16 मार्च को राज्यसभा चुनाव के लिए वोटिंग होगी। बिहार की 5 सीटों पर 6 कैंडिडेट हैं, ऐसे में वोटिंग होना कंफर्म है। NDA को 5वीं सीट जीतने के लिए 3 और विधायकों की जरूरत है तो महागठबंधन को 6 विधायकों की। तेजस्वी यादव से लेकर भाजपा तक अपने उम्मीदवार को जीताने के लिए रणनीति बना रही है। कांग्रेस के 6, AIMIM के 5, BSP के 1, IIP के 1 विधायकों पर सबकी नजर है। ये 13 तय करेंगे कि 5वां कैंडिडेट भाजपा का जीतेगा या तेजस्वी यादव का। आज के एक्सप्लेनर, बूझे की नाहीं में जानें सभी 13 विधायकों को। कौन किसको वोट कर सकता है…। 1. सुरेंद्र प्रसादः NDA से लड़ चुके हैं चुनाव, कुशवाहा के करीबी वाल्मीकि नगर से सुरेंद्र प्रसाद कांग्रेस के टिकट पर पहली बार चुनाव जीते हैं। 2015 में वह उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी RLSP से NDA की तरफ से चुनाव लड़ चुके हैं। तब हार गए थे। 2. अभिषेक रंजनः जनसुराज के कारण NDA के गढ़ में जीते, आगे लंबी राजनीति अभिषेक रंजन चनपटिया विधानसभा सीट से पहली बार विधायक चुने गए हैं। कलवार मतलब EBC समाज से आते हैं। भूमिहार बहुल चनपटिया सीट पर भाजपा का दबदबा रहा है। 3. मनोज विश्वासः JDU- RJD से पुराना नाता, चुनाव से पहले कांग्रेस में आए फारबिसगंज से पहली बार विधायक बने 38 साल के मनोज विश्वास RJD से कांग्रेस में आए हैं। केवट मतलब EBC समाज से आते हैं। 4-5. अबिदुर रहमान-मो. कमरूल होदाः कांग्रेस-AIMIM के इर्दगिर्द रही राजनीति अररिया से चुनाव जीते अबिदुर रहमान खानदानी कांग्रेसी हैं। इनके पिता भी मंत्री रह चुके हैं। वहीं, किशनगंज से चुनाव जीते मो. कमरुल होदा AIMIM से कांग्रेस में शामिल हुए हैं। 6. मनोहर प्रसाद सिंहः नीतीश के कहने पर कांग्रेस में गए थे मनिहारी से चौथी बार विधायक बने मनोहर प्रसाद सिंह पुराने JDU के नेता हैं। IPS अफसर से रिटायरमेंट के बाद 2005 में JDU से जुड़े। 2010 में JDU के टिकट पर मनोहर प्रसाद चुनाव जीते थे। 7. सतीश सिंह यादवः RJD से पुराना नाता, सबसे कम वोटों से जीते बिहार में बहुजन समाज पार्टी (BSP) के इकलौते विधायक सतीश कुमार सिंह यादव हैं। कैमूर जिले के रामगढ़ सीट से सिर्फ 30 वोटों से चुनाव जीते हैं। 8. IP गुप्ताः कांग्रेस से अलग होकर पार्टी बनाई, महागठबंधन में अहम भूमिका इंद्रजीत प्रसाद गुप्ता (IP गुप्ता) इंडियन इंक्लूसिव पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। पहली बार सहरसा से विधायक बने हैं। गुप्ता पहले कांग्रेस पार्टी में थे। बाद में अलग होकर जुलाई 2023 में अपनी पार्टी बनाई। 9. मो. मुर्शिद आलमः नीतीश को बताते हैं राजनीतिक गुरु मुखिया से राजनीति शुरू करने वाले जोकीहाट के विधायक मोहम्मद मुर्शिद आलम पहली बार विधानसभा चुनाव जीते हैं। चुनाव से पहले 2024 में उन्होंने JDU छोड़कर ओवैसी की पार्टी AIMIM का दामन थामा था। 10. अख्तरुल ईमानः ओवैसी जो कहेंगे, वही करेंगे बिहार AIMIM प्रमुख अख्तरुल ईमान पूर्णिया के अमौर से विधायक हैं। पार्टी के विधायक दल के नेता हैं। ओवैसी के काफी भरोसेमंद हैं। हालांकि, पहले वह RJD से चुनाव जीत चुके हैं। 11. गुलाम सरवरः बिना ओवैसी की जीत मुश्किल गुलाम सरवर AIMIM के पुराने नेता है। पहली बार पूर्णिया के बायसी विधानसभा सीट से चुनाव जीते हैं। एरिया में अच्छी पकड़ है। 12. तौसिफ आलमः कांग्रेस के पुराने नेता, अभी ओवैसी के साथ किशनगंज के बहादुरगंज से 5वीं बार चुनाव जीते हैं। 4 बार कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीते। इस बार ओवैसी की पार्टी के टिकट पर जीते हैं। 13. सरवर आलमः पहली बार विधायक बने, आगे लंबी राजनीति AIMIM से सरवर आलम पहली बार विधायक बने हैं। उन्होंने किशनगंज के कोचाधामन सीट पर RJD प्रत्याशी को 23 हजार वोटों से हराया है। 