पलवल में कोर्ट में चपरासी की नौकरी दिलाने के नाम पर एक व्यक्ति से 11 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। इस धोखाधड़ी के कारण पीड़ित युवक के पिता की मानसिक परेशानी के चलते मौत हो गई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शहर थाना प्रभारी प्रकाशचंद के अनुसार, पंचवटी कॉलोनी, पलवल निवासी मंजीत ने पुलिस को शिकायत दी है। मंजीत ने बताया कि करनाल निवासी अक्षय अरोड़ा उर्फ संजय अरोड़ा, जो उसके पिता सुंदर सिंह के दोस्त थे, ने उन्हें झांसा दिया था। अक्षय ने मंजीत को कोर्ट में चपरासी के पद पर सरकारी नौकरी लगवाने का वादा किया और इसके लिए 11 लाख रुपये की मांग की। अलग-अलग तारीखों पर दिए गए 11 लाख रुपए मंजीत के पिता सुंदर सिंह ने आरोपी के झांसे में आकर अलग-अलग तारीखों पर कुल 11 लाख रुपए दिए। शिकायत के अनुसार, 23 मार्च 2023 को पलवल के हरे कृष्णा ढाबे पर दो लाख रुपए नकद दिए गए। इसके बाद करनाल स्थित आरोपी के घर पर दो बार में चार लाख रुपए नकद दिए गए। शेष लगभग पांच लाख रुपए फोन-पे और बैंक ट्रांसफर के माध्यम से आरोपियों के खाते में भेजे गए। नौकरी न मिलने पर मांगे पैसे, तो मिली धमकी जब कोर्ट में नौकरी के लिए दिए गए टेस्ट का परिणाम आया, तो मंजीत का चयन नहीं हुआ। इसके बाद जब पिता-पुत्र ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपियों ने पहले काम करवाने का बहाना बनाया और बाद में पैसे लौटाने से साफ इनकार कर दिया। आरोपियों ने पीड़ित परिवार को धमकी भी दी कि मौजूदा सरकार उनकी है और वे उन्हें झूठे केस में फंसा देंगे। मानसिक तनाव से हुई पिता की मौत मंजीत ने अपनी शिकायत में बताया कि मेहनत की कमाई डूबने और धोखाधड़ी का शिकार होने के कारण उसके पिता सुंदर सिंह गहरे मानसिक तनाव में चले गए थे। इसी मानसिक प्रताड़ना के चलते कुछ समय बाद उनका निधन हो गया। पुलिस ने दर्ज किया मामला, जल्द गिरफ्तारी की संभावना पीड़ित ने पुलिस को पैसों के लेन-देन की रिकॉर्डिंग भी उपलब्ध कराने की बात कही है। पुलिस ने मंजीत की शिकायत के आधार पर अक्षय अरोड़ा उर्फ संजय अरोड़ा और अन्य आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।


