाम शांति देवी अंकित था।
दूसरे पासपोर्ट में बदली जन्मतिथि और माता का नाम
जांच में सामने आया कि बाद में उसी व्यक्ति ने अलग विवरण के साथ दूसरा पासपोर्ट बनवा लिया। यह पासपोर्ट 22 मई 2017 को जारी किया गया, जिसकी वैधता 21 मई 2027 तक बताई गई है।इस पासपोर्ट में जन्मतिथि 20 दिसंबर 1988 दर्ज कराई गई है और माता का नाम शांति यादव लिखा गया है। दोनों पासपोर्ट के दस्तावेजों की जांच के दौरान विवरण में अंतर सामने आने पर पासपोर्ट कार्यालय ने इसकी सूचना पुलिस को भेज दी।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, जांच शुरू
मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस आयुक्त के निर्देश पर रावतपुर थाने में आरोपी के खिलाफ कूटरचना और धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।थाना प्रभारी कमलेश राय के अनुसार, पासपोर्ट कार्यालय की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


