कैमूर में भभुआ शहर के लिच्छवी भवन परिसर में मंगलवार को ‘मलेमा राष्ट्रीय कैडस्ट्रल सर्वे कमेटी’ के तत्वावधान में विस्थापित परिवारों ने दो दिवसीय महाधरना शुरू किया। यह प्रदर्शन भू-माफियाओं द्वारा उनकी पैतृक भूमि पर अवैध कब्जे और फर्जी दाखिल-खारिज के विरोध में किया जा रहा है। यह विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से चांद अंचल के कुड्डी गांव के उन परिवारों द्वारा किया जा रहा है, जिनकी पैतृक भूमि पर दबंगों और भू-माफियाओं ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। ”फर्जी तरीके से जमीन का दाखिल-खारिज अपने नाम करा लिया” धरना स्थल पर कमेटी के सदस्य राम अवतार बिंद ने बताया कि कैडस्ट्रल सर्वे खतियान में यह भूमि स्पष्ट रूप से रघुनंदन बिंद, नागेश्वर बिंद और अन्य पूर्वजों के नाम दर्ज है। इसके बावजूद, भू-माफियाओं ने मिलीभगत कर फर्जी तरीके से जमीन का दाखिल-खारिज अपने नाम करा लिया है। भारी संख्या में प्रभावित परिवारों के जुटने की संभावना प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन को साक्ष्य सौंपने के बाद भी अब तक माफियाओं पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। पीड़ितों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी पुश्तैनी जमीन वापस नहीं मिलती और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई नहीं होती, उनका संघर्ष जारी रहेगा। यह महाधरना बुधवार को भी जारी रहेगा, जिसमें भारी संख्या में प्रभावित परिवारों के जुटने की संभावना है। विस्थापितों ने जिला प्रशासन से अविलंब हस्तक्षेप कर न्याय की गुहार लगाई है। कैमूर में भभुआ शहर के लिच्छवी भवन परिसर में मंगलवार को ‘मलेमा राष्ट्रीय कैडस्ट्रल सर्वे कमेटी’ के तत्वावधान में विस्थापित परिवारों ने दो दिवसीय महाधरना शुरू किया। यह प्रदर्शन भू-माफियाओं द्वारा उनकी पैतृक भूमि पर अवैध कब्जे और फर्जी दाखिल-खारिज के विरोध में किया जा रहा है। यह विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से चांद अंचल के कुड्डी गांव के उन परिवारों द्वारा किया जा रहा है, जिनकी पैतृक भूमि पर दबंगों और भू-माफियाओं ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। ”फर्जी तरीके से जमीन का दाखिल-खारिज अपने नाम करा लिया” धरना स्थल पर कमेटी के सदस्य राम अवतार बिंद ने बताया कि कैडस्ट्रल सर्वे खतियान में यह भूमि स्पष्ट रूप से रघुनंदन बिंद, नागेश्वर बिंद और अन्य पूर्वजों के नाम दर्ज है। इसके बावजूद, भू-माफियाओं ने मिलीभगत कर फर्जी तरीके से जमीन का दाखिल-खारिज अपने नाम करा लिया है। भारी संख्या में प्रभावित परिवारों के जुटने की संभावना प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन को साक्ष्य सौंपने के बाद भी अब तक माफियाओं पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। पीड़ितों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी पुश्तैनी जमीन वापस नहीं मिलती और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई नहीं होती, उनका संघर्ष जारी रहेगा। यह महाधरना बुधवार को भी जारी रहेगा, जिसमें भारी संख्या में प्रभावित परिवारों के जुटने की संभावना है। विस्थापितों ने जिला प्रशासन से अविलंब हस्तक्षेप कर न्याय की गुहार लगाई है।


