होली खेलने घर से निकले 41 साल के किसान की बॉडी मंगलवार को गेहूं के खेत में सड़ी-गली हालत में मिली। किसान का शव उसी खेत में मिला जिसमें वह बंटाई पर खेती करता था। पुलिस सभी एंगल से मामले की जांच कर रही है। घटना जालोर जिले के रामसीन थाना क्षेत्र के मांडोली गांव की है। रामसीन थानाधिकारी अरविंद कुमार ने बताया- जिसका शव मिला है वह मांडोली गांव का रहने वाला किसान हिम्मताराम (41) पुत्र समेलाराम हीरागर है। पूछताछ में परिजन से पता चला कि 4 मार्च को सुबह 10 बजे धुलंडी खेलने के लिए हिम्मताराम घर से निकला था। रात तक वह घर नहीं लौटा तो परिजन ने तलाश की। लेकिन उसका कहीं कोई सुराग नहीं लगा। चार दिन तक तलाशने के बाद परिजन ने रविवार 8 मार्च को रामसीन थाने में गुमशुदगी दर्ज करा दी। खेत से बदबू आई तो मिली बॉडी परिजन के अनुसार- मंगलवार दोपहर परिवार के लोग उसी गेहूं के खेत में पहुंचे जहां हिम्मताराम बंटाई पर काम (भावली) करता था। गेहूं के खेत से बदबू आई तो परिवार के लोग फसल के बीच में तलाश करने लगे। तलाश करते-करते हिम्मताराम की क्षत-विक्षत बॉडी पड़ी मिली। शरीर के कई हिस्से सड़-गल गए थे। परिवार के लोगों ने तुरंत रामसीन थाना को सूचना दी। डीएसपी शंकरलाल मसूरिया और रामसीन थानाधिकारी अरविंद कुमार पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। शव को कब्जे में लेकर मॉर्च्युरी में रखवाया। मेडिकल बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम करा कर शव परिजन को सौंप दिया। हिम्मताराम ने मांडोली गांव में ही भाखाराम प्रजापत का खेत ठेके पर लिया था। खेत में उसने गेहूं की फसल लगाई थी। वह ज्यादातर समय खेत में बिताता था। सिंचाई और अन्य कामों में लगा रहता था। तबीयत बिगड़ने से मौत का शक पुलिस के अनुसार- अनुमान है कि खेत पर काम करते समय अचानक हिम्मताराम की तबीयत बिगड़ी होगी। इसके बाद उसकी मौत हो गई। बाकी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार कार्रवाई को आगे बढ़ाएंगे।


