बक्सर में शिक्षा विभाग पर पूर्व आईपीएस और भाजपा विधायक आनंद मिश्रा ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि विभाग में ‘शिक्षा माफिया’ सक्रिय है, जो ब्लैकमेलिंग के जरिए पूरे सिस्टम को प्रभावित कर रहा है। आनंद मिश्रा ने बताया कि उन्हें शिक्षा विभाग से जुड़ी शिकायतें लगातार मिल रही थीं, जिसके बाद उन्हें इस मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग में अजय सिंह और अरविंद सिंह जैसे कुछ ‘माफिया’ किस्म के लोग सक्रिय हैं। मिश्रा के अनुसार, इन पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को ब्लैकमेल कर दबाव बनाने का आरोप है। ”पूरे मामले की सच्चाई जानने के लिए खुद जांच की” विधायक मिश्रा ने इस पूरे मामले की सच्चाई जानने के लिए खुद जांच की। उन्होंने समझने की कोशिश की कि ये लोग कौन हैं और किस तरह विभाग के हर काम में हस्तक्षेप करते हैं। जब वे शिक्षा विभाग पहुंचे, तो कुछ अधिकारियों ने गोपनीय तरीके से उन्हें ब्लैकमेलिंग के तरीके के बारे में जानकारी दी। मिश्रा के मुताबिक, ये ‘शिक्षा माफिया’ उन मामलों को पकड़ते हैं जहां किसी शिक्षक की अनुपस्थिति हो या कोई गलती हुई हो। इसके अलावा, यदि कोई गोपनीय दस्तावेज बाहर आता है, तो वे उसी आधार पर अधिकारियों पर दबाव बनाते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विभाग के कुछ कर्मचारियों के साथ इनकी सांठगागांठ है, जिसके कारण कई गोपनीय दस्तावेज जारी होने से पहले ही इनके पास पहुंच जाते हैं। एक-दो वरिष्ठ अधिकारियों के नाम भी सामने आए आनंद मिश्रा ने यह भी बताया कि जांच के दौरान एक-दो वरिष्ठ अधिकारियों के नाम भी सामने आए हैं, जिनका खुलासा सही समय पर किया जाएगा। उन्होंने एक सेवानिवृत्त अधिकारी का भी जिक्र किया, जो कथित तौर पर इन लोगों के साथ सचिवालय तक घूमते हैं। आनंद मिश्रा ने कहा कि लोक शिकायत निवारण मंच को आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए बनाया गया है, लेकिन कुछ लोग इसका भी दुरुपयोग कर रहे हैं और इसे ब्लैकमेलिंग का माध्यम बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा को प्राथमिकता दे रही है और उनका उद्देश्य है कि “बक्सर पढ़े, बिहार पढ़े और आगे बढ़े।” मिश्रा ने स्पष्ट कहा कि शिक्षा को व्यवसाय बनाने की कोशिश करने वाले लोगों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बक्सर में शिक्षा विभाग पर पूर्व आईपीएस और भाजपा विधायक आनंद मिश्रा ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि विभाग में ‘शिक्षा माफिया’ सक्रिय है, जो ब्लैकमेलिंग के जरिए पूरे सिस्टम को प्रभावित कर रहा है। आनंद मिश्रा ने बताया कि उन्हें शिक्षा विभाग से जुड़ी शिकायतें लगातार मिल रही थीं, जिसके बाद उन्हें इस मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग में अजय सिंह और अरविंद सिंह जैसे कुछ ‘माफिया’ किस्म के लोग सक्रिय हैं। मिश्रा के अनुसार, इन पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को ब्लैकमेल कर दबाव बनाने का आरोप है। ”पूरे मामले की सच्चाई जानने के लिए खुद जांच की” विधायक मिश्रा ने इस पूरे मामले की सच्चाई जानने के लिए खुद जांच की। उन्होंने समझने की कोशिश की कि ये लोग कौन हैं और किस तरह विभाग के हर काम में हस्तक्षेप करते हैं। जब वे शिक्षा विभाग पहुंचे, तो कुछ अधिकारियों ने गोपनीय तरीके से उन्हें ब्लैकमेलिंग के तरीके के बारे में जानकारी दी। मिश्रा के मुताबिक, ये ‘शिक्षा माफिया’ उन मामलों को पकड़ते हैं जहां किसी शिक्षक की अनुपस्थिति हो या कोई गलती हुई हो। इसके अलावा, यदि कोई गोपनीय दस्तावेज बाहर आता है, तो वे उसी आधार पर अधिकारियों पर दबाव बनाते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विभाग के कुछ कर्मचारियों के साथ इनकी सांठगागांठ है, जिसके कारण कई गोपनीय दस्तावेज जारी होने से पहले ही इनके पास पहुंच जाते हैं। एक-दो वरिष्ठ अधिकारियों के नाम भी सामने आए आनंद मिश्रा ने यह भी बताया कि जांच के दौरान एक-दो वरिष्ठ अधिकारियों के नाम भी सामने आए हैं, जिनका खुलासा सही समय पर किया जाएगा। उन्होंने एक सेवानिवृत्त अधिकारी का भी जिक्र किया, जो कथित तौर पर इन लोगों के साथ सचिवालय तक घूमते हैं। आनंद मिश्रा ने कहा कि लोक शिकायत निवारण मंच को आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए बनाया गया है, लेकिन कुछ लोग इसका भी दुरुपयोग कर रहे हैं और इसे ब्लैकमेलिंग का माध्यम बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा को प्राथमिकता दे रही है और उनका उद्देश्य है कि “बक्सर पढ़े, बिहार पढ़े और आगे बढ़े।” मिश्रा ने स्पष्ट कहा कि शिक्षा को व्यवसाय बनाने की कोशिश करने वाले लोगों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


