चिरैया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली पीसीसी सड़क चलने लायक नहीं

चिरैया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली पीसीसी सड़क चलने लायक नहीं

भास्कर न्यूज | चिरैया प्रखंड मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्रखंड कार्यालय को चिरैया-पुरनहिया मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली पीसीसी सड़क पूरी तरह जर्जर हो गई है। निर्माण के कुछ ही वर्षों के भीतर सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई है, जिससे राहगीरों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रखंड कार्यालय और अस्पताल के पीछे से होकर गुजरने वाली यह सड़क मुख्य मार्ग में मिलती है। इस मार्ग से रोजाना प्रखंड क्षेत्र के बेलही, भेड़ियाही, महुआवा, रामपुर, दीपही और धरहरवा समेत दर्जनों गांवों के लोग प्रखंड कार्यालय, किसान भवन, अंचल कार्यालय और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आने-जाने के लिए इसी सड़क का उपयोग करते हैं। लेकिन वर्तमान स्थिति ऐसी हो गई है कि साइकिल और बाइक तो दूर, पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। सड़क पर जगह-जगह बने सैकड़ों गड्ढों के कारण राहगीरों को जान जोखिम में डालकर गुजरना पड़ता है। खासकर मरीजों और बुजुर्गों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार आए दिन लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। करीब एक किलोमीटर लंबी इस सड़क की खराब गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों ने निर्माण कार्य पर सवाल उठाए हैं। लोगों का आरोप है कि निर्माण के दौरान घटिया सामग्री का उपयोग किया गया। मानक से कम सीमेंट, गिट्टी तथा मिट्टी मिश्रित बालू के प्रयोग और कम ढलाई के कारण सड़क जल्दी टूट गई। भास्कर न्यूज | चिरैया प्रखंड मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्रखंड कार्यालय को चिरैया-पुरनहिया मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली पीसीसी सड़क पूरी तरह जर्जर हो गई है। निर्माण के कुछ ही वर्षों के भीतर सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई है, जिससे राहगीरों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रखंड कार्यालय और अस्पताल के पीछे से होकर गुजरने वाली यह सड़क मुख्य मार्ग में मिलती है। इस मार्ग से रोजाना प्रखंड क्षेत्र के बेलही, भेड़ियाही, महुआवा, रामपुर, दीपही और धरहरवा समेत दर्जनों गांवों के लोग प्रखंड कार्यालय, किसान भवन, अंचल कार्यालय और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आने-जाने के लिए इसी सड़क का उपयोग करते हैं। लेकिन वर्तमान स्थिति ऐसी हो गई है कि साइकिल और बाइक तो दूर, पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। सड़क पर जगह-जगह बने सैकड़ों गड्ढों के कारण राहगीरों को जान जोखिम में डालकर गुजरना पड़ता है। खासकर मरीजों और बुजुर्गों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार आए दिन लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। करीब एक किलोमीटर लंबी इस सड़क की खराब गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों ने निर्माण कार्य पर सवाल उठाए हैं। लोगों का आरोप है कि निर्माण के दौरान घटिया सामग्री का उपयोग किया गया। मानक से कम सीमेंट, गिट्टी तथा मिट्टी मिश्रित बालू के प्रयोग और कम ढलाई के कारण सड़क जल्दी टूट गई।  

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