16 मार्च को राज्यसभा चुनाव के लिए वोटिंग होगी। बिहार की 5 सीटों पर 6 कैंडिडेट हैं, ऐसे में वोटिंग होना कंफर्म है। NDA को 5वीं सीट जीतने के लिए 3 और विधायकों की जरूरत है तो महागठबंधन को 6 विधायकों की। तेजस्वी यादव से लेकर भाजपा तक अपने उम्मीदवार को जीताने के लिए रणनीति बना रही है। कांग्रेस के 6, AIMIM के 5, BSP के 1, IIP के 1 विधायकों पर सबकी नजर है। ये 13 तय करेंगे कि 5वां कैंडिडेट भाजपा का जीतेगा या तेजस्वी यादव का। आज के एक्सप्लेनर, बूझे की नाहीं में जानें सभी 13 विधायकों को। कौन किसको वोट कर सकता है…। 1. सुरेंद्र प्रसादः NDA से लड़ चुके हैं चुनाव, कुशवाहा के करीबी वाल्मीकि नगर से सुरेंद्र प्रसाद कांग्रेस के टिकट पर पहली बार चुनाव जीते हैं। 2015 में वह उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी RLSP से NDA की तरफ से चुनाव लड़ चुके हैं। तब हार गए थे। 2. अभिषेक रंजनः जनसुराज के कारण NDA के गढ़ में जीते, आगे लंबी राजनीति अभिषेक रंजन चनपटिया विधानसभा सीट से पहली बार विधायक चुने गए हैं। कलवार मतलब EBC समाज से आते हैं। भूमिहार बहुल चनपटिया सीट पर भाजपा का दबदबा रहा है। 3. मनोज विश्वासः JDU- RJD से पुराना नाता, चुनाव से पहले कांग्रेस में आए फारबिसगंज से पहली बार विधायक बने 38 साल के मनोज विश्वास RJD से कांग्रेस में आए हैं। केवट मतलब EBC समाज से आते हैं। 4-5. अबिदुर रहमान-मो. कमरूल होदाः कांग्रेस-AIMIM के इर्दगिर्द रही राजनीति अररिया से चुनाव जीते अबिदुर रहमान खानदानी कांग्रेसी हैं। इनके पिता भी मंत्री रह चुके हैं। वहीं, किशनगंज से चुनाव जीते मो. कमरुल होदा AIMIM से कांग्रेस में शामिल हुए हैं। 6. मनोहर प्रसाद सिंहः नीतीश के कहने पर कांग्रेस में गए थे मनिहारी से चौथी बार विधायक बने मनोहर प्रसाद सिंह पुराने JDU के नेता हैं। IPS अफसर से रिटायरमेंट के बाद 2005 में JDU से जुड़े। 2010 में JDU के टिकट पर मनोहर प्रसाद चुनाव जीते थे। 7. सतीश सिंह यादवः RJD से पुराना नाता, सबसे कम वोटों से जीते बिहार में बहुजन समाज पार्टी (BSP) के इकलौते विधायक सतीश कुमार सिंह यादव हैं। कैमूर जिले के रामगढ़ सीट से सिर्फ 30 वोटों से चुनाव जीते हैं। 8. IP गुप्ताः कांग्रेस से अलग होकर पार्टी बनाई, महागठबंधन में अहम भूमिका इंद्रजीत प्रसाद गुप्ता (IP गुप्ता) इंडियन इंक्लूसिव पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। पहली बार सहरसा से विधायक बने हैं। गुप्ता पहले कांग्रेस पार्टी में थे। बाद में अलग होकर जुलाई 2023 में अपनी पार्टी बनाई। 9. मो. मुर्शिद आलमः नीतीश को बताते हैं राजनीतिक गुरु मुखिया से राजनीति शुरू करने वाले जोकीहाट के विधायक मोहम्मद मुर्शिद आलम पहली बार विधानसभा चुनाव जीते हैं। चुनाव से पहले 2024 में उन्होंने JDU छोड़कर ओवैसी की पार्टी AIMIM का दामन थामा था। 10. अख्तरुल ईमानः ओवैसी जो कहेंगे, वही करेंगे बिहार AIMIM प्रमुख अख्तरुल ईमान पूर्णिया के अमौर से विधायक हैं। पार्टी के विधायक दल के नेता हैं। ओवैसी के काफी भरोसेमंद हैं। हालांकि, पहले वह RJD से चुनाव जीत चुके हैं। 11. गुलाम सरवरः बिना ओवैसी की जीत मुश्किल गुलाम सरवर AIMIM के पुराने नेता है। पहली बार पूर्णिया के बायसी विधानसभा सीट से चुनाव जीते हैं। एरिया में अच्छी पकड़ है। 12. तौसिफ आलमः कांग्रेस के पुराने नेता, अभी ओवैसी के साथ किशनगंज के बहादुरगंज से 5वीं बार चुनाव जीते हैं। 4 बार कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीते। इस बार ओवैसी की पार्टी के टिकट पर जीते हैं। 13. सरवर आलमः पहली बार विधायक बने, आगे लंबी राजनीति AIMIM से सरवर आलम पहली बार विधायक बने हैं। उन्होंने किशनगंज के कोचाधामन सीट पर RJD प्रत्याशी को 23 हजार वोटों से हराया है।


