Gautam Gambhir on Kirti Azad post: तृणमूल कांग्रेस के सांसद ने T20 वर्ल्ड कप की जीत को धर्म से जोड़ते हुए एक नई बहस छेड़ दी। उन्होंने सवाल उठाया कि टी20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी मस्जिद या गुरुद्वारे में क्यों नहीं गई? अबभारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने कीर्ति आजाद पर पलटवार करते हुए
Gautam Gambhir on Kirti Azad post: तृणमूल कांग्रेस के सांसद ने T20 वर्ल्ड कप की जीत को धर्म से जोड़ते हुए एक नई बहस छेड़ दी। उन्होंने सवाल उठाया कि टी20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी मस्जिद या गुरुद्वारे में क्यों नहीं गई? अब
भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने कीर्ति आजाद पर पलटवार करते हुए जमकर भड़ास निकाली है। दरअसल, भारत के फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर टी20 वर्ल्ड कप जीतने के 24 घंटे से भी कम समय में कोच गंभीर, कप्तान सूर्यकुमार यादव और आईसीसी चेयरमैन जय शाह ट्रॉफी के साथ हनुमान मंदिर गए थे। इसके बाद पूर्व वर्ल्ड कप विनर आजाद ने एक्स पर पोस्ट करते हुए इसे धार्मिक रंग दे दिया।
सोशल मीडिया पर मचा बवाल
कीर्ति आजाद ने अपनी पोस्ट में लिखा, “मस्जिद क्यों नहीं? चर्च क्यों नहीं? गुरुद्वारा क्यों नहीं? ट्रॉफी हर धर्म के 1.4 बिलियन भारतीयों की है, किसी एक धर्म की जीत की दौड़ नहीं। उनकी इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर जैसे बवाल मच गया। वहीं, जब ईशान किशन अपने गृह नगर लौटे तो उनसे इस पर सवाल किया गया, जिस पर उन्होंने कुछ और पूछने को कहा। वहीं, भारत के दो बार के वर्ल्ड कप विजेता स्पिनर हरभजन सिंह को भी आजाद की बात पसंद नहीं आई।
‘आजाद सियासी दांव खेलकर क्या करने की कोशिश कर रहे हैं?’
भज्जी ने कहा कि यह अजीब है कि वह (कीर्ति आजाद) इस पर सियासी दांव खेलकर क्या करने की कोशिश कर रहे हैं? भारतीय टीम ट्रॉफी को मंदिर, मस्जिद, चर्च, जहां चाहे ले जा सकती है। अगर उन्होंने अपने भगवान से कुछ मांगा है और अपनी इच्छा पूरी होने के बाद अपने विश्वास पर दोबारा विचार किया है, तो इसमें क्या दिक्कत है?
उन्होंने कहा कि साथी क्रिकेटरों से ये बातें सुनना बुरा लगता है। शायद वे खेल से ज्यादा पॉलिटिक्स पसंद कर रहे हैं। यह और भी बुरा है कि वह एक स्पोर्ट्समैन हैं। देश ने वर्ल्ड कप जीता है। खुश रहो, जश्न मनाओ, लेकिन तुम पॉलिटिक्स करने में बिजी हो। हम अपने धर्म में कहते हैं कि सभी धर्म एक जैसे हैं। भगवान अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन रास्ता एक ही है। अगर वे मंदिर, मस्जिद या चर्च गए, तो यह एक ही है। यह उनका धर्म है और तुम्हें इस पर सवाल नहीं उठाना चाहिए।
गौतम गंभीर ने दी कड़ी प्रतिक्रिया
वहीं, अब इस मामले में भारत के लिए दो बार के आईसीसी ट्रॉफी जीतने वाले हेड कोच गंभीर ने अपनी चुप्पी तोड़ी और आजाद की इस बात के लिए उनकी जमकर आलोचना की। साथ ही उन पर भारत की जीत को ‘नीचा दिखाने’ और ‘कमजोर करने’ का आरोप भी लगाया।
‘…तो कल कोई भी उठकर कुछ भी कह देगा’
रिपोर्ट के मुताबिक, गंभीर ने एक पॉडकास्ट में कहा कि मैं इस बारे में क्या कहूं। मुझे लगता है कि इस सवाल का जवाब देना भी सही नहीं है। यह पूरे देश के लिए एक बड़ा पल है। मुझे लगता है कि यह जरूरी है कि हम वर्ल्ड कप का जश्न मनाएं। इसीलिए मैं कहता हूं कि कुछ खास बयानों को उठाने का कोई मतलब नहीं है, क्योंकि वे सिर्फ आपकी उपलब्धियों को कमजोर करते हैं। अगर आप उन 15 खिलाड़ियों की कोशिशों को कमजोर करना चाहते हैं तो कल कोई भी उठकर कुछ भी कह देगा।
‘आप अपनी ही टीम को नीचा दिखा रहे हैं’
उन्होंने आगे कहा कि यह लड़कों के साथ सही नहीं है। सोचिए लड़कों ने क्या-क्या झेला होगा। वे कितने प्रेशर से गुजरे होंगे। साउथ अफ्रीका से मैच हारने के बाद लड़कों पर किस तरह का प्रेशर था और अगर आप ऐसा बयान दे रहे हैं, तो आप अपने ही खिलाड़ी और अपनी ही टीम को नीचा दिखा रहे हैं। ऐसा नहीं करना चाहिए।
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