ईरान-इजरायल युद्ध में पाकिस्तान का निकल गया तेल, अपने ही लोगों पर थोप दिए ये नियम

ईरान-इजरायल युद्ध में पाकिस्तान का निकल गया तेल, अपने ही लोगों पर थोप दिए ये नियम

Pakistan oil Saving Measures: इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध चल रहा है, जिसके चलते तेल की कीमतों में तेजी नजर आ रही है, जिसके चलते पाकिस्तान समेत कई देशों ने अपने ईंधन भंडार को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया। पाकिस्तान ने तेल को बचाने के लिए अपने ही नागरिकों पर निर्देश दिए हैं। 

दरअसल, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण उत्पन्न वैश्विक ईंधन संकट से निपटने के लिए तेल की बचत के कई उपायों की घोषणा की।

क्या बोले पाकिस्तानी पीएम?

देश को संबोधित करते हुए पाकिस्तानी पीएम ने कहा कि क्षेत्रीय स्थिति और ईरान और इजरायल युद्ध ने हमारी मुश्किल से हासिल की गई आर्थिक स्थिरता को प्रभावित किया है, लेकिन सरकार आम आदमी पर बोझ पड़ने से रोकने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

पाकिस्तानी सरकार ने क्या कदम उठाए?

  • सरकार ने ऑफिस में कर्मचारियों की संख्या को आधा करने और सप्ताह में चार दिन काम करने के निर्देश दिए हैं। 
  • अगले दो महीनों के लिए सरकारी खर्च में 20 प्रतिशत की कमी की जाएगी और सरकारी विभागों के वाहनों के लिए आवंटित ईंधन में भी आधी कटौती की जाएगी।
  • अगले सप्ताह से दो सप्ताह तक स्कूल बंद रहेंगे, जबकि विश्वविद्यालय ऑनलाइन मोड में चले जाएंगे।
  • मंत्रिमंडल के सदस्यों को अगले दो महीनों तक वेतन नहीं मिलेगा।
  • अनावश्यक आधिकारिक विदेशी दौरों पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है।
  • सेमिनार और सम्मेलन भी होटलों के बजाय सरकारी भवनों में आयोजित किए जाएंगे।

यह कदम पाकिस्तानी सरकार द्वारा शनिवार को ईंधन की कीमतों में 55 रुपये की बढ़ोतरी के बाद उठाया गया है, जो देश में अब तक की सबसे अधिक बढ़ोतरी है। 

मरियम नवाज ने भी की घोषणा

वहीं पाकिस्तान के पंजाब राज्य की मुख्यमंत्री मरियम नवाज़ शरीफ ने भी अपने राज्य के लिए कई उपायों की घोषणा की। इसको लेकर उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा कि…

  • सरकारी अधिकारियों के वाहनों के लिए पेट्रोल और डीजल भत्ते में तत्काल 50 प्रतिशत की कटौती की जाएगी।
  • प्रांतीय मंत्रियों और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के साथ चलने वाले प्रोटोकॉल वाहनों पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। 
  • सुरक्षा संबंधी अत्यावश्यक उद्देश्यों के लिए, ऐसे व्यक्तियों के लिए केवल एक ही वाहन की अनुमति है।
  • सरकारी कार्यालयों में घर से काम करने की नीति लागू की जाएगी, जिसके तहत केवल आवश्यक कर्मचारी ही कक्षाओं में उपस्थित होंगे।
  • स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय 10 मार्च से 31 मार्च तक बंद रहेंगे। हालांकि, परीक्षाएं निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित की जाएंगी। इस दौरान शैक्षणिक संस्थान ऑनलाइन कक्षाएं संचालित कर सकते हैं।
  • सरकारी मामलों का निपटारा ऑनलाइन बैठकों और सम्मेलनों के माध्यम से किया जाएगा।
  • सरकार द्वारा आयोजित सभी बाहरी कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए हैं।
  • पेट्रोलियम आपूर्ति की कड़ी निगरानी सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक जिले में जिला पेट्रोलियम निगरानी समितियां स्थापित की गई हैं।
  • वर्क फ्रॉम होम नीति के दौरान केवल अतिरिक्त सहायक कर्मचारियों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी; सरकारी कामकाज बिना किसी रुकावट के जारी रहेगा।
  • निजी क्षेत्र को सलाह दी जाती है कि वे यथासंभव घर से काम करने के उपायों को अपनाएं और अनावश्यक आयोजनों से बचें।
  • जिला प्रशासनों को परिवहन किरायों की कड़ी निगरानी करने और अधिक किराया वसूलने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।

इस दौरान जनता से आग्रह किया जाता है कि वे बाहरी कार्यक्रमों, देर रात खरीदारी और आवश्यक वस्तुओं की अनावश्यक जमाखोरी से बचें।

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