गयाजी में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा के दौरान विकास के लिए की गई घोषणाओं के क्रियान्वयन को लेकर जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने आज विस्तृत समीक्षा बैठक की। यह बैठक कलेक्ट्रेट स्थित सभा कक्ष में सभी संबंधित विभागों के वरीय अधिकारियों के साथ आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया गया और अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर काम पूरा करने के निर्देश दिए गए। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने अपर समाहर्ता (राजस्व) और संबंधित विभागों के अधिकारियों को भूमि अर्जन की प्रगति की रोजाना समीक्षा करने का निर्देश दिया, ताकि विकास योजनाओं को जल्द से जल्द धरातल पर उतारा जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यों में हर हाल में प्रगति दिखनी चाहिए और योजनाओं को तय समय सीमा में पूरा किया जाना चाहिए। विकास के लिए 13 महत्वपूर्ण घोषणा हुई थी बैठक में बताया गया कि 13 फरवरी 2025 को मुख्यमंत्री की प्रगति यात्रा के दौरान गया के विकास के लिए 13 महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई थीं। इन घोषणाओं को राज्य सरकार की ओर से स्वीकृति भी मिल चुकी है। योजनाओं में इमामगंज प्रखंड में मोरहर नदी पर कोठी वीयर का निर्माण, लावावार और सोनदाहा बांधों का जीर्णोद्धार, बसतपुर वीयर से लोदीपुर तक पईन का जीर्णोद्धार और पुलिया चौड़ीकरण शामिल है। इसके अलावा, घुघरीटांड़ और मुफस्सिल मोड़ पर दो फ्लाईओवर का निर्माण, गया-परैया-गुरारू होते हुए औरंगाबाद-रफीगंज सड़क का चौड़ीकरण और कोठी से सलैया होते हुए झारखंड को जोड़ने वाली सड़क का चौड़ीकरण भी किया जा रहा है। अन्य प्रमुख परियोजनाओं में बेल्थू गांव में अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय का निर्माण, कंडी नवादा और सिलौंजा में दो पार्कों का निर्माण, 14 प्रखंडों में नए प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय भवन का निर्माण शामिल है। साथ ही, गया रेलवे स्टेशन से रामशिला जाने वाले मार्ग पर रेल ओवरब्रिज का निर्माण, बेला-पनारी रोड से शाकिर बिगहा तक सड़क चौड़ीकरण, बांकेबाजार के बारा गांव में पुल निर्माण और इमामगंज में डिग्री कॉलेज की स्थापना भी इन योजनाओं का हिस्सा है। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन योजनाओं को पूरी जिम्मेदारी के साथ तय समय सीमा में पूरा किया जाए, ताकि जिले के लोगों को विकास योजनाओं का लाभ मिल सके। बैठक में उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता (राजस्व) परितोष कुमार, वरीय उप समाहर्ता धनराज कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और अभियंता उपस्थित थे। गयाजी में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा के दौरान विकास के लिए की गई घोषणाओं के क्रियान्वयन को लेकर जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने आज विस्तृत समीक्षा बैठक की। यह बैठक कलेक्ट्रेट स्थित सभा कक्ष में सभी संबंधित विभागों के वरीय अधिकारियों के साथ आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया गया और अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर काम पूरा करने के निर्देश दिए गए। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने अपर समाहर्ता (राजस्व) और संबंधित विभागों के अधिकारियों को भूमि अर्जन की प्रगति की रोजाना समीक्षा करने का निर्देश दिया, ताकि विकास योजनाओं को जल्द से जल्द धरातल पर उतारा जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यों में हर हाल में प्रगति दिखनी चाहिए और योजनाओं को तय समय सीमा में पूरा किया जाना चाहिए। विकास के लिए 13 महत्वपूर्ण घोषणा हुई थी बैठक में बताया गया कि 13 फरवरी 2025 को मुख्यमंत्री की प्रगति यात्रा के दौरान गया के विकास के लिए 13 महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई थीं। इन घोषणाओं को राज्य सरकार की ओर से स्वीकृति भी मिल चुकी है। योजनाओं में इमामगंज प्रखंड में मोरहर नदी पर कोठी वीयर का निर्माण, लावावार और सोनदाहा बांधों का जीर्णोद्धार, बसतपुर वीयर से लोदीपुर तक पईन का जीर्णोद्धार और पुलिया चौड़ीकरण शामिल है। इसके अलावा, घुघरीटांड़ और मुफस्सिल मोड़ पर दो फ्लाईओवर का निर्माण, गया-परैया-गुरारू होते हुए औरंगाबाद-रफीगंज सड़क का चौड़ीकरण और कोठी से सलैया होते हुए झारखंड को जोड़ने वाली सड़क का चौड़ीकरण भी किया जा रहा है। अन्य प्रमुख परियोजनाओं में बेल्थू गांव में अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय का निर्माण, कंडी नवादा और सिलौंजा में दो पार्कों का निर्माण, 14 प्रखंडों में नए प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय भवन का निर्माण शामिल है। साथ ही, गया रेलवे स्टेशन से रामशिला जाने वाले मार्ग पर रेल ओवरब्रिज का निर्माण, बेला-पनारी रोड से शाकिर बिगहा तक सड़क चौड़ीकरण, बांकेबाजार के बारा गांव में पुल निर्माण और इमामगंज में डिग्री कॉलेज की स्थापना भी इन योजनाओं का हिस्सा है। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन योजनाओं को पूरी जिम्मेदारी के साथ तय समय सीमा में पूरा किया जाए, ताकि जिले के लोगों को विकास योजनाओं का लाभ मिल सके। बैठक में उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता (राजस्व) परितोष कुमार, वरीय उप समाहर्ता धनराज कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और अभियंता उपस्थित थे।


