ईरान पर इजरायल और अमेरिका के हमले के बाद जो हालात हुए हैं, उसके बाद कानपुर में इंडस्ट्रियल एरिया में गैस की किल्लत का असर दिखना शुरू हो गया है। कानपुर इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट को-ऑपरेटिव एस्टेट लिमिटेड के चेयरमैन के अनुसार गैस की कमी से बड़ा फर्क दिखाई दे रहा है। इससे कई अरब का नुकसान होने की आशंका है। बड़ी फैक्ट्रियों में पाइपलाइन से आने वाली गैस बंद हो चुकी है। करीब एक लाख लोग बेरोजगार हो जाएंगे।
अब पढ़िए, जो कानपुर इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट को-ऑपरेटिव एस्टेट लिमिटेड के चेयरमैन विजय कपूर ने बताया
सवाल- इंडस्ट्री पर गैस की किल्लत का कितना असर पड़ा है?
जवाब- गैस की किल्लत का बड़ा असर फैक्ट्रियों पर पड़ा है। कॉमर्शियल सिलेंडर तो हमारी सभी फैक्ट्रियों में इस्तेमाल होते हैं। इसके अलावा हमारे यहां करीब 150 बड़ी ऐसी फैक्ट्रियां हैं, जहां पाइपलाइन से गैस ली जाती है। उन फैक्ट्रियों में गैस सप्लाई बंद हो गई है। इससे वे फैक्ट्रियां बंदी की कगार पर हैं।
सवाल- इस किल्लत से कितना नुकसान हो सकता है?
जवाब- इससे अरबों का नुकसान होगा। यह भी नजर आ रहा है कि अगर ऐसे ही गैस की सप्लाई नहीं हुई और एक महीने तक ऐसी ही स्थिति रही तो कई फैक्ट्रियां बंद हो जाएंगी।
सवाल- इससे कितने मजदूर और कारोबारी बेरोजगार हो सकते हैं?
जवाब- इससे तकरीबन एक लाख लोगों पर असर पड़ रहा है। इसमें कर्मचारी तबके के लोग बेरोजगार हो सकते हैं। सबसे बड़ी बात है कि कॉमर्शियल सिलेंडर न मिलने के कारण लोग अब इलेक्ट्रिक भट्टियों के ऑर्डर दे रहे हैं। जिसकी कीमत पहले 20 हजार थी, अब लोग इन इलेक्ट्रिक भट्टियों के लिए 40 हजार तक भी दे रहे हैं। ऐसे में इलेक्ट्रिक भट्टियां बनाने वाले लोग इसका फायदा भी उठा रहे हैं।
सवाल- क्या लगता है इसमें क्या होना चाहिए कि समस्या से निपटा जा सके?
जवाब- इंडस्ट्री की हालत बेहद खराब है। इंडस्ट्री की अनदेखी नहीं करनी चाहिए। इंडस्ट्री को कॉमर्शियल गैस सिलेंडर जरूर मिलना चाहिए। इंडस्ट्री को गैस की आपूर्ति जरूर की जानी चाहिए।


