सीतापुर में नगर पालिका परिषद की जमीन पर सपा कार्यालय के आवंटन को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। जिलाधिकारी राजा गणपति आर के निर्देश पर इस प्रकरण में सपा के पूर्व विधायक और पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष राधेश्याम जायसवाल समेत चार लोगों के खिलाफ कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज किया गया है। नोटिस देकर टाउन हॉल की जमीन खाली करने को लेकर प्रशासन को हाईकोर्ट से फटकार भी लगी थी जानकारी के अनुसार मामला टाउन हॉल परिसर में सपा कार्यालय के लिए जमीन आवंटन से जुड़ा है। आरोप है कि वर्ष 2005 में नगर पालिका परिषद की भूमि सपा कार्यालय के लिए आवंटित की गई थी। उस समय सपा से नगर पालिका अध्यक्ष रहे राधेश्याम जायसवाल ने तत्कालीन सभासदों के प्रस्ताव के आधार पर 15 जनवरी 2005 को इस जमीन का आवंटन किया था। मामले में तत्कालीन सभासद मुजीब अहमद, महेंद्र सिन्हा और कुंती कश्यप का नाम भी सामने आया है। आरोप है कि इन सभासदों के प्रस्ताव के आधार पर नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा जमीन का आवंटन किया गया था। दो बाद पूर्व टाउन हाल को कब्जे में लेने के लिए डीएम के निर्देश पर नोटिस देकर कब्जे में लेने का प्रयास किया था लेकिन हाईकोर्ट की फटकार के बाद डीएम सहित पूरा प्रशासनिक अमला बैकफुट पर आ गया था। इसके उपरान्त अब इस पट्टे को लेकर सवाल उठने पर मामले की जांच कराई गई। जांच के दौरान एसपीओ (SPO) की आख्या में उक्त आवंटन को नियम विरुद्ध और गलत बताया गया। रिपोर्ट सामने आने के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर नगर पालिका परिषद के संपत्ति लिपिक राकेश मिश्रा ने इस मामले में संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। कोतवाली नगर पुलिस ने पूर्व विधायक राधेश्याम जायसवाल समेत चारों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और प्रकरण की जांच शुरू कर दी है। प्रभारी निरीक्षक अनूप शुक्ला का कहना है कि सम्पत्ति लिपिक की तहरीर पर केस दर्ज किया गया है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस मामले के सामने आने के बाद शहर की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है।


