नवादा में LPG गैस सिलेंडर को लेकर स्थिति बेकाबू हो गई है। ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध के कारण वैश्विक आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका से लोग घबराए हुए हैं और सिलेंडर खरीदने के लिए दौड़ रहे हैं। शहर की गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लंबी कतारें देखी जा रही हैं। उपभोक्ता सुबह से ही सिलेंडर लेकर लाइन में लगे लोग एक के बजाय दो-दो सिलेंडर लेने की होड़ में लगे हैं। कई उपभोक्ता सुबह-सुबह खाली सिलेंडर लेकर लाइन में खड़े हो जाते हैं, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया है। स्थानीय लोगों में यह डर है कि उन्हें अब सिलेंडर नहीं मिलेगा और उनकी रसोई बंद हो जाएगी। अनावश्यक बुकिंग को रोकने के लिए ओटीपी अनिवार्य हालांकि, एजेंसी संचालकों ने बताया कि फिलहाल कोई बड़ी कमी नहीं है, लेकिन युद्ध के असर से भविष्य में दिक्कतें आ सकती हैं। अनावश्यक बुकिंग को रोकने के लिए अब ओटीपी वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है। सरकार और केंद्र ने स्पष्ट किया है कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। केंद्र और राज्य मिलकर आपूर्ति सुनिश्चित कर रहे हैं, इसलिए घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। जिला प्रशासन कालाबाजारी पर कड़ी नजर रख रहा है। अधिकारियों ने बताया कि पैनिक बाइंग (घबराहट में खरीदारी) से ही स्थिति बिगड़ रही है। नवादा में LPG गैस सिलेंडर को लेकर स्थिति बेकाबू हो गई है। ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध के कारण वैश्विक आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका से लोग घबराए हुए हैं और सिलेंडर खरीदने के लिए दौड़ रहे हैं। शहर की गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लंबी कतारें देखी जा रही हैं। उपभोक्ता सुबह से ही सिलेंडर लेकर लाइन में लगे लोग एक के बजाय दो-दो सिलेंडर लेने की होड़ में लगे हैं। कई उपभोक्ता सुबह-सुबह खाली सिलेंडर लेकर लाइन में खड़े हो जाते हैं, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया है। स्थानीय लोगों में यह डर है कि उन्हें अब सिलेंडर नहीं मिलेगा और उनकी रसोई बंद हो जाएगी। अनावश्यक बुकिंग को रोकने के लिए ओटीपी अनिवार्य हालांकि, एजेंसी संचालकों ने बताया कि फिलहाल कोई बड़ी कमी नहीं है, लेकिन युद्ध के असर से भविष्य में दिक्कतें आ सकती हैं। अनावश्यक बुकिंग को रोकने के लिए अब ओटीपी वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है। सरकार और केंद्र ने स्पष्ट किया है कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। केंद्र और राज्य मिलकर आपूर्ति सुनिश्चित कर रहे हैं, इसलिए घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। जिला प्रशासन कालाबाजारी पर कड़ी नजर रख रहा है। अधिकारियों ने बताया कि पैनिक बाइंग (घबराहट में खरीदारी) से ही स्थिति बिगड़ रही है।


