गैस सिलेंडर : न जमीनी हकीकत जानी, न आंकड़ों का अता-पता, फिर भी दमोह कलेक्टर ने बताई सामान्य स्थिति

गैस सिलेंडर : न जमीनी हकीकत जानी, न आंकड़ों का अता-पता, फिर भी दमोह कलेक्टर ने बताई सामान्य स्थिति

दमोह. मौजूदा समय में गैस सिलेंडर को हर बढ़ते दिन के साथ लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही हैं। गैस एजेंसी संचालक अपनी मनमानी पर उतारू हैं। उपभोक्ताओं को गैस के लिए चक्कर कटवाएं जा रहे हैं। कितने सिलेंडर दमोह में आ रहे हैं और कितने का रोजाना वितरण हो रहा हैं, इसका रेकॉर्ड भी प्रशासन के पास नहीं है। इसके बाद भी जिला प्रशासन गैस को लेकर स्थिति सामान्य बता रहे हैं। जिस पर लोग सोशल मीडिया पर चुटकियां ले रहे हैं।

दरअसल, बीते दिन कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने जिले के गैस एजेंसी संचालकों, मैरिज गार्डन संचालकों, कैटरर्स और पेट्रोल पंप मालिकों के साथ बैठक कर आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा की। बैठक में सभी संबंधितों से चर्चा कर सुझाव लिए गए और वर्तमान स्थिति को लेकर स्पष्ट जानकारी दी गई। कोचर ने कहा कि जिले में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की किसी भी प्रकार की कमी नहीं है। लोगों को अनावश्यक रूप से ईंधन का स्टॉक करने से बचना चाहिए। उन्होंने बताया कि घरेलू गैस सिलेंडर की उपलब्धता भी पूरी तरह सामान्य है। केवल बुकिंग की अवधि में थोड़ा बदलाव किया गया है। पहले सिलेंडर बुक करने के बाद अगला सिलेंडर 21 दिन बाद बुक किया जा सकता था, जिसे अब बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है।

बैठक पर उठ गए सवाल

इस बैठक से लोगों को उम्मीद थी कि जिले में बीते एक हफ्ते से गैस सिलेंडर की शॉर्टेज जो एजेंसी संचालकों द्वारा बनाई जा रही हैं। डिलेवरी वेंडर को सिलेंडर नहीं दिए जा रहे हैं। ५ से १० दिन बुकिंग के बीतने के बाद भी सिलेंडर नहीं देने जैसी समस्याओं से निराकरण मिलेगा, लेकिन कुछ नहीं हो सका। बैठक महज औपचारिक रही, जिसमें प्रशासन स्तर से न तो गैस एजेंसी संचालकों से उनकी रोज की रिपोर्ट ली गई और न ही इससे संबंधित आंकड़ों को जानने और जनता के सामने लाने का प्रयास किया गया। ऐसे में कालाबाजारी और बढऩे की संभावना है। लोगों की मांग है कि हर गैस एजेंसी का रोज के सिलेंडर का आंकड़ा कलेक्टर सोशल मीडिया पर रिलीज करें।

सीधी बात: रचना प्रजापति, खाद्य आपूर्ति अधिकारी दमोह

सवाल- बैठक का क्या उद्देश्य था?

जवाब= यह एक सामान्य बैठक थी, जिसमें हमने सभी को कनवे किया है कि हमारे यहां कोई दिक्कत नहीं है।

सवाल- कितने सिलेंडर रोज आ रहे और खपत हो रही है, आंकड़े लिए गए हैं क्या?

जवाब: सभी ने प्रॉपर सप्लाई की बात कही है। आंकड़े अभी नहीं लिए गए है।

सवाल: एजेंसी संचालकों के बताने पर रियल्टी चेक कराई गई है क्या?

जवाब: हमारे पास में ऐसी कोई शिकायत आती है तो चेक कराते है। हमारी टीम निरीक्षण भी कराएंगे।

सवाल: आंकड़े कब तक प्रस्तुत हो पाएंगे?

जवाब: ये आंकड़े और जानकारी बीच-बीच में लेते रहेंगे। ये फस्र्ट मीटिंग है, आगे और भी होगी।

सवाल: पब्लिक को जानकारी कैसे होगी कि कहां गैस है?

जवाब: यह अच्छा सवाल है, इस वावत भी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा करेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *