प्रयागराज से LKG छात्र प्रतीक शर्मा (6) का अपहरण करने वालों की तलाश में पुलिस की दो टीमें आधी रात तक छापेमारी करती रहीं। पुलिस टीमों ने दो संदिग्धों को उठा लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। पकड़े गए दोनों आरोपी प्रतीक के ननिहाल के गांव के ही रहने वाले हैं। रिश्ते में प्रतीक का मामा लगने वाले युवक ने अपने दोस्त के साथ अपहरण की योजना तैयार की थी। रिश्तेदार प्रतीक के घरवालों से खुन्नस खाए था, उन्हें सबक देने के लिए उसने बच्चे को अगवा किया। मोबाइल को सर्विलांस पर डालने की वजह से पुलिस को उनकी लोकेशन मिली और दोनों को मासूम प्रतीक को छोड़कर भागना पड़ा था। रिश्तेदारों से पूछताछ के बाद पुलिस ने दो संदिग्धों को उठाया है। उनकी निशानदेही पर देर रात तक छापेमारी चलती रही। हालांकि पुलिस अभी किसी की भी गिरफ्तारी से इंकार कर रही है। डीसीपी यमुनानगर विवेक कुमार यादव ने बताया कि बच्चे को घरवालों को सौंप दिया गया है। घरवालों से पूछताछ हुई है। इस साजिश में जो भी शामिल थे उनकी तलाश में छापेमारी चल रही है। मासूम को लेकर गांव में घूमे पिता, हर किसी ने दुलारा उधर सोमवार को प्रतीक से मिलने उसके रिश्तेदार घर पहुंचते रहे। 28 घंटे तक अपहरणकर्ताओं के चंगुल में रहा प्रतीक अब अपनी मां और पिता के पास पहुंच खिलखिला रहा है। प्रतीक के पिता मुंबई से लौट आए हैं। सोमवार को वह प्रतीक को लेकर गांव में घूमते रहे। जो कोई भी प्रतीक को देखता उसे दुलार करता। सोमवार को भी पुलिस की एक टीम ने प्रतीक की मां और पिता से पूछताछ की। प्रतीक की मां आरती के मायके वाले इलाके में रहने वाले आरोपियों के बारे में लंबी पूछताछ की गई। जानिये बनारस के नमो घाट पर कैसे मिला प्रतीक फिल्मी स्टाइल में अगवा किए गए LKG छात्र को पुलिस ने 28 घंटे बाद बरामद कर लिया है। वारदात के बाद मां ने मायके के एक लड़के पर शक जताया था। पुलिस को भी जांच में वह संदिग्ध लगा। पुलिस उसका मोबाइल नंबर ट्रेस करते हुए वाराणसी पहुंची। नमो घाट पर घेराबंदी की, तो वह अपने साथियों के साथ 6 साल के बच्चे को छोड़कर भाग गया। पुलिस ने उनका पीछा किया, लेकिन बदमाश भाग गए। पुलिस की 2 टीमें नमो घाट पर कई संदिग्धों को पकड़ कर उनसे पूछताछ कर रही हैं। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने X पर पोस्ट करके पुलिस को बधाई दी। अब पढ़िए अपहरण की कहानी 6 साल के प्रतीक को सरेआम अगवा करने वाले बदमाश रिश्तेदार निकले। प्रतीक का ननिहाल यानी उसकी मां आरती का मायका करछना थाना क्षेत्र के बबुरा गांव में है। आरोपी भी उसी गांव के हैं। बरामदी के बाद बच्चे ने पुलिस को धीरे-धीरे सारी जानकारी दी। उसने बताया कि उसे रिश्ते के मामा और उनके दोस्त ले गए थे। बदमाशों ने कोई फिरौती नहीं मांगी थी। इससे साफ है कि उन्होंने खुन्नस में वारदात को अंजाम दिया। अब पुलिस इसकी वजह जानने में लगी है। अपहरणकर्ता ने मां को किया था कॉल
प्रतीक की मां आरती के पास अपहरणकर्ता अक्सर कॉल करता था। परेशान होकर उसने आरोपी का नंबर ब्लाक कर दिया था। बेटे के अपहरण के बाद मां ने ये बात पुलिस को बताई थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को ट्रेस करना शुरू किया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वाराणसी में पुलिस टीमें छापेमारी में जुटी हैं। बच्चे को लेकर एक टीम प्रयागराज के लिए चल दी है। आरोपी करछना के बबुरा गांव के रहने वाले हैं। पुलिस ने उसके घर वालों को बच्चे के मिलने की खबर दे दी है। अखिलेश ने कहा- पुलिसवाले प्रशंसा के पात्र
