जिले में घरेलू गैस की उपलब्धता को व्यवस्थित और सुलभ बनाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। गुरुवार को दोपहर बाद DM दीपक मीणा एवं SSP डा. कौस्तुभ ने शहर की कुछ गैस एजेंसियों का औचक निरीक्षण किया। वहां दोपहर बाद तक भीड़ देखकर उन्होंने इसका कारण पूछा। DM ने कहा कि गैस वितरण के लिए टोकन सिस्टम लागू किया जाए, जिससे लोगों को पूरे दिन परेशान न होना पड़े। उन्होंने कहा कि पैनिक होने की जरूरत नहीं है, जिले में पर्याप्त सिलेंडर हैं।
अधिकारियों ने छात्रसंघ चौराहा स्थित सुशीला गैस एजेंसी असैर ट्रांसपोर्टनगर स्थित गंगा गैस एजेंसी का औचक निरीक्षण किया। DM ने कहा कि सभी गैस एजेंसियों पर नोडल अधिकारी तैनात होंगे और उन्हीं की निगरानी में रसोई गैस का वितरण होगा। अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान गोदामों में उपलब्ध रसोई गैस सिलेंडरों के स्टाक, उनकी आपूर्ति और उपभोक्ताओं को किए जा रहे वितरण की पूरी व्यवस्था देखी। उन्होंने प्रतिदिन आने वाले सिलेंडर और वितरित किए गए सिलेंडर के बारे में भी जानकारी ली। पूरी तरह से पारदर्शी हो वितरण व्यवस्था
DM ने कहा कि रसोई गैस वितरण की व्यवस्था पूरी तरह से पारदर्शी होनी चाहिए। किसी भी उपभोक्ता को असुविधा न होने पाए। जिन उपभोक्ताओं की ओर से गैस बुक कराई गई है, उन्हें समय पर सिलेंडर उपलब्ध कराया जाए। अधिक से अधिक लोगों को होम डिलीवरी के जरिए गैस दी जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी गैस एजेंसी द्वारा सिलेंडरों की अवैध रूप से बिक्री की गई तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि गैस वितरण व्यवस्था पर प्रशासन लगातार निगरानी बनाए है। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एसएसपी डा. कौस्तुभ ने बताया कि जनपद के सभी गैस गोदामों पर पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है। उन्होंने कहा कि कहीं भी अव्यवस्था या कालाबाजारी की स्थिति न बने, इसके लिए 87 गैस गोदामों पर पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।
डीएम ने बताया कि गैस वितरण के लिए टोकन प्रणाली लागू की जाएगी ताकि गोदामों पर भीड़ और अव्यवस्था की स्थिति न बने। टोकन व्यवस्था के तहत पहले आने वाले उपभोक्ता को पहले गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा। पहले बुकिंग कराने वाले को पहले दें सिलेंडर DM ने प्रशासन के अधिकारियों, जिला पूर्ति अधिकारी, ऑयल कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक की और जरूरी दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गैस की सप्लाई की एक व्यवस्था बनाई जाये। पहले बुकिंग कराने वाले को पहले सिलेंडर दिया जाए। साथ ही सभी एजेंसी की मांग,स्टाक,वितरण आदि की रिर्पोट प्रतिदिन प्रस्तुत की जाए। किसी भी दशा मे गैस का डायवर्जन न होने पाए। यदि डायवर्जन हुआ तो सम्बन्धित कम्पनी के अधिकारियों पर भी कार्यवाही की जाएगी। प्रतिदिन गैस की गाड़ियों के मूवमेंट की जानकारी उपलबध कराई जाए। डीएम ने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में गैस वितरण मे कोई गडबड़ी मिले तो एफआईआर दर्ज कराई जाए।


