‘फिजिकल रिलेशन नहीं बना रही थी, इसलिए बेटे को मारा’:महिला से एकतरफा प्यार करने वाला प्रेमी बोला- हाथ-पैर काटकर मारा, 2 फीट गहरे गड्डे में दफनाया

‘फिजिकल रिलेशन नहीं बना रही थी, इसलिए बेटे को मारा’:महिला से एकतरफा प्यार करने वाला प्रेमी बोला- हाथ-पैर काटकर मारा, 2 फीट गहरे गड्डे में दफनाया

‘बच्चे की मां को मैं पसंद करता था। कई बार प्यार का इजहार किया, मैं उसके साथ फिजिकल रिलेशन बनाना चाहता था, लेकिन वो इसके लिए तैयार नहीं हो रही थी, इसलिए महिला के बेटे को मार डाला।’ मुजफ्फरपुर के करजा थाना में 7 साल के बच्चे ऋषिकेश की हत्या के आरोपी ने अपने कबूलानामा में ये बातें कही है। आरोपी 45 साल के सिकंदर चौधरी को पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार किया था। उसने बताया कि 27 फरवरी को ही मैंने बच्चे को उसके घर के पास से उठाया था और फिर उसकी हाथ-पैर काटकर हत्या कर दी। 10 दिन बाद यानी 8 मार्च को मासूम बच्चे की लाश उसके घर से कुछ दूरी पर चैनपुर पररी गांव के चंवर में दफनाया हुआ मिला था। बच्चे के हाथ और पैर के दोनों पंजे कटे थे। आरोपी के अफेयर का क्या मामला है? आरोपी ने अपने कबूलनामा में पुलिस को क्या बताया है? आरोपी ने बच्चे के हाथ और पैर के पंजे को क्यों काटा था? पढ़िए पूरी रिपोर्ट। सबसे पहले पढ़िए 7 साल के बच्चे की हत्या के आरोपी का कबूलनामा 2 बच्चों के पिता सिकंदर चौधरी ने कहा कि बच्चा मेरा पड़ोसी है। उसकी मां से मैं प्यार करता हूं। मैंने कई बार उसकी मां से प्यार का इजहार किया, लेकिन उसने मना कर दिया। मैं उसके साथ फिजिकल होना चाहता था, लेकिन वो इसके लिए तैयार नहीं थी। एक बार उसने मुझे धमकी भी दी कि पति से बता दूंगी, फिर तुम्हारी कोई इज्जत नहीं रह जाएगी। आरोपी ने बताया कि महिला की ओर से मिली धमकी और मेरे प्यार को स्वीकार करने से इनकार पर मैंने महिला से बदला लेने की ठान ली। 27 फरवरी की दोपहर बच्चे को उसके घर के पास से उठा लिया था। फिर प्लान के मुताबिक उसे चंवर में ले गया। सिकंदर ने बताया कि बच्चे को मैंने मिठाई का लालच दिया था, जिसके चलते वो मेरे साथ चलने को तैयार हो गया। इसके बाद मैं उसे अपने साथ चंवर में ले गया। जहां धारदार हथियार से पहले हाथ और फिर पैर का पंजा काट दिया। अब जानिए आरोपी ने हाथ और पैर का पंजा क्यों काटा? पुलिस ने जब आरोपी से पूछा कि तुमने बच्चे की हत्या प्रतिशोध में की, लेकिन उसके हाथ और पैर के पंजे को क्यों काटा? इसके जवाब में आरोपी ने कहा कि ऐसा मैंने इसलिए किया, क्योंकि खून गिरने से बच्चे की मौत हो जाए और अगर बच जाए तो वो भाग न पाए। बच्चे की हत्या के बाद मैंने जल्दबाजी में डेढ़ से 2 फीट गहरा गड्डा खोदा और बच्चे की लाश को उसमें दफना दिया। 10 दिनों बाद 7 साल के मासूम की कैसे मिली लाश? 27 फरवरी की दोपहर करीब 3 बजे घर के पास से गायब हो गया था। उसी दिन ऋषिकेश की मां ने अपने बेटे की गुमशुदगी को लेकर करजा थाने में आवेदन दिया था। उन्होंने आवेदन में लिखा था कि मेरा 7 साल का बेटा ऋषिकेश कुमार घर के पास से खेलते समय गायब हो गया है। उन्होंने बताया कि देर शाम तक जब मेरा बेटा नहीं लौटा तो हम लोगों ने खोजबीन शुरू की। गांव के लोगों से बेटे के बारे में पूछताछ की, लेकिन ऋषिकेश का कुछ पता नहीं चला। इसके बाद से पुलिस के साथ-साथ बच्चे के माता-पिता लगातार उसकी तलाश कर रहे थे। रविवार की सुबह कुछ आवारा कुत्ते गड्डा खोद रहे