OTP न आने से अटकी सिलेंडरों की बुकिंग:पंजाब में गैस कंपनियों के सर्वर डाउन; CM मान बोले- LPG की कहीं कमी नहीं होने देंगे

OTP न आने से अटकी सिलेंडरों की बुकिंग:पंजाब में गैस कंपनियों के सर्वर डाउन; CM मान बोले- LPG की कहीं कमी नहीं होने देंगे

अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच मिडिल ईस्ट में चल रही जंग का पंजाब में गहरा असर हुआ है। यहां कुकिंग गैस की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई है। 2 दिन पहले तक केवल कॉमर्शियल सिलेंडरों की डिलीवरी बंद हुई थी, लेकिन अब घरेलू गैस भी नहीं मिल रही। भले ही सरकार और प्रशासन यह आश्वासन दे रहे हों कि घरेलू सिलेंडर की कमी नहीं है। फिर भी लोगों के घरों में सप्लाई नहीं मिल रही। ऑनलाइन बुकिंग की इतनी कोशिशें हो रही हैं कि गैस कंपनियों के सर्वर ही ठप हो गए। इसलिए, बुकिंग कंफर्मेशन के लिए वन टाइम पासवर्ड (OTP) ही नहीं आ रहा। सरकार पहले ही केवल ऑनलाइन बुकिंग पर ही सिलेंडर डिलीवरी का निर्देश जारी कर चुकी है। इसलिए, जो लोग पहले बुकिंग कर चुके हैं, वे एजेंसियों के बाहर खाली सिलेंडर लेकर लाइनों में लग रहे हैं, लेकिन उन्हें भी भरा सिलेंडर नहीं मिल पा रहा। गैस का भयंकर संकट देखते हुए CM भगवंत मान ने गुरुवार को बयान जारी कर बताया कि उन्होंने इस समस्या से निपटने के लिए इंतजाम कर दिए हैं। उन्होंने अपील की कि लोग परेशान न हों। चंडीगढ़ में परांठा पॉइंट बंद होने की कगार पर चंडीगढ़ में जगह-जगह लगने वाले परांठा पॉइंट्स गैस न मिलने के चलते बंद होने की कगार पर हैं। सेक्टर-9 में परांठा बनाने वाले साहू बताते हैं कि उन्होंने दुकान की टाइमिंग बदल दी है। पहले रात 8 बजे तक परांठे बनाते थे, लेकिन अब साढ़े 6 बजे तक ही दुकान बढ़ा देते हैं। साहू ने कहा कि अब ज्यादा से ज्यादा 2 से 3 दिन का काम ही चल सकता है। फिलहाल काम चलाने के लिए ब्लैक में 2500 रुपये का सिलेंडर खरीदा है। खाने के आइटम भी कम कर दिए हैं। शादियों में रिश्तेदारों के नाम घट रहे आमतौर पर अपनी भव्यता के लिए पहचानी जाने वाली पंजाबी शादियों में खाने का संकट बढ़ गया है। मार्च महीने में प्रदेशभर में करीब 10 हजार शादियां तय हैं। ऐसे में LPG क्राइसिस को देखते हुए कुछ लोगों ने समारोह आगे बढ़ाने शुरू कर दिए हैं। वहीं, कुछ लोग मेहमानों की लिस्ट छोटी करने में लगे हुए हैं। साथ ही लोग कोशिश कर रहे हैं कि जो शादियां पहले धूमधाम से होने वाली थीं, उन्हें अब साधारण तरीके से संपन्न कराया जाए। कैटरर्स का कहना है कि सबसे बड़ा बदलाव खाने के मेन्यू में हो रहा है। खाने की स्टॉल कम की जा रही हैं। तंदूरी आइटम और ज्यादा तेल में बनने वाले पकवान भी कम किए जा रहे हैं, क्योंकि इन्हें बनाने में काफी गैस की जरूरत होती है। जानिए किस जिले में क्या स्थिति…

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