सीतामढ़ी जिले के चोरौत प्रखंड में अविश्वास प्रस्ताव खारिज होने के बाद प्रखंड प्रमुख विभा राउत ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने पंचायत समिति सदस्यों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताया। प्रमुख ने दावा किया कि उनके कार्यकाल में विकास कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ कराए गए हैं। सदस्यों ने आरोप लगाया था कि नियमित बैठकें नहीं बुलाई जाती हैं। इस पर प्रमुख विभा राउत ने स्पष्ट किया कि उनके कार्यकाल में लोकसभा और विधानसभा चुनाव हुए, साथ ही पेयजल संकट जैसी परिस्थितियां भी सामने आईं। उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों के बावजूद, पिछले प्रमुख के कार्यकाल की तुलना में अधिक बैठकें आयोजित की गई हैं। प्रमुख ने विकासात्मक योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता की कमी, सदस्यों की उपेक्षा, निर्णय प्रक्रिया में शामिल न करने, वित्तीय एवं प्रशासनिक कार्यों की जानकारी न देने और अनुसूचित जाति के साथ भेदभाव करने जैसे आरोपों को भी पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने कहा कि बैठकों के दौरान सभी सदस्यों को योजनाओं की जानकारी दी जाती है और वित्तीय व प्रशासनिक मामलों से भी अवगत कराया जाता है। बैठक के बाद भी सदस्यों को मौखिक रूप से सभी सूचनाएं उपलब्ध रहती हैं। प्रमुख ने यह भी बताया कि पंचायत समिति सदस्यों द्वारा दिए गए विकास कार्यों के प्रस्तावों को उनकी उपयोगिता के आधार पर प्राथमिकता दी जाती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि विकास योजनाओं में किसी भी सदस्य या जाति के साथ कोई भेदभाव नहीं किया गया है। भ्रष्टाचार के आरोपों पर विभा राउत ने कहा कि प्रखंड क्षेत्र में भ्रष्टाचार की स्थिति के बारे में आम जनता ही बेहतर बता सकती है कि पहले से फैले भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा है या वह बढ़ा है। उन्होंने वर्ष 2021 से पंचायत समिति की योजनाओं के तहत कराए गए सभी कार्यों की जांच कराने की मांग की। साथ ही, प्रत्येक योजना स्थल पर सूचना बोर्ड लगाने की भी बात कही, ताकि आम जनता को अपने प्रतिनिधियों द्वारा कराए गए कार्यों की जानकारी मिल सके। सीतामढ़ी जिले के चोरौत प्रखंड में अविश्वास प्रस्ताव खारिज होने के बाद प्रखंड प्रमुख विभा राउत ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने पंचायत समिति सदस्यों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताया। प्रमुख ने दावा किया कि उनके कार्यकाल में विकास कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ कराए गए हैं। सदस्यों ने आरोप लगाया था कि नियमित बैठकें नहीं बुलाई जाती हैं। इस पर प्रमुख विभा राउत ने स्पष्ट किया कि उनके कार्यकाल में लोकसभा और विधानसभा चुनाव हुए, साथ ही पेयजल संकट जैसी परिस्थितियां भी सामने आईं। उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों के बावजूद, पिछले प्रमुख के कार्यकाल की तुलना में अधिक बैठकें आयोजित की गई हैं। प्रमुख ने विकासात्मक योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता की कमी, सदस्यों की उपेक्षा, निर्णय प्रक्रिया में शामिल न करने, वित्तीय एवं प्रशासनिक कार्यों की जानकारी न देने और अनुसूचित जाति के साथ भेदभाव करने जैसे आरोपों को भी पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने कहा कि बैठकों के दौरान सभी सदस्यों को योजनाओं की जानकारी दी जाती है और वित्तीय व प्रशासनिक मामलों से भी अवगत कराया जाता है। बैठक के बाद भी सदस्यों को मौखिक रूप से सभी सूचनाएं उपलब्ध रहती हैं। प्रमुख ने यह भी बताया कि पंचायत समिति सदस्यों द्वारा दिए गए विकास कार्यों के प्रस्तावों को उनकी उपयोगिता के आधार पर प्राथमिकता दी जाती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि विकास योजनाओं में किसी भी सदस्य या जाति के साथ कोई भेदभाव नहीं किया गया है। भ्रष्टाचार के आरोपों पर विभा राउत ने कहा कि प्रखंड क्षेत्र में भ्रष्टाचार की स्थिति के बारे में आम जनता ही बेहतर बता सकती है कि पहले से फैले भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा है या वह बढ़ा है। उन्होंने वर्ष 2021 से पंचायत समिति की योजनाओं के तहत कराए गए सभी कार्यों की जांच कराने की मांग की। साथ ही, प्रत्येक योजना स्थल पर सूचना बोर्ड लगाने की भी बात कही, ताकि आम जनता को अपने प्रतिनिधियों द्वारा कराए गए कार्यों की जानकारी मिल सके।


