जयपुर: पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव में दो बच्चों तक की बाध्यता हटाने के लिए विधेयक सोमवार को विधानसभा से पारित हो गया। शहरी निकायों के लिए मंगलवार को ऐसा ही विधेयक पारित करने की तैयारी है।
इसके विपरीत सहकारी संस्थाओं के चुनाव और सफाई कर्मचारी से लेकर प्रदेश की सबसे बड़ी प्रशासनिक सेवा तक में दो से अधिक बच्चे होने पर नियुक्ति अटकने का प्रावधान बरकरार है। इसके अलावा 10 से अधिक ऐसी सरकारी योजनाएं हैं, जिनमें तीसरे बच्चे को योजना का लाभ नहीं दिया जाता।
31 साल से चला आ रहा प्रावधान
पंचायत एवं शहरी निकाय चुनाव में दो से अधिक बच्चे वालों को प्रत्याशी बनने से रोकने का प्रावधान करीब 31 साल से चला आ रहा है। अब इस प्रावधान की विदाई हो रही है, लेकिन सरकारी भर्तियों में अब भी दो से अधिक बच्चे वालों को जगह नहीं है।
भर्तियों के लिए यह प्रावधान करीब 20 वर्ष से चला आ रहा है। वहीं, केंद्र और राज्य सरकार की स्वास्थ्य, शिक्षा व पोषण से जुड़ी 10 से अधिक योजनाओं में एक ही परिवार के दो से अधिक बच्चों को लाभ नहीं दिया जा रहा। इसका सीधा असर तीसरे बच्चे के स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण पर हो रहा है।
योजनाएं, जिनमें तीसरे बच्चे को लाभ नहीं
प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजनाः पहले बच्चे के लिए पांच हजार एवं दूसरा बच्चा बेटी होने पर छह हजार रुपए।
निर्माण श्रमिक शिक्षा एवं कौशल विकास योजनाः निर्माण श्रमिकों के 10 एवं 12वीं में पढ़ने वाले बच्चों को चार से छह हजार रुपए तक छात्रवृत्ति, लेकिन इनके मेरिट में पहले दस बच्चों में शामिल होने पर एक लाख रुपए तक प्रोत्साहन राशि।
मुख्यमंत्री राजश्री योजना (लाडो प्रोत्साहन योजना): महिला या वयस्क पुत्री को उद्यमिता प्रोत्साहन के लिए 55 हजार रुपए। लेकिन यह महिला एवं एक बेटी अथवा दोनों बेटियों तक सीमित।
प्रसूति सहायता योजनाः निर्माण श्रमिक महिला को पुत्री होने पर 21 हजार एवं पुत्र होने पर 20 हजार रुपए सहायता, यह दो बच्चों तक ही सीमित।
मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजनाः जनजातीय जिलों में दूसरी संतान के लिए गर्भधारण के समय पोषण के लिए तीन किश्त में छह हजार रुपए।
मुख्यमंत्री कन्यादान योजनाः एससी-एसटी व अल्पसंख्यक आवेदक की वार्षिक आय 50 हजार रुपए तक होने पर दो बेटियों तक 21 से 51 हजार रुपए तक, इनमें दिव्यांग, पालनहार लाभार्थी व महिला खिलाड़ी भी शामिल।
शुभ शक्ति योजनाः महिला या वयस्क पुत्री को उद्यमिता प्रोत्साहन के लिए 55 हजार रुपए, लेकिन यह महिला एवं एक बेटी अथवा दोनों बेटियों तक सीमित।
मुख्यमंत्री बालिका संबल योजनाः एक या दो बेटी होने पर नसबंदी कराने की स्थिति में 10 हजार रुपए का बॉण्ड, जो बालिका के 18 वर्ष की होने पर 78 हजार रुपए मिलेंगे।
राजस्थान पत्रकार स्वास्थ्य योजनाः पति-पत्नी, 21 वर्ष तक के दो आश्रित बच्चे व आश्रित माता-पिता के स्वास्थ्य के लिए बीमा।


