इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बीरेंद्र बहादुर यादव को ए डी एम वित्त एवं राजस्व आजमगढ़ द्वारा गुंडा नियंत्रण कानून के तहत जारी नोटिस का जवाब दाखिल करने का आदेश देते हुए याचिका खारिज कर दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव मिश्रा तथा न्यायमूर्ति लक्ष्मीकांत शुक्ल की खंडपीठ ने बीरेंद्र बहादुर यादव की याचिका पर दिया है। मनमानी नोटिस का आरोप लगा याची का कहना था कि ए डी एम ने जरूरी तथ्य पर विवेक का इस्तेमाल किए मनमानी नोटिस जारी की है।यह कार्यवाही हाईकोर्ट के आंचल यादव केस के फैसले के विपरीत की गई है। इसलिए गुंडा एक्ट की नोटिस रद्द की जाय। सरकारी वकील ने कहा समाज में शांति कायम रखने व कानून व्यवस्था के लिए नियमानुसार निरोधात्मक कार्यवाही की गई है।
याची को नोटिस का जवाब सक्षम अधिकारी के समक्ष देना चाहिए। इसलिए याचिका खारिज की जाय। इस पर कोर्ट ने याची को कारण बताओ नोटिस का जवाब दाखिल करने को कहा है।


