फ़िरोज़ाबाद जनपद के कस्बा फरिहा में एक झोलाछाप के इंजेक्शन से एक युवक की मौत हो गई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। युवक दांत दर्द की दवा लेने डॉक्टर के पास गया था। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित अस्पताल को सील कर दिया है। मृतक की पहचान गांव सुनाब, थाना फरिहा निवासी धर्मेंद्र (लगभग 42 वर्ष) पुत्र निहाल सिंह के रूप में हुई है। धर्मेंद्र चूड़ी की सिट चलाने का काम करते थे। उनके परिवार में एक बेटा और एक बेटी हैं। वह अपने सात भाई-बहनों में सबसे छोटे थे। परिजनों के अनुसार, धर्मेंद्र को दांत की दाढ़ में तेज दर्द था, जिसके लिए वह कस्बा फरिहा में एक कथित दांत के डॉक्टर के पास गए थे। आरोप है कि डॉक्टर द्वारा इंजेक्शन लगाए जाने के कुछ ही देर बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें आनन-फानन में जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। यह घटना दोपहर करीब तीन बजे हुई। धर्मेंद्र की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया और चीख-पुकार मच गई। आक्रोशित परिजन और ग्रामीण डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। मामले की जानकारी मिलने पर स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित अस्पताल को सील कर दिया। इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि जनपद में बिना पंजीकरण और बिना डिग्री के कई झोलाछाप डॉक्टर खुलेआम इलाज कर रहे हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है। गौरतलब है कि जनपद में 12 घंटे के भीतर दो मरीजों की मौत होने से स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर चिंता बढ़ गई है। धर्मेंद्र की मौत से पहले देर रात शहर के एक नर्सिंग होम में भी इलाज के दौरान एक मरीज की जान चली गई थी। थाना प्रभारी फरिहा ने बताया कि इस मामले में अभी तक कोई लिखित तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है। तहरीर मिलने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।


