परीक्षाओं के समय अब संभाग के सबसे बड़े राजकीय डूंगर महाविद्यालय में विद्यार्थियों को गैलरी में बैठकर परीक्षा नहीं देनी पड़ेगी। इसको लेकर कॉलेज प्राचार्य प्रो. राजेंद्र कुमार पुरोहित आंतरिक विकास समिति की आवश्यक बैठक में ये दिशा-निर्देश दिए। प्राचार्य प्रो. पुरोहित ने बताया कि आंतरिक बैठक बुधवार को आयोजित की गई। जिसमें महाविद्यालय की भवन निर्माण समिति के सदस्यों को भी निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने बताया कि बारिश के मौसम से पहले सभी आवश्यक कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे आगामी परीक्षाओं के दौरान विद्यार्थियों को गैलरी में बैठने की आवश्यकता न पड़े। समिति को निर्देशित किया कि परीक्षाओं के दौरान विद्यार्थियों के बैठने की समुचित व्यवस्था कक्षाओं में ही सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही आगामी गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए महाविद्यालय में विद्यार्थियों और कार्मिकों के लिए पेयजल एवं बिजली की सुचारू व्यवस्था बनाए रखने के भी निर्देश दिए।
निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण
प्राचार्य ने बुधवार को ही महाविद्यालय परिसर में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित एजेंसी को गुणवत्तापूर्ण कार्य करते हुए निर्माण कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने विज्ञान भवन की मरम्मत कार्य को शीघ्र प्रारंभ करने व विज्ञान भवन के ऊपर स्थापित सोलर संयंत्र को अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए, ताकि मरम्मत कार्य समय पर संपादित किया जा सके। साथ ही महाविद्यालय में नए जनरेटर की व्यवस्था भी सुनिश्चित कर दी जाएगी, जिससे बिजली आपूर्ति में किसी प्रकार की बाधा न आए। बैठक में प्रो. नरेंद्र नाथ, प्रो. अन्नाराम शर्मा, प्रो. चंद्रशेखर कच्छावा, डॉ. सुमित्रा चारण, प्रो. देवेश खंडेलवाल, डॉ. विक्रमजीत, प्रो. योगेन्द्र सिंह, डॉ. सोनू शिवा तथा डॉ. अनिला पुरोहित उपस्थित रहे।
पत्रिका ने उठाया मुद्दा
परीक्षाओं के समय डूंगर कॉलेज में विद्यार्थियों को मजबूरन गैलरी में बैठकर परीक्षा देनी पड़ती है। इसको लेकर 8 मार्च को राजस्थान पत्रिका में ‘विद्यार्थियों की संख्या अधिक, कमरे कम, गैलरी में बैठने को मजबूर परीक्षार्थी’ शीर्षक खबर प्रकाशित की गई थी। इसके बाद कॉलेज प्राचार्य ने बैठक कर इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।


