ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर भारत के उद्योग और ईंधन बाजार पर पड़ रहा है। खाड़ी देशों में युद्ध के कारण ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) मार्ग से होने वाली तेल और गैस की आपूर्ति बाधित हो गई है। इस वैश्विक संकट की वजह से महाराष्ट्र के ऑटो एलपीजी और औद्योगिक गैस बाजार में भारी किल्लत पैदा हो गई है। इस पर चिंता व्यक्त करते हुए शिवसेना (UBT) नेता और सांसद संजय राउत ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है।
शिवसेना (उद्धव ठाकरे) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने तंज कसते हुए कहा कि देश में पैदा हुए ईंधन संकट से निपटने के लिए अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘नाले से गैस उत्पादन’ वाले शोध का इस्तेमाल करने का समय आ गया है।
महाराष्ट्र के उद्योगों पर भारी असर
मध्य पूर्व में युद्ध के कारण खनिज तेल और गैस परिवहन का अहम मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य बंद है, जिससे दुनियाभर में तेल और गैस की सप्लाई ठप पड़ गई है। इसका सीधा प्रभाव भारत में भी दिखाई दे रहा है। इसी मुद्दे पर पत्रकारों से बात करते हुए संजय राउत ने कहा कि सातारा, सांगली और कोल्हापुर के इंजीनियरिंग प्लांट्स को बड़ी मात्रा में गैस की जरूरत होती है, लेकिन सप्लाई रुकने से ये उद्योग संकट में आ गए हैं। इसी तरह छत्रपति संभाजीनगर और चाकण (पुणे) के ऑटोमोबाइल हब पर भी ईंधन की कमी का गंभीर असर पड़ा है।
उन्होंने कहा कि इस संकट की मार केवल उद्योगों पर ही नहीं पड़ रही, बल्कि किसान, मजदूर, होटल व्यवसायी और टाइल्स निर्माता भी इससे बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।
मोदी बड़े शोधकर्ता हैं- राउत का तंज
गैस संकट पर संजय राउत ने तंज कसते हुए कहा, “प्रधानमंत्री मोदी एक बड़े शोधकर्ता हैं। उन्होंने कुछ साल पहले नालों से गैस बनाने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि नाले में पाइप डालकर उससे निकलने वाली गैस से घरों के चूल्हे जलाए जा सकते हैं। अब जब देश में ईंधन संकट है, तो उनके इस शोध का फायदा देश को मिलना चाहिए।”
‘मिठी नदी से शुरू करें पायलट प्रोजेक्ट’
राउत ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री की इसी अवधारणा के आधार पर मुंबई की मिठी नदी के किनारे गैस उत्पादन का एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के उद्घाटन के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को प्रधानमंत्री मोदी को आमंत्रित करना चाहिए।
राउत ने यह भी कहा कि इस प्रोजेक्ट के लिए पाइप और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने में उद्धव की शिवसेना सहयोग करने को तैयार है। यदि यह प्रयोग सफल रहा तो बाद में यमुना नदी पर भी इसी तरह गैस का उत्पादन किया जा सकता है।
‘देश को सौ साल पीछे ले गए’
राउत ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि भारत को सौ साल पीछे ले जाने का सपना अब पूरा होता दिख रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि अगर हालात ऐसे ही रहे तो सड़कों पर गाड़ियों की जगह फिर से बैलगाड़ियों का दौर लौट सकता है।
राउत ने यह भी आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में हालात गंभीर होने के बावजूद पीएम मोदी और उनके समर्थक इस ईंधन संकट पर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।


