उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के सदस्य पद के लिए लखनऊ में चल रहे चुनाव के दूसरे दिन गुरुवार को वर्ष 2001 से 2010 तक पंजीकृत अधिवक्ता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। हाईकोर्ट परिसर में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान कराया जाएगा। पहले चरण में अधिवक्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला और करीब 73 प्रतिशत वकीलों ने वोट डाले।
पहले चरण में 3986 वकीलों ने किया मतदान
यूपी बार काउंसिल के सदस्य पद के लिए लखनऊ में बुधवार को मतदान का पहला चरण संपन्न हुआ। गहमागहमी और चटक धूप के बीच अधिवक्ता मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
पहले चरण में वर्ष 1962 से 2000 तक पंजीकृत 5459 मतदाताओं में से 3986 अधिवक्ताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इस तरह पहले दिन लगभग 73 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
दूसरे चरण में 5663 अधिवक्ता डालेंगे वोट
गुरुवार को चुनाव के दूसरे चरण में वर्ष 2001 से 2010 तक पंजीकृत अधिवक्ता मतदान करेंगे। इस चरण में कुल 5663 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे।
हाईकोर्ट परिसर में मतदान सुबह 10 बजे से शुरू होकर शाम पांच बजे तक चलेगा। मतदान की पूरी प्रक्रिया पांच दिनों तक चरणबद्ध तरीके से आयोजित की जा रही है।
हाईकोर्ट परिसर में रही गहमागहमी
मतदान के पहले दिन हाईकोर्ट परिसर और उसके आसपास पूरे दिन गहमागहमी का माहौल रहा। विभिन्न प्रत्याशियों के समर्थक अधिवक्ताओं से संपर्क कर अपने पक्ष में मतदान करने की अपील करते नजर आए।
हालांकि मतदान केंद्र के भीतर किसी भी प्रकार के प्रचार पर पूरी तरह प्रतिबंध रखा गया था।
पहचान पत्र और सीओपी के आधार पर मिला प्रवेश
मतदान के दौरान केवल उन्हीं अधिवक्ताओं को मतदान स्थल में प्रवेश दिया गया जिनके पास बार काउंसिल का पहचान पत्र और सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस (सीओपी) मौजूद था।
यूपी बार काउंसिल के सचिव राम किशोर गुप्ता ने बताया कि अनधिकृत अधिवक्ताओं को मतदान स्थल में प्रवेश नहीं दिया गया और पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
जनवरी में हंगामे के कारण स्थगित हुआ था चुनाव
दरअसल, यूपी बार काउंसिल का चुनाव पहले 27 और 28 जनवरी को प्रस्तावित था, लेकिन उस दौरान अव्यवस्था और हंगामे की स्थिति के कारण चुनाव प्रक्रिया स्थगित करनी पड़ी थी।
अब संशोधित कार्यक्रम के तहत लखनऊ जिले में 11 से 15 मार्च के बीच मतदान कराया जा रहा है। प्रदेश के अधिकांश जिलों में मतदान पहले ही पूरा हो चुका है, जबकि लखनऊ में करीब 26 हजार अधिवक्ता इस चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
331 प्रत्याशी मैदान में
प्रदेश स्तर पर होने वाले इस चुनाव में सदस्य पद के लिए कुल 333 अधिवक्ताओं ने नामांकन किया था। हालांकि दो प्रत्याशियों के निधन के बाद अब 331 उम्मीदवार ही चुनाव मैदान में रह गए हैं।
इतनी बड़ी संख्या में उम्मीदवार होने के कारण अधिवक्ताओं के बीच चुनाव को लेकर काफी उत्साह और सक्रियता देखने को मिल रही है।
20 बूथों पर मतदान, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
हाईकोर्ट परिसर में मतदान के लिए कुल 20 बूथ बनाए गए हैं। चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत मतदान स्थल के आसपास बैरिकेडिंग भी की गई है ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो सके।
प्रचार सामग्री और मोबाइल पर प्रतिबंध
निर्वाचन अधिकारी की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार मतदान केंद्र के भीतर मोबाइल फोन, पोस्टर, बैनर, पर्चे या किसी भी प्रकार की प्रचार सामग्री ले जाने की अनुमति नहीं है।
इसके अलावा मतदान स्थल के 100 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार का चुनाव प्रचार पूरी तरह प्रतिबंधित रखा गया है।
25 प्रत्याशियों के पक्ष में दे सकेंगे वोट
मतदान प्रक्रिया वरीयता क्रम के आधार पर कराई जा रही है। प्रत्येक मतदाता अधिकतम 25 प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान कर सकता है।
मतदाता अपने सीरियल नंबर के अनुसार निर्धारित बूथ पर पहुंचकर मतदान कर रहे हैं। चुनाव प्रक्रिया के दौरान अधिवक्ताओं में उत्साह के साथ-साथ अनुशासन भी देखने को मिल रहा है।