थे। इसी दौरान गांव के कुछ लोगों ने कुत्तों के झुंड को देखा। थोड़ी देर में वहां मौजूद लोगों को बदबू आने लगी। लोगों को कुछ अनहोनी की आशंका हुई। चंवर में घास काटने पहुंचे लोग कुत्ते के झुंड के पास पहुंचे तो देखा कि बच्चे की लाश दफनाई गई है, जो सड़ी-गली हालत में है। इसके बाद गांव के लोगों ने शोर मचाया। बच्चे के कपड़े से माता-पिता ने की पहचान जानकारी के मुताबिक, बच्चे की लाश मिलने की जानकारी उसके माता-पिता को मिली। परिजनों ने बच्चे के कपड़े से उसकी पहचान की। इसके बाद लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। ऋषिकेश के माता-पिता ने पुलिस को बताया कि सिकंदर की ओर से लगातार परेशान करने की कहानी बताई। मृतक के पिता अशोक सिंह ने कहा कि मेरे बच्चे की सिकंदर चौधरी ने हत्या कर दी। सिकंदर से एक बार विवाद हुआ था। मेरे घर में चोरी की थी। थाने में आवेदन दिया था। मेरी 4 बेटी है, सबसे छोटा बेटा था। बेटे के गायब होने के बाद सिकंदर घर छोड़कर भाग गया था, मुझे शक हुआ कि मेरे बेटे को यही लेकर भागा है। 5 मार्च को सिकंदर अपने घर पहुंचा। मुझे पता चला कि वो फिर भागने वाला है। इससे पहले पुलिस ने उसे हिरासत में लिया। बच्चे की मां सोनी ने कहा कि सिकंदर ने धमकी दी थी कि बेटे को उठा लेंगे। मैं चाहती हूं कि जैसे मेरा बेटा मरा है, उसी तरह उसका भी बेटा मरे। तब मुझे शांति मिलेगी। ‘आरोपी लगातार बच्चे की मां को कॉल कर परेशान करता था’ SSP कांतेश कुमार मिश्रा ने कहा कि आरोपी की ओर से मृतक की मां को लगातार परेशान किया जा रहा था। कई बार बर्बाद करने की धमकी दी थी। परिजनों के बयान पर सिकंदर को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इस दौरान उसने हत्या की पूरी कहानी बताई। इसके बाद उसे गिरफ्तार किया। पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है। ‘बच्चे की मां को मैं पसंद करता था। कई बार प्यार का इजहार किया, मैं उसके साथ फिजिकल रिलेशन बनाना चाहता था, लेकिन वो इसके लिए तैयार नहीं हो रही थी, इसलिए महिला के बेटे को मार डाला।’ मुजफ्फरपुर के करजा थाना में 7 साल के बच्चे ऋषिकेश की हत्या के आरोपी ने अपने कबूलानामा में ये बातें कही है। आरोपी 45 साल के सिकंदर चौधरी को पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार किया था। उसने बताया कि 27 फरवरी को ही मैंने बच्चे को उसके घर के पास से उठाया था और फिर उसकी हाथ-पैर काटकर हत्या कर दी। 10 दिन बाद यानी 8 मार्च को मासूम बच्चे की लाश उसके घर से कुछ दूरी पर चैनपुर पररी गांव के चंवर में दफनाया हुआ मिला था। बच्चे के हाथ और पैर के दोनों पंजे कटे थे। आरोपी के अफेयर का क्या मामला है? आरोपी ने अपने कबूलनामा में पुलिस को क्या बताया है? आरोपी ने बच्चे के हाथ और पैर के पंजे को क्यों काटा था? पढ़िए पूरी रिपोर्ट। सबसे पहले पढ़िए 7 साल के बच्चे की हत्या के आरोपी का कबूलनामा 2 बच्चों के पिता सिकंदर चौधरी ने कहा कि बच्चा मेरा पड़ोसी है। उसकी मां से मैं प्यार करता हूं। मैंने कई बार उसकी मां से प्यार का इजहार किया, लेकिन उसने मना कर दिया। मैं उसके साथ फिजिकल होना चाहता था, लेकिन वो इसके लिए तैयार नहीं थी। एक बार उसने मुझे धमकी भी दी कि पति से बता दूंगी, फिर तुम्हारी कोई इज्जत नहीं रह जाएगी। आरोपी ने बताया कि महिला की ओर से मिली धमकी और मेरे प्यार को स्वीकार करने से इनकार पर मैंने महिला से बदला लेने की ठान ली। 