गोपालगंज डीएम ने बेटे-बहू की शादी का कराया रजिस्ट्रेशन:निबंधन कार्यालय पहुंचकर पेश की मिसाल, नियमों का पालन किया

गोपालगंज डीएम ने बेटे-बहू की शादी का कराया रजिस्ट्रेशन:निबंधन कार्यालय पहुंचकर पेश की मिसाल, नियमों का पालन किया

गोपालगंज जिलाधिकारी पवन कुमार सिंहा ने अपने बेटे पलाश पल्लव और बहू ऐश्वर्या सिन्हा की शादी का पंजीकरण जिला निबंधन कार्यालय में कराया है। एक उच्च पदस्थ अधिकारी द्वारा स्वयं नियमों का पालन करते हुए यह कदम उठाना चर्चा का विषय बन गया है। जिलाधिकारी सिंहा अपने बेटे और बहू के साथ निबंधन कार्यालय पहुंचे, जहां रजिस्ट्रार काली आशीष के समक्ष उनकी शादी का विधिवत पंजीकरण किया गया। इस पहल को प्रशासनिक गलियारों और आम जनता के बीच सराहा जा रहा है। 25 फरवरी को हुई थी शादी पलाश पल्लव और ऐश्वर्या सिन्हा की शादी 25 फरवरी को जिलाधिकारी आवास पर हिंदू रीति-रिवाजों और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुई थी। इसके बाद डीएम ने कानूनी रूप से विवाह का पंजीकरण कराना सुनिश्चित किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि आज के समय में शादी का पंजीकरण कराना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जोर दिया कि खासकर नौकरीपेशा लोगों या विदेश में रहने वालों के लिए विवाह का कानूनी प्रमाण होना बहुत महत्वपूर्ण है। समाज में जागरूकता बढ़ाने को पहल डीएम की इस पहल को लोग काफी सराह रहे हैं। उनका मानना है कि इससे समाज में शादी के पंजीकरण को लेकर जागरूकता बढ़ेगी और लोगों को कानूनी सुरक्षा भी मिलेगी। यह कदम वीआईपी संस्कृति के विपरीत, कानून के समक्ष सभी की समानता का संदेश देता है। भारत में शादियों का पंजीकरण अनिवार्य होने के बावजूद कई लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं। जिलाधिकारी ने अपने उदाहरण से यह समझाया कि विवाह पंजीकरण केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण कानूनी दस्तावेज है जो भविष्य में कई समस्याओं से बचाता है।जब जिले का मुखिया खुद वहां पहुंचकर अपने परिवार का निबंधन कराता है। बिचौलियों की भूमिका खत्म करने का संदेश तो इससे विभाग की कार्यप्रणाली के प्रति जनता का विश्वास बढ़ता है और बिचौलियों की भूमिका खत्म करने का संदेश जाता है। संविधान और नियम हमें जो अधिकार देते हैं, उनका सम्मान करना हमारा कर्तव्य है। शादी का पंजीकरण हर नागरिक को कराना चाहिए ताकि भविष्य में किसी भी कानूनी अड़चन से बचा जा सके।”
डीएम का यह कदम “कथनी और करनी” के अंतर को पाटने वाला है। उन्होंने साबित किया कि एक लोक सेवक केवल आदेश देकर नहीं, बल्कि स्वयं आचरण करके समाज में बदलाव ला सकता है। सोशल मीडिया पर भी लोग उनकी इस सादगी और कर्तव्यनिष्ठा की जमकर सराहना कर रहे हैं। गोपालगंज जिलाधिकारी पवन कुमार सिंहा ने अपने बेटे पलाश पल्लव और बहू ऐश्वर्या सिन्हा की शादी का पंजीकरण जिला निबंधन कार्यालय में कराया है। एक उच्च पदस्थ अधिकारी द्वारा स्वयं नियमों का पालन करते हुए यह कदम उठाना चर्चा का विषय बन गया है। जिलाधिकारी सिंहा अपने बेटे और बहू के साथ निबंधन कार्यालय पहुंचे, जहां रजिस्ट्रार काली आशीष के समक्ष उनकी शादी का विधिवत पंजीकरण किया गया। इस पहल को प्रशासनिक गलियारों और आम जनता के बीच सराहा जा रहा है। 25 फरवरी को हुई थी शादी पलाश पल्लव और ऐश्वर्या सिन्हा की शादी 25 फरवरी को जिलाधिकारी आवास पर हिंदू रीति-रिवाजों और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुई थी। इसके बाद डीएम ने कानूनी रूप से विवाह का पंजीकरण कराना सुनिश्चित किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि आज के समय में शादी का पंजीकरण कराना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जोर दिया कि खासकर नौकरीपेशा लोगों या विदेश में रहने वालों के लिए विवाह का कानूनी प्रमाण होना बहुत महत्वपूर्ण है। समाज में जागरूकता बढ़ाने को पहल डीएम की इस पहल को लोग काफी सराह रहे हैं। उनका मानना है कि इससे समाज में शादी के पंजीकरण को लेकर जागरूकता बढ़ेगी और लोगों को कानूनी सुरक्षा भी मिलेगी। यह कदम वीआईपी संस्कृति के विपरीत, कानून के समक्ष सभी की समानता का संदेश देता है। भारत में शादियों का पंजीकरण अनिवार्य होने के बावजूद कई लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं। जिलाधिकारी ने अपने उदाहरण से यह समझाया कि विवाह पंजीकरण केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण कानूनी दस्तावेज है जो भविष्य में कई समस्याओं से बचाता है।जब जिले का मुखिया खुद वहां पहुंचकर अपने परिवार का निबंधन कराता है। बिचौलियों की भूमिका खत्म करने का संदेश तो इससे विभाग की कार्यप्रणाली के प्रति जनता का विश्वास बढ़ता है और बिचौलियों की भूमिका खत्म करने का संदेश जाता है। संविधान और नियम हमें जो अधिकार देते हैं, उनका सम्मान करना हमारा कर्तव्य है। शादी का पंजीकरण हर नागरिक को कराना चाहिए ताकि भविष्य में किसी भी कानूनी अड़चन से बचा जा सके।”
डीएम का यह कदम “कथनी और करनी” के अंतर को पाटने वाला है। उन्होंने साबित किया कि एक लोक सेवक केवल आदेश देकर नहीं, बल्कि स्वयं आचरण करके समाज में बदलाव ला सकता है। सोशल मीडिया पर भी लोग उनकी इस सादगी और कर्तव्यनिष्ठा की जमकर सराहना कर रहे हैं।  

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