बच्चे की बरामदगी पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने X पर लिखा- प्रयागराज में एक मासूम के सकुशल घर लौटने पर जो खुशी उसके परिवारवालों को हो रही है, वो हम सब परिवारवालों को भी हो रही है। जिन पुलिसवालों ने इस कार्रवाई में मुस्तैदी से अपना कर्तव्य निभाया है, वो सब प्रशंसा के पात्र हैं। भाजपा सरकार अगर पुलिस को भ्रष्टाचार के लिए बाध्य न करें तो अभी भी अधिकांश पुलिसकर्मी अपना फर्ज पूरी ईमानदारी से निभाने के लिए तत्पर रहते हैं। अगर पुलिस पहले से ही सक्रिय रहे तो अपराध घटित ही न हों। डीसीपी यमुनानगर विवेक कुमार यादव ने बताया- बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया गया है। अपहरण करने वाले बदमाशों की तलाश में टीमें छापेमारी कर रही हैं। जांच और बच्चे से पूछताछ में साफ हुआ है कि उसका अपहरण रिश्ते में मामा लगने वाले शख्स ने किया था। दूसरे आरोपियों को भी बच्चा मामा ही बोलता था। आरोपियों के पकड़ने के बाद पूरी कहानी और वजह साफ हो सकेगी। अब पढ़िए अपहरण की घटना… स्कूल वैन से आता-जाता था मासूम
मांडा के सराय कला गांव का रहने वाला प्रतीक शर्मा (6) रामनगर में सोनार का तारा स्थित स्कूल में LKG में पढ़ता है। दादा नागेश्वर प्रसाद ने बताया- प्रतीक रोज की तरह शनिवार को भी स्कूल गया था। स्कूल गांव से करीब 15 किलोमीटर दूर है। बच्चा स्कूल वैन से आता-जाता था। सफेद रंग की ऑल्टो कार से आए बदमाश
दादा ने बताया- रोज की तरह शनिवार को भी शाम 4 बजे उसे स्कूल वैन छोड़ने गांव में आई। पहले की तरह घर से करीब 150 मीटर दूर वह वैन से उतरा। मैं वहां पहुंच ही रहा था कि 20 कदम की दूरी पर एक कार रुकी। उसमें बैठे लोगों ने मुझसे जेवनियां गांव जाने का रास्ता पूछा। मैं उनको रास्ता बता रहा था कि प्रतीक के वैन से नीचे उतरते ही वे लोग उसे खींचकर कार में बैठा लिए और भाग गए। उन्होंने बताया- कार की नंबर प्लेट टूटी थी। इस वजह से नंबर दिखा नहीं। मैंने शोर मचाया, कार के पीछे भागा भी। लेकिन कुछ नहीं कर पाया। मैं बदहवास होकर जमीन पर गिर गया। मैंने दोनों बदमाशों को पहले कभी नहीं देखा है। बच्चे के पापा मुंबई में सिक्योरिटी गार्ड
प्रतीक के पिता ओम प्रकाश शर्मा मुंबई के एक अपार्टमेंट में सिक्योरिटी गार्ड हैं। गांव में उनकी पत्नी, दो बच्चों के अलावा उनके पिता नागेश्वर रहते हैं। ओम प्रकाश के दो बच्चों में 6 साल का प्रतीक बड़ा है। उससे छोटी एक बेटी है, जो तीन साल की है। उधर, पिता ओम प्रकाश को मुंबई में जब बेटे के अपहरण की सूचना दी गई, तो वह बेहोश हो गए थे। परिजन के अनुसार, शनिवार रात को वह प्रयागराज आने के लिए चल दिए थे। ———————- ये खबर भी पढ़ें… पिता की हत्या करके बहन के साथ चिकन खाया: लखनऊ में नीले ड्रम में बेटा लाश जलाने वाला था, दूसरी शादी की चर्चा से खफा था लखनऊ की जानी-मानी पैथोलॉजी के मालिक की हत्या के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। बताया जा रहा कि वर्धमान पैथोलॉजी के ओनर मानवेंद्र सिंह की दूसरी शादी की बात चल रही थी। इससे उनके बच्चे खासे नाराज थे। इसके चलते पिता की हत्या कर लाश नीले ड्रम में भर दी। पुलिस पूछताछ में 21 साल के आरोपी बेटे अक्षत प्रताप सिंह उर्फ राजा ने कबूला कि पिता की हत्या के बाद वह अपनी चाची के पास गया। पढ़ें पूरी खबर…


