मधुबनी के जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने मंगलवार को समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में वरीय पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान अंतर-विभागीय समन्वय, विकास योजनाओं के लिए भूमि की उपलब्धता और कार्यालय गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने विकास योजनाओं के लिए भूमि की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जहां भूमि उपलब्ध हो गई है, वहां तुरंत आगे की कार्रवाई शुरू की जाए ताकि योजनाओं को समय पर पूरा किया जा सके। उन्होंने जिले के छूटे हुए टोलों में नल-जल योजना के क्रियान्वयन हेतु भूमि उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए। एनओसी मामले का तत्काल समाधान करने का निर्देश ग्रामीण कार्य विभाग, नहर प्रमंडल, लघु सिंचाई, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन और बाढ़ प्रमंडल जैसे विभागों से संबंधित भू-अर्जन, कार्यालयों व योजनाओं के लिए भूमि की उपलब्धता, भूमि अतिक्रमण, सीमांकन और एनओसी जैसे मामलों के तत्काल समाधान का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि अंतर्विभागीय मामलों का तुरंत निपटारा करें, जिससे विकास कार्यों को गति मिल सके। 13 लंबित वादों का हुआ निपटारा बैठक में जिला नीलाम पत्र वाद, जिला स्तरीय जनता दरबार, सीपी ग्राम, जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम, उच्च न्यायालय में लंबित मामले, सूचना का अधिकार और मानवाधिकार से संबंधित मामलों की भी समीक्षा की गई। नीलाम पत्र वादों की समीक्षा के दौरान पाया गया कि पिछले सप्ताह केवल 13 लंबित वादों का निपटारा हुआ है। इस पर जिलाधिकारी ने इन्हें सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तेजी से निपटाने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी नीलाम पत्र पदाधिकारियों को कम से कम पांच बड़े राशि वाले मामलों का चयन कर उनका निष्पादन करने को कहा। विभागों में सर्वाधिक आवेदन पाए गए लंबित मुख्यमंत्री जनता दरबार और जिला जनता दरबार में प्राप्त आवेदनों के निपटारे की समीक्षा में पुलिस, राजस्व, शिक्षा और आईसीडीएस विभागों में सर्वाधिक आवेदन लंबित पाए गए। जिलाधिकारी ने उपस्थित पदाधिकारियों को जन शिकायतों का सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ समय पर निपटारा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने उच्च न्यायालय में लंबित मामलों पर भी सर्वोच्च प्राथमिकता से कार्य करने को कहा। बैठक में एडीएम आपदा संतोष कुमार, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी राजेश कुमार सिंह, सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार, निदेशक डीआरडीए, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे। मधुबनी के जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने मंगलवार को समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में वरीय पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान अंतर-विभागीय समन्वय, विकास योजनाओं के लिए भूमि की उपलब्धता और कार्यालय गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने विकास योजनाओं के लिए भूमि की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जहां भूमि उपलब्ध हो गई है, वहां तुरंत आगे की कार्रवाई शुरू की जाए ताकि योजनाओं को समय पर पूरा किया जा सके। उन्होंने जिले के छूटे हुए टोलों में नल-जल योजना के क्रियान्वयन हेतु भूमि उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए। एनओसी मामले का तत्काल समाधान करने का निर्देश ग्रामीण कार्य विभाग, नहर प्रमंडल, लघु सिंचाई, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन और बाढ़ प्रमंडल जैसे विभागों से संबंधित भू-अर्जन, कार्यालयों व योजनाओं के लिए भूमि की उपलब्धता, भूमि अतिक्रमण, सीमांकन और एनओसी जैसे मामलों के तत्काल समाधान का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि अंतर्विभागीय मामलों का तुरंत निपटारा करें, जिससे विकास कार्यों को गति मिल सके। 13 लंबित वादों का हुआ निपटारा बैठक में जिला नीलाम पत्र वाद, जिला स्तरीय जनता दरबार, सीपी ग्राम, जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम, उच्च न्यायालय में लंबित मामले, सूचना का अधिकार और मानवाधिकार से संबंधित मामलों की भी समीक्षा की गई। नीलाम पत्र वादों की समीक्षा के दौरान पाया गया कि पिछले सप्ताह केवल 13 लंबित वादों का निपटारा हुआ है। इस पर जिलाधिकारी ने इन्हें सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तेजी से निपटाने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी नीलाम पत्र पदाधिकारियों को कम से कम पांच बड़े राशि वाले मामलों का चयन कर उनका निष्पादन करने को कहा। विभागों में सर्वाधिक आवेदन पाए गए लंबित मुख्यमंत्री जनता दरबार और जिला जनता दरबार में प्राप्त आवेदनों के निपटारे की समीक्षा में पुलिस, राजस्व, शिक्षा और आईसीडीएस विभागों में सर्वाधिक आवेदन लंबित पाए गए। जिलाधिकारी ने उपस्थित पदाधिकारियों को जन शिकायतों का सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ समय पर निपटारा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने उच्च न्यायालय में लंबित मामलों पर भी सर्वोच्च प्राथमिकता से कार्य करने को कहा। बैठक में एडीएम आपदा संतोष कुमार, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी राजेश कुमार सिंह, सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार, निदेशक डीआरडीए, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।


