दरभंगा के सिमरी थाना क्षेत्र के कुंवरपट्टी गांव में गेहूं के खेत में अफीम जैसे पौधे मिलने का मामला सामने आया है। सूचना मिलने के बाद सिमरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और संदिग्ध पौधों को जब्त कर वैज्ञानिक जांच के लिए भेज दिया। जानकारी के अनुसार, सिमरी थानाध्यक्ष अरविंद कुमार को रविवार दोपहर 12:20 बजे सूचना मिली कि कुंवरपट्टी गांव में रामनरेश सिंह अपने खेत में अवैध रूप से अफीम की खेती कर रहे हैं। सूचना मिलने के बाद थानाध्यक्ष ने वरीय अधिकारियों और अंचलाधिकारी सिंहवाड़ा को जानकारी देते हुए पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच के दौरान खेत में कुछ पौधे अफीम जैसे दिखे जांच के दौरान रामविनय सिंह के घर के सामने स्थित खेत में गेहूं की फसल के बीच किनारे-किनारे कुछ पौधे अफीम जैसे दिखाई दिए। अंचलाधिकारी के निर्देश पर अंचल अमीन विजय कुमार को बुलाया गया, जिनकी मौजूदगी में खेत का निरीक्षण किया गया। इसी दौरान खेत के पास मौजूद एक व्यक्ति पुलिस को देखकर भागने लगा। पुलिस ने उसे पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन वह भागने में सफल रहा। बाद में महाल चौकीदार ने उसकी पहचान रामनरेश सिंह (पिता- योगेश्वर सिंह), निवासी कुंवरपट्टी, थाना सिमरी के रूप में की। अंचल अमीन द्वारा खेत की मापी की गई, जिसमें लगभग 20×10 फीट (करीब 2 धुर) क्षेत्र में ऐसे पौधे पाए गए। पुलिस ने वहां से करीब 15 संदिग्ध पौधों को सैंपल के रूप में जब्त कर लिया, जबकि खेत में लगे बाकी पौधों को मौके पर ही विनष्ट कर दिया गया। जब्त किए गए पौधों को जांच के लिए नारकोटिक्स विभाग को भेजा जा रहा है। आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज थानाध्यक्ष अरविंद कुमार ने बताया कि बिहार में अफीम की खेती करना, उसका भंडारण या व्यापार करना एनडीपीएस एक्ट 1985 के तहत संज्ञेय अपराध है। मामले में आरोपी रामनरेश सिंह के विरुद्ध सिमरी थाना में कांड संख्या 34/26 दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। इधर खेत मालिक रामनरेश सिंह का कहना है कि उनकी जमीन बंटाई पर दी गई है और खेती बंटाईदार करता है। उन्होंने आशंका जताई कि किसी ने दुश्मनी के तहत उन्हें फंसाने के उद्देश्य से खेत के किनारे ऐसे पौधे लगा दिए होंगे। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और नारकोटिक्स विभाग की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दरभंगा के सिमरी थाना क्षेत्र के कुंवरपट्टी गांव में गेहूं के खेत में अफीम जैसे पौधे मिलने का मामला सामने आया है। सूचना मिलने के बाद सिमरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और संदिग्ध पौधों को जब्त कर वैज्ञानिक जांच के लिए भेज दिया। जानकारी के अनुसार, सिमरी थानाध्यक्ष अरविंद कुमार को रविवार दोपहर 12:20 बजे सूचना मिली कि कुंवरपट्टी गांव में रामनरेश सिंह अपने खेत में अवैध रूप से अफीम की खेती कर रहे हैं। सूचना मिलने के बाद थानाध्यक्ष ने वरीय अधिकारियों और अंचलाधिकारी सिंहवाड़ा को जानकारी देते हुए पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच के दौरान खेत में कुछ पौधे अफीम जैसे दिखे जांच के दौरान रामविनय सिंह के घर के सामने स्थित खेत में गेहूं की फसल के बीच किनारे-किनारे कुछ पौधे अफीम जैसे दिखाई दिए। अंचलाधिकारी के निर्देश पर अंचल अमीन विजय कुमार को बुलाया गया, जिनकी मौजूदगी में खेत का निरीक्षण किया गया। इसी दौरान खेत के पास मौजूद एक व्यक्ति पुलिस को देखकर भागने लगा। पुलिस ने उसे पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन वह भागने में सफल रहा। बाद में महाल चौकीदार ने उसकी पहचान रामनरेश सिंह (पिता- योगेश्वर सिंह), निवासी कुंवरपट्टी, थाना सिमरी के रूप में की। अंचल अमीन द्वारा खेत की मापी की गई, जिसमें लगभग 20×10 फीट (करीब 2 धुर) क्षेत्र में ऐसे पौधे पाए गए। पुलिस ने वहां से करीब 15 संदिग्ध पौधों को सैंपल के रूप में जब्त कर लिया, जबकि खेत में लगे बाकी पौधों को मौके पर ही विनष्ट कर दिया गया। जब्त किए गए पौधों को जांच के लिए नारकोटिक्स विभाग को भेजा जा रहा है। आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज थानाध्यक्ष अरविंद कुमार ने बताया कि बिहार में अफीम की खेती करना, उसका भंडारण या व्यापार करना एनडीपीएस एक्ट 1985 के तहत संज्ञेय अपराध है। मामले में आरोपी रामनरेश सिंह के विरुद्ध सिमरी थाना में कांड संख्या 34/26 दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। इधर खेत मालिक रामनरेश सिंह का कहना है कि उनकी जमीन बंटाई पर दी गई है और खेती बंटाईदार करता है। उन्होंने आशंका जताई कि किसी ने दुश्मनी के तहत उन्हें फंसाने के उद्देश्य से खेत के किनारे ऐसे पौधे लगा दिए होंगे। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और नारकोटिक्स विभाग की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