27 फरवरी की दोपहर बच्चे को उसके घर के पास से उठा लिया था। फिर प्लान के मुताबिक उसे चंवर में ले गया। सिकंदर ने बताया कि बच्चे को मैंने मिठाई का लालच दिया था, जिसके चलते वो मेरे साथ चलने को तैयार हो गया। इसके बाद मैं उसे अपने साथ चंवर में ले गया। जहां धारदार हथियार से पहले हाथ और फिर पैर का पंजा काट दिया। अब जानिए आरोपी ने हाथ और पैर का पंजा क्यों काटा? पुलिस ने जब आरोपी से पूछा कि तुमने बच्चे की हत्या प्रतिशोध में की, लेकिन उसके हाथ और पैर के पंजे को क्यों काटा? इसके जवाब में आरोपी ने कहा कि ऐसा मैंने इसलिए किया, क्योंकि खून गिरने से बच्चे की मौत हो जाए और अगर बच जाए तो वो भाग न पाए। बच्चे की हत्या के बाद मैंने जल्दबाजी में डेढ़ से 2 फीट गहरा गड्डा खोदा और बच्चे की लाश को उसमें दफना दिया। 10 दिनों बाद 7 साल के मासूम की कैसे मिली लाश? 27 फरवरी की दोपहर करीब 3 बजे घर के पास से गायब हो गया था। उसी दिन ऋषिकेश की मां ने अपने बेटे की गुमशुदगी को लेकर करजा थाने में आवेदन दिया था। उन्होंने आवेदन में लिखा था कि मेरा 7 साल का बेटा ऋषिकेश कुमार घर के पास से खेलते समय गायब हो गया है। उन्होंने बताया कि देर शाम तक जब मेरा बेटा नहीं लौटा तो हम लोगों ने खोजबीन शुरू की। गांव के लोगों से बेटे के बारे में पूछताछ की, लेकिन ऋषिकेश का कुछ पता नहीं चला। इसके बाद से पुलिस के साथ-साथ बच्चे के माता-पिता लगातार उसकी तलाश कर रहे थे। रविवार की सुबह कुछ आवारा कुत्ते गड्डा खोद रहे थे। इसी दौरान गांव के कुछ लोगों ने कुत्तों के झुंड को देखा। थोड़ी देर में वहां मौजूद लोगों को बदबू आने लगी। लोगों को कुछ अनहोनी की आशंका हुई। चंवर में घास काटने पहुंचे लोग कुत्ते के झुंड के पास पहुंचे तो देखा कि बच्चे की लाश दफनाई गई है, जो सड़ी-गली हालत में है। इसके बाद गांव के लोगों ने शोर मचाया। बच्चे के कपड़े से माता-पिता ने की पहचान जानकारी के मुताबिक, बच्चे की लाश मिलने की जानकारी उसके माता-पिता को मिली। परिजनों ने बच्चे के कपड़े से उसकी पहचान की। इसके बाद लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। ऋषिकेश के माता-पिता ने पुलिस को बताया कि सिकंदर की ओर से लगातार परेशान करने की कहानी बताई। मृतक के पिता अशोक सिंह ने कहा कि मेरे बच्चे की सिकंदर चौधरी ने हत्या कर दी। सिकंदर से एक बार विवाद हुआ था। मेरे घर में चोरी की थी। थाने में आवेदन दिया था। मेरी 4 बेटी है, सबसे छोटा बेटा था। बेटे के गायब होने के बाद सिकंदर घर छोड़कर भाग गया था, मुझे शक हुआ कि मेरे बेटे को यही लेकर भागा है। 5 मार्च को सिकंदर अपने घर पहुंचा। मुझे पता चला कि वो फिर भागने वाला है। इससे पहले पुलिस ने उसे हिरासत में लिया। बच्चे की मां सोनी ने कहा कि सिकंदर ने धमकी दी थी कि बेटे को उठा लेंगे। मैं चाहती हूं कि जैसे मेरा बेटा मरा है, उसी तरह उसका भी बेटा मरे। तब मुझे शांति मिलेगी। ‘आरोपी लगातार बच्चे की मां को कॉल कर परेशान करता था’ SSP कांतेश कुमार मिश्रा ने कहा कि आरोपी की ओर से मृतक की मां को लगातार परेशान किया जा रहा था। कई बार बर्बाद करने की धमकी दी थी। परिजनों के बयान पर सिकंदर को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इस दौरान उसने हत्या की पूरी कहानी बताई। इसके बाद उसे गिरफ्तार किया। पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।  

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