मिथिलांचल हरिनाम संत सम्मेलन का 82वां अधिवेशन शुरू:शहर के टाउन क्लब मैदान में श्रीरामार्चा पूजा के साथ हुआ आगाज

मिथिलांचल हरिनाम संत सम्मेलन का 82वां अधिवेशन शुरू:शहर के टाउन क्लब मैदान में श्रीरामार्चा पूजा के साथ हुआ आगाज

मधुबनी में मिथिलांचल हरिनाम संत सम्मेलन का 82वां अधिवेशन मंगलवार को टाउन क्लब मैदान में शुरू हो गया। अधिवेशन के पहले दिन विधि-विधान से श्रीरामार्चा पूजा का आयोजन किया गया। इस पूजा में ज्योतिषाचार्य डॉ. सुनील श्रीवास्तव और उनकी पत्नी यजमान के रूप में शामिल हुए। पंडित मैथिली शरण ने इस अवसर पर कहा कि श्रीरामार्चा पूजा का फल हजारों अश्वमेध यज्ञों के समान होता है। उन्होंने बताया कि जो व्यक्ति इस महायज्ञ में भाग लेता है, उसके समस्त पाप मिट जाते हैं। इस अवसर पर संत सम्मेलन बोर्ड के प्रबंध सचिव विनय कुमार वर्मा, आनंद जी, डब्ल्लू जी, नरेंद्र नारायण सिंह निराला सहित बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालु उपस्थित थीं। विनय कुमार वर्मा ने बताया कि इस संत सम्मेलन में भाग लेने के लिए देश-विदेश से कई ख्यातिप्राप्त संत पहुंच रहे हैं। इनमें सिमरिया के तुलसीपीठाधीश्वर विष्णुदेवाचार्य बाल व्यासजी महाराज, ओडिशा के उत्कल पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामप्रिय दास, श्रीराम कथा कुंज अयोध्या के आचार्य अनंत विभूषित श्रीरामानंद दास जी महाराज शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, वाराणसी से डॉ. जनार्दन दीक्षित, अयोध्या के लवकुश शास्त्री, चित्रकूट की मानस मोहिनी संध्या तिवारी और वृंदावन के गोपी रमण दास भी सम्मेलन में शिरकत करेंगे। पड़ोसी राष्ट्र नेपाल से भी कई साधु-संतों के पहुंचने की उम्मीद है। मधुबनी में मिथिलांचल हरिनाम संत सम्मेलन का 82वां अधिवेशन मंगलवार को टाउन क्लब मैदान में शुरू हो गया। अधिवेशन के पहले दिन विधि-विधान से श्रीरामार्चा पूजा का आयोजन किया गया। इस पूजा में ज्योतिषाचार्य डॉ. सुनील श्रीवास्तव और उनकी पत्नी यजमान के रूप में शामिल हुए। पंडित मैथिली शरण ने इस अवसर पर कहा कि श्रीरामार्चा पूजा का फल हजारों अश्वमेध यज्ञों के समान होता है। उन्होंने बताया कि जो व्यक्ति इस महायज्ञ में भाग लेता है, उसके समस्त पाप मिट जाते हैं। इस अवसर पर संत सम्मेलन बोर्ड के प्रबंध सचिव विनय कुमार वर्मा, आनंद जी, डब्ल्लू जी, नरेंद्र नारायण सिंह निराला सहित बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालु उपस्थित थीं। विनय कुमार वर्मा ने बताया कि इस संत सम्मेलन में भाग लेने के लिए देश-विदेश से कई ख्यातिप्राप्त संत पहुंच रहे हैं। इनमें सिमरिया के तुलसीपीठाधीश्वर विष्णुदेवाचार्य बाल व्यासजी महाराज, ओडिशा के उत्कल पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामप्रिय दास, श्रीराम कथा कुंज अयोध्या के आचार्य अनंत विभूषित श्रीरामानंद दास जी महाराज शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, वाराणसी से डॉ. जनार्दन दीक्षित, अयोध्या के लवकुश शास्त्री, चित्रकूट की मानस मोहिनी संध्या तिवारी और वृंदावन के गोपी रमण दास भी सम्मेलन में शिरकत करेंगे। पड़ोसी राष्ट्र नेपाल से भी कई साधु-संतों के पहुंचने की उम्मीद है।  

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