ट्रम्प की धमकी- ईरान पर 20 गुना ताकत से हमला:अब तक 5000 ठिकानों को निशाना बनाया, दुश्मन के खात्मे तक जंग जारी रहेगी

ट्रम्प की धमकी- ईरान पर 20 गुना ताकत से हमला:अब तक 5000 ठिकानों को निशाना बनाया, दुश्मन के खात्मे तक जंग जारी रहेगी

अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का 11वां दिन हैं। राष्ट्रपति ट्रम्प ने सोमवार रात ईरान पर बड़े हमले की धमकी दी है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में तेल की सप्लाई रोकने की कोशिश की, तो अमेरिका उस पर 20 गुना ज्यादा ताकत से हमला करेगा। दुश्मन के पूरी तरह खत्म होने तक यह जंग जारी रहेगी। ट्रम्प ने यह भी बताया कि युद्ध शुरू होने के बाद से अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान में अब तक 5,000 से ज्यादा ठिकानों पर हमला किया है। उन्होंने कहा कि कुछ बहुत अहम ठिकानों को अभी जानबूझकर नहीं निशाना बनाया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर बाद में कार्रवाई की जा सके। फ्लोरिडा के डोरल शहर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका और इजराइल ने इस युद्ध में काफी बड़ी बढ़त हासिल कर ली है और हो सकता है कि यह लड़ाई जल्द खत्म हो जाए, लेकिन फिलहाल मिलिट्री ऑपरेशन जारी रहेगा। राष्ट्रगान न गाने वाली 5 ईरानी खिलाड़ियों को ऑस्ट्रेलिया ने शरण दी एशियन कप से बाहर होने के बाद ईरान की महिला फुटबॉल टीम की पांच खिलाड़ियों को ऑस्ट्रेलिया ने मानवीय वीजा देकर अपने देश में रहने की इजाजत दे दी है। ऑस्ट्रेलिया के इमिग्रेशन मंत्री टोनी बर्क ने बताया कि इन खिलाड़ियों को पुलिस ने सुरक्षित जगह पर पहुंचा दिया है। जिन खिलाड़ियों को वीजा मिला है उनके नाम फतेमेह पसंदिदेह, जहरा घनबारी, जहरा सरबली, अतेफे रमजानजादेह और मोना हमौदी हैं। सरकार ने कहा है कि अगर बाकी खिलाड़ी भी चाहें तो वे भी ऑस्ट्रेलिया में रह सकती हैं। दरअसल, पिछले हफ्ते दक्षिण कोरिया के खिलाफ मैच से पहले ईरान की टीम ने अपना राष्ट्रगान नहीं गाया था। इसके बाद ईरान में कुछ लोगों ने टीम की आलोचना की और उन्हें सख्त सजा देने की मांग भी की। इसी वजह से खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी। रविवार को गोल्ड कोस्ट स्टेडियम के बाहर सैकड़ों लोगों ने टीम के समर्थन में “सेव अवर गर्ल्स” के नारे लगाए और खिलाड़ियों को सुरक्षित रखने की मांग की। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने भी पुष्टि की कि इन पांच खिलाड़ियों को मानवीय वीजा दे दिया गया है। इस वीजा के तहत वे ऑस्ट्रेलिया में रह सकती हैं, काम कर सकती हैं और पढ़ाई भी कर सकती हैं। इसी मामले पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने भी कहा था कि अगर जरूरत पड़े तो अमेरिका भी इन खिलाड़ियों को शरण देने के लिए तैयार है। ईरानी महिला खिलाड़ियों के राष्ट्रगान न गाने का वीडियो… इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग से जुड़ी तस्वीरें… अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *