जांजगीर-चांपा जिले में सूने मकान में हुई चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में एक नाबालिग सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 9.56 लाख रुपए के सोने-चांदी के जेवर और नकदी बरामद की है। दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। यह घटना जांजगीर नगर पालिका के वार्ड नंबर 19 में 26 फरवरी की रात हुई थी। चोरों ने एक सूने मकान की अलमारी तोड़कर सोने-चांदी के जेवर और नकदी चुरा ली थी। मकान मालिक अपने परिवार के साथ बाहर घूमने गए हुए थे। सूने मकान की तलाश की फिर चोरी एएसपी उमेश कश्यप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मुख्य आरोपी जीत कुमार सूर्यवंशी बिलासपुर का रहने वाला है। वह अपने साथियों के साथ स्कूटी से बिलासपुर से जांजगीर पहुंचा था। उन्होंने नहर किनारे सूने मकानों की तलाश की और एक मकान मिलने पर दीवार फांदकर अंदर घुस गए। रात करीब 1:30 से 2:00 बजे के बीच उन्होंने कमरे की अलमारी तोड़कर चोरी को अंजाम दिया। चोरी की सूचना मिलने पर सिटी कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज किया। साइबर टीम की मदद से आसपास लगे 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई। बिलासपुर में एक संदिग्ध स्कूटी (CG 10CC 1267) का पता चला, जिससे एक नाबालिग बालक की पहचान हुई। चोरों ने नकदी आपस में बांट ली थी पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान नाबालिग ने बताया कि उन्होंने नकदी जांजगीर के एक सुनसान मैदान में आपस में बांट ली थी। सोने-चांदी के जेवर बाद में बांटने की बात कहकर बैग में रख लिए थे। आरोपियों ने चोरी के आभूषण बेचने के लिए जीत कुमार सूर्यवंशी की मदद ली। जीत कुमार ने अपने परिचित गीता प्रसाद साहू से मिलवाया, जो देवरीखुर्द, बिलासपुर का निवासी है। गीता प्रसाद साहू ने चोरी के आभूषण रहौद के सूरज सोनी को 80 हजार रुपये में बेचे। इस रकम में से 12-12 हजार रुपये दोनों ने आपस में बांट लिए और शेष 56 हजार रुपये मुख्य आरोपी को दिए।


