मिडिल ईस्ट में चल रहे वॉर की वजह से भारत में एलपीजी गैस की भारी किल्लत हो गई है। ऐसे में गोरखपुर में रेस्टोरेंट, होटल और कैफे संचालकों को उनका बिजनेस बंद होने का चिंता सता रहा है। आलम यह है कॉमर्शियल सिलेंडर का इस्तेमाल कर खाने का दुकान चलाने वाले व्यापारियों के पास एक से दो दिन चलने भर का गैस बचा हुआ है। काफी दिनों की बुकिंग के बाद भी उन्हें गैस नहीं मिल रहा है। कई दुकानदारों के पास सिलेंडर खत्म हो चुका है और उन्हें कोई विकल्प नजर नहीं आ रहा है। कुछ रेस्टोरेंट संचालकों ने इंडक्शन चूल्हे का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। हालांकि इससे भी कोई बहुत राहत नहीं है। उन्हें अपनी उन डिश को बंद करना पड़ा है जो गैस चूल्हे के बिना नहीं बन सकता है। छोटी- छोटी डिश ही केवल ग्राहकों को उपलब्ध करा सकते हैं। ऐसे में दैनिक भास्कर की टीम ने गोलघर स्थित GDA टावर और चटोरी गली के व्यापारियों से बातचीत करके उनकी समस्या जानी। तो पता चला कि कई दिनों की बुकिंग के बावजूद गैस सिलेंडर मिलने का कोई ठिकाना नहीं है। कुछ आइटम्स बंद करना पड़ा
चटोरी गली स्थित सिंह बर्गर के ओनर रितेश सिंह ने बताया- अभी तो सिलेंडर मिल गया है। लेकिन इससे सिर्फ एक हफ्ते तक ही काम चल सकता है। अगर किल्लत की समस्या ऐसी ही बनी रही तो हमें कुछ डिश को बंद करना पड़ेगा। जैसे डोसा और कबाब पराठा बिना चूल्हे के नहीं बन सकता है। यह दोनों डिश हमारे दुकान की सबसे ज्यादा बिकने वाली चीज है लेकिन शायद इसे कुछ समय के लिए बंद करना पड़ेगा। अन्य के लिए तो हम इलेक्ट्रिक चूल्हे का इस्तेमाल कर सकते हैं। ब्लैक में भी नहीं मिल रहा सिलेंडर वहीं GDA टॉवर स्थित कैफे के ओनर अतुल अस्थाना का कहना है कि सिलेंडर को लेकर बहुत परेशानी हो रही है। हमारा सारा काम गैस का ही है। उसके बिना दुकान बंद करने का नौबत आ गया है। ब्लैक में भी नहीं मिल रहा है। अगर एक दो दिन में नहीं मिला तो हमारी रोजी- रोटी के लिए दिक्कत हो जाएगी। दोगुना रेट पर खरीदने की कोशिश की
फूड लवर शॉप के ओनर सन्नी तुल्स्यानी ने बताया- मेरे पास सिर्फ आज शाम तक का गैस बचा है। एजेंसी पर ऑर्डर दिया हूं। डिलीवरी मैन का कहना है कि गैस मिल नहीं रहा है। कोशिश में लगे है। कोई गारंटी नहीं है कि कल सिलेंडर मिलेगा ही। मैंने दोगुना रेट देकर भी गैस सिलेंडर खरीदने की कोशिश की लेकिन कहीं नहीं मिला। अगर कल भी ऐसा ही रहा तो मेरी दुकान बंद हो जाएगी। हमारे पास और कोई ऑप्शन नहीं है। सरकार को कुछ करना चाहिए,नहीं तो बहुत दिक्कत हो जाएगी। बिना सिलेंडर के नहीं चलेगा काम
पिज्जा स्टेशन के ओनर मृत्युंजय पटेल ने बताया कि हमारे दुकान पर एक कॉमर्शियल सिलेंडर दो से तीन दिन तक बस चल पाता है। उसके बिना काम चल ही नहीं सकता है। सिलेंडर नहीं मिलने से बहुत टेंशन हो रही है। दुकान बंद करना पड़ेगा। गैस का कोई सबस्टिट्यूट नहीं है। हम यहां लकड़ी जलाकर खाना नहीं बना सकते हैं। सरकार को कुछ तो व्यवस्था करनी चाहिए। लकड़ी व्यवस्था कर चलाएंगे काम
वहीं फास्ट फूड के इंप्लॉयी रोहित राज ने बताया कि एक से दो दिनों का ही गैस बचा है। हम मोमोज, पिज्जा, सोयाचाप से लेकर हर चीज बनाते हैं। सिलेंडर न मिलने की वजह से टेंशन बना हुआ है। हालांकि हमारा प्लान है कि गैस नहीं मिलता है तो लकड़ी का व्यवस्था करेंगे। लेकिन दुकान बंद नहीं होने देंगे। नहीं तो हमारा घर कैसे चलेगा। सिलेंडर के लिए ऑर्डर तो दे दिया गया है लेकिन कोई गारंटी नहीं है कि कब मिलेगा। इंडक्शन चूल्हे का कर रहे इस्तेमाल
इसके अलावा चटोरी गली स्थित देल्ही सिक्स मोमोज के ओनर ने बताया कि गैस खत्म हो चुका है। 2 दिन से कोशिश में लगा हूं कि लेकिन अभी तक मिला नहीं। इसिलिए इन्डेक्शन चूल्हा लेकर आया। उस पर जो आइटम बना सकते हैं, उसे बना रहे। बाकी को बंद करना पड़ा है। बिजली जाने के बाद टेंशन बढ़ जाती है कि उतनी देर में कोई कस्टमर खाने का ऑर्डर न दे दे। कई बार उन्हें कुछ देर के रोकना पड़ता है। ऐसे ही चलता रहा तो बहुत दिक्कत होगी।


