‘मां ने संबंध बनाने से किया मना, इसलिए बेटे को मार डाला…’ हत्या के आरोपी ने कबूला जुर्म; हाथ-पैर काटकर जमीन में दफनाया

Bihar News: बिहार के मुजफ्फरपुर के करजा थाना इलाके में 27 फरवरी से लापता 7 साल के ऋषिकेश की हत्या की गुत्थी सुलझ गई है। पुलिस ने इस मामले में पड़ोसी सिकंदर चौधरी (45) को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी ने जो खुलासा किया, उससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। उसने कबूल किया है कि उसने बच्चे की मां से बदला लेने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया था।

एकतरफा प्यार में था आरोपी

दो बच्चों के पिता सिकंदर चौधरी ने पुलिस के सामने कबूल किया कि वह लंबे समय से ऋषिकेश की मां को पसंद करता था। उसने कई बार उससे अपने प्यार का इजहार किया था और उसके सामने फिजिकल रिलेशन बनाने का भी प्रस्ताव रखा था, लेकिन उसने हमेशा मना कर दिया था।

आरोपी के मुताबिक, ‘मैं उसके साथ सेक्स करना चाहता था, लेकिन वह तैयार नहीं थी। उसने अपने पति को सब कुछ बताने की धमकी दी। इस बेइज्जती का बदला लेने के लिए, मैंने उसके प्यारे बेटे को मारने का फैसला किया।’

मिठाई का लालच देकर उठा ले गया बच्चा

27 फरवरी की दोपहर को, ऋषिकेश अपने घर के बाहर खेल रहा था। सिकंदर उसे मिठाई का लालच देकर गांव से दूर एक खेत में ले गया। मासूम ऋषिकेश, अपने पड़ोसी के इरादों से अनजान, उसके पीछे-पीछे चल दिया। वहां पहुंचने के बाद आरोपी ने वारदात को अंजाम दिया।

हाथ और पैर की उंगलियां काट दीं

सिकंदर ने बताया कि वह सिर्फ बच्चे को मारना नहीं चाहता था, बल्कि उसे टॉर्चर भी करना चाहता था। इसलिए, उसने पहले बच्चे की उंगलियां और फिर उसके पैर की उंगलियां एक धारदार हथियार से काट दीं। जब पुलिस ने इस बेरहमी का कारण पूछा, तो आरोपी ने जवाब दिया, ‘मैंने उंगलियां इसलिए काट दीं ताकि ज्यादा खून बहने से वह मर जाए। मुझे डर था कि अगर वह बच गया, तो भाग जाएगा और सबको मेरा नाम बता देगा।’ इसके बाद उसने बच्चे को करीब 2 फीट गहरे गड्ढे में दफना दिया और वहां से फरार हो गया।

इधर, 27 फरवरी को, बच्चे की मां ने करजा पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस और परिवार वाले लगातार उसकी तलाश कर रहे थे। इसी बीच बच्चे की मिली लाश ने पूरे परिवार को शोक में डाल दिया।

कुत्तों ने खोला दफन राज

घटना के 10 दिन बाद, 8 मार्च की सुबह, कुछ आवारा कुत्ते खेत में गड्ढा खोदते दिखे। गड्ढे से तेज बदबू आ रही थी। जब गांव वाले पास गए, तो वे हैरान रह गए। जमीन के नीचे से एक बच्चे की सड़ी-गली लाश दिख रही थी। परिवार ने उसके कपड़ों के आधार पर उसकी पहचान ऋषिकेश के रूप में की।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

मृतक के पिता अशोक सिंह और मां सोनी का रो-रोकर बुरा हाल है। मां ने बताया कि सिकंदर उसे अक्सर परेशान करता था और बर्बाद करने की धमकी देता था। पिता ने बताया कि आरोपी पहले उनके घर में चोरी भी कर चुका था। गिरफ्तारी के बाद पीड़ित मां भर्राई आवाज में कहती हैं, ‘मेरी दुनिया उजड़ गई, मैं चाहती हूं कि उसे भी वही दर्द मिले जो मेरे बेटे ने सहा है।’

स्पीडी ट्रायल की तैयारी में पुलिस

मुजफ्फरपुर SSP कांतेश कुमार मिश्रा ने कहा कि परिवार के शक के आधार पर सिकंदर को हिरासत में लिया गया था। कड़ी पूछताछ के बाद उसने पूरी कहानी बता दी। पुलिस अब इस मामले में स्पीडी ट्रायल चलाने की तैयारी कर रही है और यह पक्का कर रही है कि आरोपी को सख्त से सख्त सज़ा मिले।

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