प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू ने मंगलवार को कहा कि असम में आदिवासी हित की बात करने वाले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन झारखंड में उसका 10% भी जमीन पर उतार देते तो राज्य का भला हो जाता। लेकिन इनकी कथनी और करनी में काफी अंतर उजागर होता है। साहू ने कहा कि पिछले साढ़े 6 वर्षों में राज्य में सत्ता संभाल रहे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को बताना चाहिए कि उन्होंने झारखंड के आदिवासियों के लिए क्या किया? जल, जंगल जमीन की लूट पर क्या किया? आदिवासियों की सांस्कृतिक विरासत पर हो रहे लगातार हमले को रोकने के लिए क्या किया? साहू ने कहा कि दो दिन पहले देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन महामहिम राष्ट्रपति, जो झारखंड की नातिन हैं, जनजाति समाज की बेटी हैं, उनका पश्चिम बंगाल की धरती पर अपमान हुआ। लेकिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक छोटी प्रतिक्रिया भी नहीं दी। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पेसा कानून के नाम पर राज्य सरकार ने एक्ट की मूल भावना को ही मिटा दिया। उसकी आत्मा ही मार दी। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू ने मंगलवार को कहा कि असम में आदिवासी हित की बात करने वाले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन झारखंड में उसका 10% भी जमीन पर उतार देते तो राज्य का भला हो जाता। लेकिन इनकी कथनी और करनी में काफी अंतर उजागर होता है। साहू ने कहा कि पिछले साढ़े 6 वर्षों में राज्य में सत्ता संभाल रहे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को बताना चाहिए कि उन्होंने झारखंड के आदिवासियों के लिए क्या किया? जल, जंगल जमीन की लूट पर क्या किया? आदिवासियों की सांस्कृतिक विरासत पर हो रहे लगातार हमले को रोकने के लिए क्या किया? साहू ने कहा कि दो दिन पहले देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन महामहिम राष्ट्रपति, जो झारखंड की नातिन हैं, जनजाति समाज की बेटी हैं, उनका पश्चिम बंगाल की धरती पर अपमान हुआ। लेकिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक छोटी प्रतिक्रिया भी नहीं दी। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पेसा कानून के नाम पर राज्य सरकार ने एक्ट की मूल भावना को ही मिटा दिया। उसकी आत्मा ही मार दी।


