अररिया में जनगणना 2027 के पहले चरण का प्रशिक्षण शुरू:जिला अधिकारियों को मकान सूचीकरण के लिए दिया जा रहा प्रशिक्षण

अररिया में जनगणना 2027 के पहले चरण का प्रशिक्षण शुरू:जिला अधिकारियों को मकान सूचीकरण के लिए दिया जा रहा प्रशिक्षण

भारत की जनगणना-2027 के प्रथम चरण के सफल संचालन के लिए अररिया समाहरणालय स्थित परमान सभागार में प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। यह प्रशिक्षण जिला चार्ज स्तर के अधिकारियों और अन्य शासकीय सेवकों के लिए आयोजित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 12 मार्च 2026 से 17 मार्च 2026 तक चलेगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए जिला पदाधिकारी सह प्रधान जनगणना अधिकारी अररिया विनोद दूहन ने कहा कि भारत की जनगणना देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रिया है। इसके माध्यम से देश की जनसंख्या, आवासीय स्थिति और सामाजिक-आर्थिक स्थिति से संबंधित महत्वपूर्ण आंकड़े प्राप्त होते हैं। उन्होंने बताया कि जनगणना के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसी के आधार पर आगे की जनगणना की प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न होती है। जिला पदाधिकारी ने सभी अधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देश दिया कि प्रशिक्षण के दौरान दिए जा रहे दिशा-निर्देशों को गंभीरता से समझें। फील्ड में कार्य करते समय पूरी सावधानी एवं जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने यह भी कहा कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े सरकार की विभिन्न योजनाओं के निर्माण एवं नीति निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसलिए इसमें किसी प्रकार की त्रुटि की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। विनोद दूहन ने सभी संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मियों को जनगणना कार्य को पूरी पारदर्शिता, सटीकता एवं समयबद्ध तरीके से संपन्न कराने का निर्देश दिया, ताकि जनगणना का कार्य जिले में सफलतापूर्वक पूरा किया जा सके। प्रक्रिया और तकनीकी पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जनगणना के प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण तथा मकानों की गणना की प्रक्रिया को सही एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराना है। इसमें जिला एवं चार्ज स्तर के अधिकारियों के साथ-साथ संबंधित शासकीय कर्मियों को जनगणना से जुड़ी आवश्यक जानकारी, प्रक्रिया तथा तकनीकी पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी जा रही है। कार्यक्रम का आयोजन जिला प्रशासन के तत्वावधान में किया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान जनगणना कार्य निदेशालय बिहार पटना से नामित अधिकारियों में पंकज कुमार एवं रोहित कुमार द्वारा बताया गया कि जनगणना का यह चरण अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी के आधार पर आवासीय इकाइयों का सही आंकड़ा संकलित किया जाता है। साथ ही फील्ड में कार्य के दौरान आने वाली संभावित समस्याओं और उनके समाधान के बारे में भी विस्तृत मार्गदर्शन दिया जा रहा है। जनगणना 2027 का प्रथम चरण, जिसमें मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना शामिल है, जो 2 मई 2026 से 31 मई 2026 तक संचालित किया जाएगा। इसके साथ-साथ नागरिकों के लिए 17 अप्रैल 2026 से 1 मई 2026 तक स्व-गणना की भी व्यवस्था रहेगी। प्रशिक्षण के माध्यम से अधिकारियों और कर्मियों को जनगणना कार्य के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें जिम्मेदारियों का निर्वहन बेहतर तरीके से करने के लिए तैयार किया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनगणना से संबंधित प्रक्रियाओं, सीएमएमएस पोर्टल तथा एचएलबीसी वेब एप्लिकेशन के उपयोग सहित तकनीकी पहलुओं से अवगत कराने हेतु विशेष रूप से प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इस अवसर पर अपर समाहर्ता अररिया अनिल कुमार झा, सहित संबंधित जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारीगण उपस्थित थे। भारत की जनगणना-2027 के प्रथम चरण के सफल संचालन के लिए अररिया समाहरणालय स्थित परमान सभागार में प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। यह प्रशिक्षण जिला चार्ज स्तर के अधिकारियों और अन्य शासकीय सेवकों के लिए आयोजित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 12 मार्च 2026 से 17 मार्च 2026 तक चलेगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए जिला पदाधिकारी सह प्रधान जनगणना अधिकारी अररिया विनोद दूहन ने कहा कि भारत की जनगणना देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रिया है। इसके माध्यम से देश की जनसंख्या, आवासीय स्थिति और सामाजिक-आर्थिक स्थिति से संबंधित महत्वपूर्ण आंकड़े प्राप्त होते हैं। उन्होंने बताया कि जनगणना के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसी के आधार पर आगे की जनगणना की प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न होती है। जिला पदाधिकारी ने सभी अधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देश दिया कि प्रशिक्षण के दौरान दिए जा रहे दिशा-निर्देशों को गंभीरता से समझें। फील्ड में कार्य करते समय पूरी सावधानी एवं जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने यह भी कहा कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े सरकार की विभिन्न योजनाओं के निर्माण एवं नीति निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसलिए इसमें किसी प्रकार की त्रुटि की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। विनोद दूहन ने सभी संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मियों को जनगणना कार्य को पूरी पारदर्शिता, सटीकता एवं समयबद्ध तरीके से संपन्न कराने का निर्देश दिया, ताकि जनगणना का कार्य जिले में सफलतापूर्वक पूरा किया जा सके। प्रक्रिया और तकनीकी पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जनगणना के प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण तथा मकानों की गणना की प्रक्रिया को सही एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराना है। इसमें जिला एवं चार्ज स्तर के अधिकारियों के साथ-साथ संबंधित शासकीय कर्मियों को जनगणना से जुड़ी आवश्यक जानकारी, प्रक्रिया तथा तकनीकी पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी जा रही है। कार्यक्रम का आयोजन जिला प्रशासन के तत्वावधान में किया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान जनगणना कार्य निदेशालय बिहार पटना से नामित अधिकारियों में पंकज कुमार एवं रोहित कुमार द्वारा बताया गया कि जनगणना का यह चरण अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी के आधार पर आवासीय इकाइयों का सही आंकड़ा संकलित किया जाता है। साथ ही फील्ड में कार्य के दौरान आने वाली संभावित समस्याओं और उनके समाधान के बारे में भी विस्तृत मार्गदर्शन दिया जा रहा है। जनगणना 2027 का प्रथम चरण, जिसमें मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना शामिल है, जो 2 मई 2026 से 31 मई 2026 तक संचालित किया जाएगा। इसके साथ-साथ नागरिकों के लिए 17 अप्रैल 2026 से 1 मई 2026 तक स्व-गणना की भी व्यवस्था रहेगी। प्रशिक्षण के माध्यम से अधिकारियों और कर्मियों को जनगणना कार्य के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें जिम्मेदारियों का निर्वहन बेहतर तरीके से करने के लिए तैयार किया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनगणना से संबंधित प्रक्रियाओं, सीएमएमएस पोर्टल तथा एचएलबीसी वेब एप्लिकेशन के उपयोग सहित तकनीकी पहलुओं से अवगत कराने हेतु विशेष रूप से प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इस अवसर पर अपर समाहर्ता अररिया अनिल कुमार झा, सहित संबंधित जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारीगण उपस्थित थे।  

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